गांधीनगर, गुजरात, 14 अक्टूबर । गुजरात और राजस्थान में यूके के डिप्टी हाई कमिश्नर स्टीव हिकलिंग ने बुधवार को कहा कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) से दोनों देशों की कंपनियों को फायदा हो रहा है और ब्रिटिश कंपनियां देश में कई उद्योगों में निवेश बढ़ रही हैं।समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में हिकलिंग में कहा, "दोनों देशों के बीच हुए एफटीए के तहत यूके में आयात होने वाले भारतीय सामानों की 99 प्रतिशत प्रोडक्ट लाइन्स और भारत में आयात होने वाले यूके के सामानों की 90 प्रतिशत प्रोडक्ट लाइन्स पर टैरिफ कम करने या खत्म करने की व्यवस्था है। ये फायदे अब कंपनियों को मिल रहे हैं। हम पहले ही देख रहे हैं कि यूके के साथ निवेश और व्यापार करने की इच्छुक भारतीय कंपनियों और भारतीय बाजार में काम करने और सामान बेचने की इच्छा रखने वाली ब्रिटिश कंपनियों की दिलचस्पी बढ़ रही है।"

उन्होंने आगे कहा कि हम पहले ही यूके से भारत में बड़े पैमाने पर निवेश देख रहे हैं। ब्रिटिश कंपनियों ने कई तरह के उद्योगों में निवेश किया है। उदाहरण के लिए, जेसीबी भारत में मशीनें बना रही है। हम गिफ्ट सिटी में भी यूके की कंपनियों का बड़ा निवेश देख रहे हैं, जहां बैंकों और फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों के साथ-साथ दो यूनिवर्सिटीज भी अपने कैंपस बना रही हैं। हम पहले से ही भारत में यूके का निवेश देख रहे हैं, और मुझे पूरा भरोसा है कि भविष्य में हम और भी निवेश देखेंगे।

इसके अलावा, हिकलिंग ने कहा कि भारत-यूके के भी साझेदारी अब तक के सबसे अच्छे दौर में है। इसमें एफटीए होने के बाद तेजी से सुधार हुआ है।

हिकलिंग ने कहा, "मुझे लगता है कि यूके-भारत की साझेदारी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है। हमने यह 14 जुलाई को हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर के साथ देखा है। सोमवार को मैं दिल्ली में था, जहां उत्तरी इंग्लैंड के तीन मंत्रियों और सात मेयरों ने इस बात पर चर्चा की कि हम आपसी फायदे के लिए इस समझौते का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।