नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि यदि चीन भारत को टनल-बोरिंग मशीन (टीबीएम) की आपूर्ति रोक देता है, तो भारत स्वयं इस तकनीक का विकास करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने रणनीतिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा और किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में आयोजित यंग लीडर्स डिस्कोर्स फोरम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत किसी भी महत्वपूर्ण तकनीक तक पहुंच के लिए दूसरे देशों से रियायतें मांगने या अपने हितों से समझौता करने वाला देश नहीं है।
उन्होंने कहा, "अगर वे हमें टनल-बोरिंग मशीन नहीं देंगे, तो हम उसे भारत में ही विकसित कर लेंगे। भारत ऐसा देश नहीं है जो दबाव में झुक जाए।"
गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत के विकास की राह में आने वाली कोई भी बाधा देश की प्रगति को रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा, "भारत की प्रगति की यात्रा में चाहे जितनी भी दीवारें खड़ी की जाएं, हम हर बेड़ी को तोड़ सकते हैं।"
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्रों के साथ देश के आर्थिक विकास, उभरते अवसरों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि छात्रों ने भारत की विकास यात्रा और उसमें युवाओं के योगदान से जुड़े कई महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक सवाल पूछे।
गोयल ने कहा कि भारत तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और युवा पीढ़ी के पास इस परिवर्तन में सार्थक योगदान देने के अनेक अवसर हैं। उन्होंने छात्रों की जिज्ञासा और देश के भविष्य के प्रति उत्साह की सराहना की।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने छात्र जीवन से जुड़ा एक हल्का-फुल्का प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज के दिनों में छुट्टी की घोषणा से बड़ी खुशी कोई नहीं होती थी। मुंबई में अपने छात्र जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि बारिश और जलभराव के कारण स्कूल-कॉलेज बंद होने की उम्मीद विद्यार्थियों को बेहद उत्साहित करती थी।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "जहां तक मुझे अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों की याद है, छुट्टी की घोषणा से ज्यादा खुशी किसी बात से नहीं मिलती थी। मैं मुंबई से हूं, जहां हम बारिश के कारण थोड़ी बाढ़ जैसी स्थिति बनने का इंतजार करते थे ताकि स्कूल और कॉलेज बंद हो जाएं।"
मंत्री ने कॉलेजों में चल रही शिक्षकों की हड़ताल का भी उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि यह मामला जल्द सुलझ जाएगा, ताकि छात्र बिना किसी व्यवधान के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
उन्होंने कहा कि भारत की विकास गाथा में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और देश का भविष्य उनके नवाचार, कौशल और संकल्प पर निर्भर करेगा।















