छतरपुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की विशेष बैठक आयोजित की गई। यह विशेष कैबिनेट बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकतांत्रिक जनसेवा और सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बुलाई गई थी। बैठक के दौरान राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक कार्यकाल, साहसिक निर्णयों और जनहितैषी नीतियों की सराहना करते हुए कैबिनेट में एक विशेष संकल्प पारित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक के प्रेरक सफर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का राजनीतिक जीवन अद्वितीय रहा है—वे जितनी बार विधायक का चुनाव लड़े, उतनी बार मुख्यमंत्री बने और जितनी बार सांसद का चुनाव लड़ा, उतनी बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनके नेतृत्व में देश में पूर्ण बहुमत की मजबूत और स्थिर सरकारें बनी हैं। सीएम ने बताया कि राज्य कैबिनेट ने विकास कार्यों को और अधिक गति देने के लिए 'वी विल डू इट' (We will do it) का नया स्लोगन अंगीकार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में भगवान श्रीराम के राज्य के बाद यह पहला अवसर है, जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के 80 करोड़ से अधिक जरूरतमंद नागरिकों को निरंतर निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार के ऐतिहासिक फैसलों को याद करते हुए कहा कि नोटबंदी, जीएसटी, तीन तलाक के खिलाफ कानून, नई भारतीय न्याय संहिता, जन विश्वास अधिनियम, आयुष्मान भारत योजना और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने जैसे साहसिक कदमों ने देश की दिशा बदल दी। सीएम ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री की नीति से प्रेरणा लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने भी जनता की सुगमता के लिए करीब 900 पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर दिया है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने भारत की बढ़ती वैश्विक साख और आंतरिक सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया का 40 फीसदी डिजिटल लेनदेन अकेले भारत में हो रहा है। इसके साथ ही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और 'नारी शक्ति' के सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। सामरिक दृष्टिकोण से भारत दुनिया का ऐसा तीसरा देश बना है, जिसने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर करारा जवाब दिया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के शांतिपूर्ण व सुगम निर्माण से लेकर शहरों को आधुनिक रूप देने वाली 'स्मार्ट सिटी' परियोजना तक, हर क्षेत्र में युगांतकारी परिवर्तन साफ दिखाई दे रहा है।












