सागर/बीना, बृजपाल सिंह राजपूत। पुलिस ने एक अंधे कत्ल का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मृतक के सगे भाई को ही हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने घरेलू विवाद के चलते अपने भाई की डंडे और मोगरी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 24 अक्टूबर को फरियादी पंकज अहिरवार ने बीना थाना पहुंचकर सूचना दी थी कि उसका भाई नीरज अहिरवार रात में अंडे का ठेला बंद करके घर से निकला था। देर रात वह घर के पास खून से लथपथ हालत में मिला, जिसकी घर लाने के बाद मौत हो गई। हालांकि, पुलिस को शुरुआत से ही पंकज की बताई कहानी पर संदेह था और जांच की सुई परिवार के सदस्यों के इर्द-गिर्द ही घूम रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन एवं एसडीओपी (SDOP) अजय कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अनूप सिंह यादव की टीम ने जांच शुरू की। साक्ष्यों के आधार पर जब फरियादी पंकज से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
थाना प्रभारी अनूप सिंह यादव ने बताया कि मृतक नीरज शराब पीने का आदी था। घरेलू विवाद के कारण भाई पंकज ने ही उस पर डंडे और मोगरी से बेरहमी से हमला कर दिया था, जिससे आई गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी पंकज अहिरवार (पिता शंभू दयाल) के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में सब इंस्पेक्टर लखन राज, प्रधान आरक्षक हाकम सिंह, गजेंद्र मिश्रा, विजय गौतम तथा आरक्षक प्रेमजीत, बाबूलाल, दीप सिंह भदोरिया, सूरज, महेंद्र, महेश, विवेक, राहुल, बृजेंद्र सिंह एवं भारत राजे की मुख्य भूमिका रही।














