मुंबई। 'मिर्जापुर' फेम एक्ट्रेस हर्षिता गौर ने बताया कि वह हर समय परफेक्ट दिखने के लगातार दबाव से कैसे निपटती हैं। आईएएनएस से खास बातचीत में हर्षिता ने कहा कि यह पूरी तरह से व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह दबाव लेना चाहता है या अपनी असलियत में सहज रहना चाहता है।उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में, दर्शक अलग-अलग तरह के शरीर और स्किन टाइप को स्वीकार करने लगे हैं, बशर्ते वे उस किरदार के अनुकूल हों जिसे वे निभा रहे हैं।
हर्षिता ने कहा कि एक एक्टर के तौर पर अगर रोल की मांग हो तो उन्हें अपने लुक के साथ एक्सपेरिमेंट करने में कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह इंडस्ट्री में होने का एक मजेदार हिस्सा है।
उनसे पूछा गया, "शोबिज में अच्छा दिखने और कैमरे के लिए तैयार रहने का दबाव बहुत ज्यादा होता है। आपके लिए लुक कितना मायने रखता है और आप अपने लुक के साथ एक्सपेरिमेंट करने में किस हद तक सहज हैं?"
हर्षिता ने आईएएनएस को बताया, "मैं एक्सपेरिमेंट करने के लिए तैयार रहती हूं, खासकर अगर किरदार की मांग हो। यह मजेदार है। हम इसी फील्ड में इसलिए हैं क्योंकि हमें एक्सपेरिमेंट करने का मौका मिलता है। वरना, हम यहां नहीं होते।"
हमेशा कैमरे के लिए तैयार रहने के दबाव से निपटने के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "दबाव तो होता है, लेकिन आप या तो उस दबाव को ले सकते हैं या नहीं। मुझे लगता है कि यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है।"
हर्षिता ने कहा, "एक दौर वह भी था जब न तो सोशल मीडिया का ऐसा दौर था और न ही लोग अपनी शारीरिक बनावट को लेकर इतने सचेत थे, लेकिन उस समय भी लोगों पर सामाजिक अपेक्षाओं का दबाव कम नहीं था।"
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कई शो हैं जिनमें जाने-माने एक्टर मेकअप भी नहीं करते, क्योंकि किरदार की यही मांग होती है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर का उदाहरण देते हुए हर्षिता ने कहा, "करीना कपूर ने एक फिल्म की थी जिसमें उन्होंने मेकअप नहीं किया था। मुझे लगता है कि जब किरदार की मांग होती है, तो लोग खुद को वैसा ही दिखाने में ज्यादा सहज हो गए हैं जैसे वे असल में हैं।"




