पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार की हालत स्थिर है और वे ठीक हैं। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने मंगलवार को बताया कि उन्हें संभवतः बुधवार को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।रूबी हॉल क्लिनिक के चीफ कार्डियोलॉजिस्ट, चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. परवेज के. ग्रांट ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "डॉक्टरों की टीम शरद पवार का इलाज कर रही है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रही है। उनकी हालत स्थिर है और दर्द कम हो गया है। वे ठीक हैं और संभवतः कल उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।"
लगातार खांसी आने के बाद छाती में दर्द (प्लुरिटिक चेस्ट पेन) की शिकायत पर सोमवार को पवार को पुणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनके रूटीन मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं।
डॉ. ग्रांट ने कहा, "शरद पवार को छाती में दर्द की शिकायत के बाद सामान्य स्वास्थ्य जांच और मेडिकल निगरानी के लिए रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद है और एहतियात के तौर पर उन्हें अभी डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा।"
पवार की बेटी और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर एक अपडेट पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता के सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर (वाइटल पैरामीटर्स) सामान्य और स्थिर हैं। उन्होंने कहा, "बाबा को खांसी की समस्या के बाद पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया है। उनके मेडिकल टेस्ट चल रहे हैं और उनके सभी स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं। आप सभी की चिंता और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।"
पार्टी प्रतिनिधियों और चिकित्सा अधिकारियों ने शुभचिंतकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त आराम और निगरानी के बाद पवार के ठीक हो जाने की उम्मीद है।
इससे पहले 1 नवंबर को पवार ने सोलापुर जिले के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने जमीनी हालात का जायजा लिया, फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया और प्रभावित किसानों से सीधे बातचीत की। माढ़ा तालुका के तुलशी गांव को 50 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी। यह गांव पानी की भारी किल्लत से बुरी तरह प्रभावित है।
पवार ने बताया था कि सोलापुर के लगभग 139 प्रभावित गांवों में अभी 135 से ज़्यादा पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, जिनमें से अकेले माढ़ा तालुका को ही 110 टैंकरों की जरूरत है।
पवार ने घोषणा की है कि उनका परिवार इस साल पारंपरिक तरीके से दीपावली नहीं मनाएगा, ताकि पूरा ध्यान सूखे से निपटने और प्रभावित किसान समुदायों की मदद करने पर लगाया जा सके। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर सूखा राहत कार्यों में सहयोग करें।
















