ऑकलैंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड का सफल और भव्य दौरा संपन्न कर स्वदेश रवाना हुए। राजकीय सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई। पीएम क्रिस्टोफर लक्सन उनसे गले मिले और हाथ हिला कर गुडबाय कहा।
6 दिवसीय आधिकारिक विदेश दौरे के आखिरी चरण में वे राजधानी ऑकलैंड पहुंचे थे। दौरा बेहद सफल रहा। 18 बड़े फैसले और 10 समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पुरानी दोस्ती, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, लोगों के बीच गहरे संबंधों और हिंद-प्रशांत में साझा हितों को देखते हुए, दोनों पीएम ने आपसी संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाने का फैसला किया। इसलिए उन्होंने अगले चार सालों में मिलकर काम करने के लिए एक फ्रेमवर्क के तौर पर 'भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: रोडमैप टू 2030' का समर्थन किया।
दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच नियमित दौरे और बैठक करने पर सहमति जताई, जिसमें क्षेत्रीय और बहुपक्षीय कार्यक्रमों के दौरान होने वाली बैठकें भी शामिल हैं।
दोनों पक्षों ने 2030 तक सामान और सर्विस में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 7 बिलियन न्यूजीलैंड डॉलर या लगभग 35,000 करोड़ रुपए करने के बड़े लक्ष्य की दिशा में काम करने पर सहमति जताई।
शनिवार को पीएम मोदी कई अहम समारोहों का हिस्सा बने। पीएम लक्सन ने उनके सम्मान में गाला लंच का आयोजन किया, तो शाम को वह 'किआ ओरा मोदी' कार्यक्रम का हिस्सा बने। पीएम के सम्मान में प्रवासी भारतीयों का ये समारोह काफी अहम रहा। इस दौरान पीएम लक्सन ने भारतीयों की अहमियत, उनकी मेहनत और न्यूजीलैंड में उनकी भूमिका को सराहा और बताया कि कैसे देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में उनकी 9 फीसदी की हिस्सेदारी है।
पीएम मोदी के लिए भी ये पल बेहद भावुक और उत्साहजनक रहा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि अब भारत के पीएम को आने में 40 साल नहीं लगेंगे। वो बोले, "भारतीय पीएम को न्यूजीलैंड आने में 40 साल लगे हैं, अब इतना लंबा इंतजार आपको नहीं करना पड़ेगा। ये मोदी की गारंटी है और मोदी की गारंटी का मतलब गारंटी पूरा होने की गारंटी है।"




