कीव। यूक्रेन के सूमी में भारतीय समूह कुसुम के फार्मा प्लांट पर रूसी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में फार्मा प्लांट की मुख्य संरचना को भारी नुकसान पहुंचा है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी ड्रोन हमले के बाद प्लांट से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया। अधिकारियों ने कहा है कि हमले में हताहतों की संख्या में बदलाव हो सकता है। सूमी में रविवार सुबह से ही लगातार एयर रेड सायरन बजते रहे।
यूक्रेन में पिछले चार दिनों से रूसी ड्रोन हमले जारी हैं। इन हमलों में कई इमारतों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कीव में प्रमुख पुलों को भी निशाना बनाया गया है।
रविवार को हुआ ड्रोन और मिसाइल हमला ऐसे समय में हुआ, जब जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अचानक कीव का दौरा किया। उन्होंने यूक्रेन के प्रति एकजुटता जताते हुए 1.3 अरब यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की।
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की ने रूसी हमले की निंदा करते हुए कहा कि रूस ने कीव के पिवनिच्नी ब्रिज और सूमी में एक फार्मास्युटिकल गोदाम को ड्रोन से निशाना बनाया। उन्होंने हमले में मारे गए व्यक्ति के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज सुबह रूसियों ने एक बार फिर कीव में पिवनिच्नी ब्रिज पर ड्रोन से हमला किया। उन्होंने सूमी में एक सामान्य फार्मास्युटिकल गोदाम को ड्रोन से निशाना बनाया। दुखद रूप से एक व्यक्ति की मौत हो गई।"
उन्होंने बताया कि ड्निप्रो में एक संचार सुविधा को भी निशाना बनाया गया, जहां छह लोग घायल हुए।
जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने रातभर में यूक्रेन के खिलाफ 135 हमलावर ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें 50 से अधिक जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन थे। खार्किव, कीव, ड्निप्रो, डोनेट्स्क, सूमी और जापोरिज्जिया क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और आपातकालीन सेवाएं हमले वाली जगहों पर काम कर रही हैं। जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस को इस बढ़ते हमले के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की।
रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय कुसुम समूह ने 1994 में यूक्रेन में भारतीय दवाओं के वितरक के तौर पर काम शुरू किया था। वर्तमान में कंपनी की कमान भारतीय नागरिक राजीव गुप्ता के हाथों में है।
कंपनी ने 2002 में दूसरी कंपनियों की दवाओं का वितरण बंद कर अपने ब्रांड की दवाओं का विपणन शुरू किया। इसके बाद कंपनी ने विनिर्माण क्षेत्र में कदम रखा और 2007 में भारत में अपना प्लांट स्थापित किया। वर्ष 2009 में यूक्रेन के सूमी में भी कंपनी ने अपना फार्मा प्लांट स्थापित किया।
कुसुम समूह 50 से अधिक जेनेरिक दवाएं बनाता है और यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस समेत कई देशों में अपने उत्पाद बेचता है।
जेलेंस्की ने कहा कि अकेले इस सप्ताह रूस ने यूक्रेन पर 1,900 से अधिक हमलावर ड्रोन, 1,700 हवाई बम और 25 मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को इस हमले के खिलाफ अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए और रूस को इस बढ़ती हिंसा के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।











