नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आयुष मंत्रालय ने 2 अक्टूबर से 27 अक्टूबर के बीच 309 जन शिकायतों और 50 जन शिकायत अपीलों का निपटारा किया है। इस अभियान के दौरान मंत्रालय ने 220 स्वच्छता अभियान भी चलाए, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल की स्वच्छता में सुधार, रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन और कार्यालय की जगह का सही उपयोग करना था।

इस अभियान के दौरान आयुष मंत्रालय ने 1,525 पुरानी फाइलों की समीक्षा कर उन्हें हटाया है। कबाड़ और पुराने रिकॉर्डों के निपटान से लगभग 1,030 वर्ग फुट कार्यालय की जगह खाली कराई गई है। साथ ही मंत्रालय ने कबाड़ बेचकर 1 लाख 89 हजार 298 रुपये का राजस्व भी अर्जित किया है, जो संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और प्रशासनिक दक्षता में सुधार की दिशा में एक अहम कदम है।

यह गतिविधियां स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 अभियान पर आधारित हैं, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया गया था। इस अभियान के दौरान 32 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) की पहचान की गई थी, जिनमें से 20 इकाइयों को पूरी तरह से बदला गया। इसके साथ ही मंत्रालय के अधिकारियों, भागीदार संगठनों और स्थानीय समुदायों ने मिलकर स्वच्छता और जन जागरूकता से जुड़ी कई गतिविधियां कीं।

स्वच्छता ही सेवा अभियान में जन भागीदारी और सफाई कर्मचारियों के कल्याण पर भी विशेष जोर दिया गया। जानकारी के अनुसार, अभियान की गतिविधियों में 131 सफाई कर्मचारियों ने भाग लिया जबकि 88 सफाई कर्मचारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। इसके अलावा स्वच्छता से जुड़ी प्रतियोगिताओं और पर्यावरणीय पहलों से जुड़े जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। स्वच्छ भारत दिवस के समापन कार्यक्रम के तहत 31 पेड़ लगाए गए।

आयुष मंत्रालय विशेष अभियान 6.0 को लागू करना जारी रखे हुए है, जिसका मुख्य फोकस लंबित शिकायतों और अपीलों का समय पर निपटारा, व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन, स्वच्छता और सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग है। इन पहलों के माध्यम से मंत्रालय प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने और एक स्वच्छ, अधिक संगठित और नागरिक-केंद्रित कार्य वातावरण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है।