छतरपुर। छतरपुर जिले के किशनगढ़ थाना पुलिस ने एक अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा करते हुए हत्यारी पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से युवक को जंगल में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया था। मृतक की पहचान संजय मिश्रा (निवासी ग्राम नारायणपुरा, थाना पवई, जिला पन्ना) के रूप में की गई है। पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से साजिश रच लें, वे कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।


घने जंगलों में सर्च अभियान के बाद खुला राज

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम की शुरुआत 1 जुलाई को हुई, जब संजय मिश्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सूचना मिलते ही किशनगढ़ थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए क्षेत्र के आसपास के घने जंगलों में एक सघन सर्च अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को अमानगंज रोड पर स्थित एक निर्माणाधीन पुल के पास जंगल में संजय मिश्रा का शव बरामद हुआ। घटनास्थल के समीप ही मृतक की मोटरसाइकिल भी लावारिस हालत में खड़ी मिली, जिसके बाद हड़कंप मच गया।


अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने ही रची थी पति की मौत की साजिश

शव का पोस्टमार्टम कराने और शुरुआती भौतिक साक्ष्यों को जुटाने के बाद किशनगढ़ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। छतरपुर पुलिस अधीक्षक (SP) रजत सकलेचा के सख्त निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयानों की कड़ियां जोड़ीं, तो बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि मृतक संजय मिश्रा की पत्नी अनीता के किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध थे, जिसके चलते उसने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का पूरा ताना-बाना बुना था।


सलाखों के पीछे पहुंचे तीनों हत्यारोपी, आलाकत्ल और बाइक बरामद

किशनगढ़ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल तीनों मुख्य आरोपियों को घेराबंदी कर धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मृतक संजय मिश्रा की पत्नी अनीता मिश्रा (निवासी ग्राम नारायणपुरा, थाना पवई, जिला पन्ना) शामिल है, जिसने अपने कथित प्रेमी विनोद यादव (पुत्र कमल यादव, निवासी ग्राम नगदा, थाना किशनगढ़, जिला छतरपुर) और उसके सहयोगी सतीश यादव (पुत्र भूरा यादव, निवासी ग्राम नगदा, थाना किशनगढ़, जिला छतरपुर) के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों की निशानदेही और कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, घटना के समय प्रयुक्त मोबाइल फोन और अन्य कई महत्वपूर्ण दस्तावेजी सबूत बरामद कर लिए हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल (न्यायिक हिरासत) भेज दिया गया है।


अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम को मिली सफलता

इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने वाली इस सफल कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आदित्य पटले और एसडीओपी बिजावर अजय रिठौरिया के कुशल मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में किशनगढ़ थाना प्रभारी कमलजीत सिंह, उप निरीक्षक अंजना त्रिवेदी और उनकी पूरी पुलिस टीम की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।