मुंबई। पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद में अब सिंगर मधु श्री ने भी दलेर का समर्थन किया है। आईएएनएस से बातचीत में मधु श्री ने कहा कि वह दलेर मेहंदी की बहुत बड़ी फैन हैं और उन्हें एक शानदार सिंगर मानती हैं। उन्होंने कभी दलेर मेहंदी को शराब पीते हुए नहीं देखा। कार्यक्रम के दौरान दलेर को मंच पर फटकार लगाए जाने पर मधु श्री ने कहा कि जो कुछ हुआ, वह ठीक नहीं था।आईएएनएस से बात करते हुए मधु श्री ने दलेर मेहंदी के समर्थन में कहा, ''सबसे पहले मैं कहना चाहूंगी कि मैं दलेर मेहंदी की बहुत बड़ी फैन हूं। कमाल के सिंगर हैं। मैंने उनके साथ लंदन में एक प्रोग्राम किया था। उन्होंने उसमें क्या शानदार परफॉर्मेंस दी थी। मैंने उन्हें कभी शराब पीते हुए नहीं देखा। उनके दो ही शौक हैं, एक गाना और दूसरा खाना।''

उन्होंने आगे कहा, ''जब मुझे पता चला कि दलेर मेहंदी को एक कार्यक्रम में फटकार लगाई गई, तो मुझे यह बात अच्छी नहीं लगी।''

सिंगर ने अपनी बात रखते हुए कहा, ''कोई भी इंसान कभी भी बीमार हो सकता है और बीमारी के दौरान हालत सामान्य नहीं रहती। खास तौर पर सिंगर्स.. हम कितनी बार बीमार हुए, प्रोग्राम करने गए तो परेशानी हुई। मुझे मालूम नहीं है कि पूरा मामला क्या है, लेकिन जो हुआ, अच्छा नहीं हुआ।''

दरअसल, यह पूरा मामला 19 अक्टूबर को उत्तराखंड के नई टिहरी में आयोजित कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का है। यहां दलेर मेहंदी को परफॉर्मेंस के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम के दौरान राज्य के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की परफॉर्मेंस पर नाराजगी जताई। मंत्री ने सवाल उठाया कि दलेर ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं, तो गाना कैसे गाएंगे। उन्होंने गायक पर शराब पीकर आने और लाइव गाने के बजाय लिप-सिंक करने का आरोप भी लगाया।

विवाद बढ़ने के बाद दलेर मेहंदी के भाई और सिंगर मीका सिंह ने उनका बचाव किया। मीका ने कहा कि दलेर की तबीयत ठीक नहीं थी और वह हाल ही में हुई सर्जरी से उबर रहे थे। उन्होंने शराब पीने के आरोपों पर भी सवाल उठाए।

वहीं, अनुपम खेर ने कहा कि वह दलेर मेहंदी को पिछले 25 से 30 साल से जानते हैं और उन्होंने कभी उन्हें शराब पीते नहीं देखा। अगर परफॉर्मेंस को लेकर कोई शिकायत थी, तो उसे निजी तौर पर और सम्मान के साथ उठाया जा सकता था।

विवाद के बीच फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर इस घटना पर चिंता जताई। फेडरेशन ने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी कलाकार की परफॉर्मेंस को लेकर कोई परेशानी हो, तो उसे समझदारी और संवेदनशीलता के साथ सुलझाया जाना चाहिए। किसी कलाकार को सबके सामने डांटना उचित तरीका नहीं है।

सुबोध उनियाल ने अपने पक्ष में कहा कि अगर दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें आयोजकों को पहले ही बता देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उन्हें गायक से कोई व्यक्तिगत परेशानी नहीं है और न ही उनका उन्हें ठेस पहुंचाने का इरादा था।