चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने पेरुंथलाइवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री खरीदने के लिए पूरे राज्य में इलेक्ट्रॉनिक टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस स्कीम से अभी राज्य भर के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले 34 लाख से अधिक बच्चों को लाभ हो रहा है।यह खरीद राज्य के कंज्यूमर कोऑपरेटिव नेटवर्क के जरिए की जाएगी। इसका मकसद 1 जनवरी, 2027 से शुरू होने वाले तीन महीने के समय के दौरान ब्रेकफास्ट प्रोग्राम को बिना किसी रुकावट के लागू करना है।

टेंडर नोटिफिकेशन के मुताबिक, सरकार का प्रस्ताव है कि वह एक किलोग्राम के पैकेट में 1,300 मीट्रिक टन डबल-रोस्टेड रवा और एक किलोग्राम के पैकेट में पैक किया हुआ 1,200 मीट्रिक टन सांबा रवा, साथ ही 200 ग्राम के पैकेट में सप्लाई की जाने वाली खाद्य सामग्री की एक और कैटेगरी खरीदे।

टेंडर डॉक्यूमेंट्स 2 नवंबर को डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो गए, जबकि बिड जमा करने की आखिरी तारीख 2 दिसंबर तय की गई है। पूरे भारत के सप्लायर इलेक्ट्रॉनिक टेंडरिंग प्रोसेस में हिस्सा ले सकते हैं।

ब्रेकफास्ट की यह पहल 15 सितंबर, 2022 को एम.के. स्टालिन की डीएमके सरकार की ओर से शुरू की गई थी। यह प्रोग्राम प्राइमरी स्कूल के बच्चों, खासकर आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के बच्चों को पौष्टिक सुबह का खाना देने के लिए शुरू किया गया था।

शुरू में कुछ चुने हुए स्कूलों में लागू की गई इस स्कीम को बाद में तमिलनाडु के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शामिल करने के लिए कई चरणों में बढ़ाया गया। बाद में इसका कवरेज सरकारी मदद पाने वाले संस्थानों तक बढ़ा दिया गया, जिससे फायदा उठाने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई।

सितंबर में, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस प्रोग्राम को क्लास 6 से 8 तक के छात्रों तक बढ़ा दिया है, जिससे 44,984 स्कूलों के लगभग 34.64 लाख बच्चों को लाभ होगा। इस विस्तार के लिए 217.63 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन की जरूरत थी, जिससे प्रोग्राम का कुल आवंटन 724 करोड़ रुपए हो गया।

इस स्कीम के माध्यम से रेगुलर क्लासरूम एक्टिविटी शुरू होने से पहले छात्रों को ताजा नाश्ता दिया जाता है, जिसमें पोंगल, उपमा, खिचड़ी और दूसरी पौष्टिक डिश शामिल हैं।