मुंबई। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आजमी ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा बीएमसी को फटकार लगाते हुए अभिनेत्री दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करने के आदेश दिए जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से साबित होता है कि देश में न्याय अभी भी जिंदा है।
अबू आजमी ने कहा, "जज साहब ने जो किया, मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। उन्होंने कहा कि इस वीडियो को तुरंत वापस अपलोड करो। यह बहुत बड़ी बात है।"
उन्होंने कहा, "जब भी देश में कोई ऐसी चीज आए जो संविधान के खिलाफ हो, जहां जबरदस्ती गुंडागर्दी फैलाई जा रही हो, अगर अदालतें इसी तरह से सख्ती दिखाएंगी, तो इस देश में अराजकता फैला रहे भाजपा के लोगों का दिमाग सही हो जाएगा। भाजपा के लोग अपनी मनमानी कर रहे हैं, देश के संविधान को ठुकरा रहे हैं और सिर्फ हिंदू-मुस्लिम करके इस देश को बांटना चाहते हैं और सत्ता में बने रहना चाहते हैं।"
जब उनसे पूछा गया कि मेयर रितु तावडे़ कह रही हैं कि दीया मिर्जा हिंदू विरोधी बात कर रही थीं, इसलिए उनका वीडियो हटाया गया, तो अबू आजमी ने मेयर पर ही सवाल खड़े कर दिए।
उन्होंने कहा, "मेयर से पूछिए, आप आज तक कहां थीं? इससे पहले तो आप बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस में थीं। भाजपा में अधिकतर लोग वही हैं, जो पहले कांग्रेस में रहकर भाजपा को गाली देते थे और अब उन्हीं के साथ काम कर रहे हैं।"
उन्होंने बीएमसी कमिश्नर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "क्या सारी सरकारी संस्थाएं और सारे गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन बीजेपी के हो गए हैं? उनके कहने पर आप लोगों ने वीडियो हटा दिया और अब जब कोर्ट कह रहा है तो आपको शर्म आ रही होगी कि हमने गलत काम किया। आप लोग संविधान के मुताबिक काम कीजिए, किसी सरकार के प्रभाव में काम करना संविधान के खिलाफ है।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा चुनाव आयोग, एसआईआर और घुसपैठियों के मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने की बात पर अबू आजमी ने कहा कि सरकार जनता के वोट की कीमत नहीं समझ रही है।
उन्होंने कहा, "जनता ने वोट देकर सरकार बनाई है। क्या अमित शाह जनता के वोटों की कोई कीमत नहीं समझते? किसी ने कहा था कि जब सड़क सुनसान हो जाएगी तो संसद आवारा हो जाएगी। अभी संसद आवारा हो गई है, अपनी मनमानी कर रही है। पहले सड़क सुनसान थी, अब सड़क भर गई है। पूरे देश में अलग-अलग जगहों पर लोग आंदोलन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वोट चोरी से सरकार बनाई गई है। सरकार को उसे प्रूफ करना चाहिए और लोगों को संतुष्ट करना चाहिए। आप पार्लियामेंट में बुलाकर बात करेंगे और वहां वोटिंग करा देंगे, मेजॉरिटी है तो आपकी बात हो जाएगी, ऐसा नहीं चलता। 140 करोड़ जनता में से जो लोग सड़क पर उतरे हैं, जब तक वे संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा।"
ईडी द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई और करोड़ों की संपत्ति जब्त करने के मामले में अबू आजमी ने इसे सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा, "आजम खान कई सालों से जेल में हैं। अगर ईडी के पास कोई सबूत था तो वह जेल में जाकर उनसे स्टेटमेंट ले सकती थी और कार्रवाई कर सकती थी, लेकिन जब-जब उनकी जमानत होती है, तब-तब एक नया केस लाया जाता है। अभी उनकी जमानत हुई है और फिर से कार्रवाई की जा रही है। यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है।"
अबू आजमी ने कहा कि आजम खान ने कोई पैसा नहीं कमाया है, उन्होंने लोगों से पैसे लेकर यूनिवर्सिटी बनाई है। आजम खान दस बार विधायक, मंत्री और सांसद रह चुके हैं और उनके साथ इस तरह का जुल्म किया जा रहा है। सरकार समझती है कि इस तरह की हरकतों से वह चुनाव जीत जाएगी, लेकिन अब जनता जाग चुकी है और उनकी यह नीति चलने वाली नहीं है।
















