चंडीगढ़। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की उस विधानसभा भाषण के लिए आलोचना की, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) का जिक्र किया था। सीएम भगवंत मान के बयान को हैरान करने वाला बताते हुए ढिल्लों ने कहा, "राज्य सरकार आप चलाते हैं, यह प्रक्रिया आपके अधिकारियों ने पूरी की, और खुद आपने ही एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) का काम करवाया। अब आप ही इस पर सवाल उठा रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया राज्य सरकार के प्रशासनिक तंत्र द्वारा ही पूरी की गई थी।
ढिल्लों ने एक बयान में कहा, "डिप्टी कमिश्नरों और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेटों (एसडीएम) से लेकर बूथ स्तर के अधिकारियों तक, इसमें शामिल सभी कर्मचारी राज्य सरकार के प्रशासन के अधीन थे। इस प्रक्रिया में केंद्र की कोई भूमिका नहीं थी।"
उन्होंने सवाल किया, "अगर एसआईआर के दौरान आपके अधिकारियों से गलतियां हुई थीं तो आपकी पार्टी के नेता चुनाव आयोग के पास जाकर यह दावा क्यों कर रहे थे कि सब कुछ ठीक है?"
उन्होंने बताया कि एक तरफ मुख्यमंत्री विधानसभा में एसआईआर में गड़बड़ी का आरोप लगा रहे थे, तो दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के नेता चुनाव आयोग से कह रहे थे कि सब कुछ ठीक चल रहा है।
उन्होंने मान को चुनौती दी कि वे राज्य में कम से कम एक ऐसे मतदाता का नाम बताएं, जिसका नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटा दिया गया हो। ढिल्लों ने कहा कि अगर वाकई कोई गड़बड़ी हुई है, तो यह एक गंभीर मामला है और इसके लिए राज्य सरकार खुद जिम्मेदार होगी।
उन्होंने मान की बातों को एक 'अक्षम सरकार' का सबूत बताया और आरोप लगाया कि सरकार ने स्पष्ट रूप से सोचने और सही फैसले लेने की क्षमता खो दी है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि मान को अब अपने ही मंत्रियों और अधिकारियों पर भरोसा नहीं रहा। ढिल्लों ने बताया कि जब पंजाब में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब मान ने वादा किया था कि राज्य में किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "अगर किसी का नाम गलत तरीके से हटाया गया है तो मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना होगा।" उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाकर मान अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।













