नई दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह को वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर बधाई दी है। अनाहत ने शनिवार को कनाडा के ओंटारियो में नियाग्रा-ऑन-द-लेक में यह उपलब्धि हासिल की। ​​उन्होंने मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे गेम में हराकर अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता और महिला इवेंट में मिस्र के 15 साल के दबदबे को खत्म किया।

इस बड़ी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए धवन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर युवा खिलाड़ी की कामयाबी और भारतीय खेल के लिए इसके महत्व की सराहना की और लिखा, "इतिहास रचा गया। वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर अनाहत सिंह को बधाई। एक शानदार उपलब्धि जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। ऐसे ही चमकती रहो।"

अनाहत टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी के तौर पर उतरी थीं। फाइनल में अनाहत रुकैया सलेम पर पूरी तरह से हावी नजर आईं और उन्होंने 11-3, 11-7 और 11-9 से जीत दर्ज करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ वह 2010 में अमेरिकी अमांडा सोभी के बाद महिला वर्ल्ड जूनियर खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी बन गईं।

भारतीय खिलाड़ी ने शुक्रवार को फाइनल में पहुंचकर ही खिताब जीतने के अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। वह 21 साल में खिताबी मैच में पहुंचने वाली देश की पहली खिलाड़ी बनी थीं। उन्होंने सेमीफाइनल में मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में हराकर फाइनल का टिकट कटाया था। यह खिताब न केवल अनाहत के लिए बल्कि, भारतीय स्क्वैश के लिए भी एक बड़ी कामयाबी थी, क्योंकि इस युवा खिलाड़ी ने 2011 से चले आ रहे मिस्र के दबदबे को खत्म किया।

वहीं, पुरुषों का इवेंट पूरी तरह से मिस्र के खिलाड़ियों के नाम रहा। टॉप सीड मोहम्मद जकारिया ने अपने ही देश के सेल्फेल्डियन रेफे को सीधे गेम में हराकर लगातार चौथी बार वर्ल्ड जूनियर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उनका मुकाबला दूसरी सीड एडम हवाल से होगा, जो सेमीफाइनल में मारवान असाल के चोट के कारण रिटायर होने के बाद फाइनल में पहुंचे हैं।