नई दिल्ली। राहुल गांधी द्वारा पंजाब के संगरूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए बयान को लेकर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी के लिए यह दुर्भाग्य की बात है कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमने पंजाब से ड्रग्स को खत्म करने की जो समय-सीमा तय की है, उसे लेकर राहुल गांधी कह रहे हैं कि तब तक हमारी सरकार ही नहीं रहेगी। आश्चर्य की बात है कि राहुल गांधी को पता ही नहीं है कि संकल्प की दृढ़ता क्या होती है और संकल्प को पूरा करने की क्षमता क्या होती है। यह हमारे नेताओं से सीखिए।

उन्होंने आगे कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को खत्म करने का वादा किया था। न केवल नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ा है बल्कि 47 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक साल तक किसी भी सीआरपीएफ जवान की जान नहीं गई है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कहते थे कि देश से आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करना संभव ही नहीं है। आज भारत आतंकवाद को नियंत्रित करने में सफल हो गया है। जम्मू-कश्मीर के कुछ जिलों को छोड़ दें तो पूरे भारत से आतंकवाद लगभग समाप्त हो चुका है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सभी भविष्यवाणियां गलत साबित हुई हैं। इन्होंने एलआईसी को बर्बाद बताया था, जो अब सर्वकालिक लाभ (ऑल टाइम प्रॉफिट) में चल रही है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को लेकर भी इसी तरह के बयान दिए थे जबकि वह भी आज फायदे में है। एचएएल और यहां तक कि वैक्सीन को लेकर भी झूठ बोला गया। राहुल गांधी के झूठ का प्रमाण यह है कि 16 मई 2021 को उन्होंने एक ट्वीट कर कहा था कि सरकार ने बच्चों की वैक्सीन अन्य देशों में भेज दी लेकिन सच यह है कि तब तक बच्चों की वैक्सीन बनी ही नहीं थी।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि पंजाब में परमिंदर सिंह के घर जाने का राहुल गांधी ने प्रयास किया लेकिन वहां के लोगों ने उन्हें मना कर दिया क्योंकि उनका मानना है कि आपकी पार्टी ने सिखों के साथ नरसंहार किया था। उसी दिन जिद करके एक नवंबर को दिल्ली में रैली भी की गई, जो फ्लॉप साबित हुई। ऐसा लगता है कि अपनी रैली की असफलता को छिपाने के लिए कुछ सलाहकारों के इशारे पर वह उलटे-सीधे बयान दे रहे हैं और कह रहे हैं कि डिबेट करने के लिए तैयार हैं।

राहुल गांधी के डिबेट वाले चैलेंज पर उन्होंने कहा कि डिबेट के लिए भारत के संविधान निर्माताओं ने सर्वोच्च स्थान संसद को दिया है। अगर कोई व्यक्ति कहता है कि वह सदन में चर्चा नहीं करना चाहता, तो यह संविधान निर्माताओं और संविधान की मूल भावना का अपमान है। आपको लाखों लोगों ने चुनकर सदन में इसलिए भेजा है कि आप चर्चा करें लेकिन आप तो भाग जाते हैं।

उन्होंने कहा कि सदन में जब भी चर्चा होती है, राहुल गांधी वहां से चले जाते हैं। राहुल गांधी को बता देना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से एनडीए के सर्वसम्मत नेता हैं। आप 'इंडी' गठबंधन के नेता भी नहीं हैं। आप यूपीए के चेयरमैन भी नहीं रहे हैं। आपने अभी मॉक पार्लियामेंट बनाई थी, उसमें मॉक डिबेट भी करवा लीजिए।

इंडिया गठबंधन की मॉक पार्लियामेंट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां दूसरा पक्ष ही मौजूद नहीं था। मतलब वहां भी डिबेट की कोई गुंजाइश नहीं थी। वहां केवल एकतरफा भाषण था। हम डिबेट की परंपरा को मानते हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, आप लोकतंत्र और कानून का तो पहले से ही मजाक उड़ा रहे हैं, अब आप संसद का भी मजाक बनाना चाहते हैं। पंजाब में राहुल गांधी ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह भारत की जनता का अपमान है। साथ ही, रामलीला मैदान में हुई भारी विफलता से ध्यान भटकाने के लिए किया गया यह एक ओछा हथकंडा मात्र था।