नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा संबंधों में आए सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ गर्मजोशी और सार्थक बातचीत हुई। हमने भारत-कनाडा संबंधों में आए सकारात्मक बदलाव को आगे बढ़ाने और हमारी रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों जैसे व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई है।"
उन्होंने कहा, "भारत और कनाडा मिलकर दुनिया को अधिक स्थिर और समृद्ध बनाने में योगदान दे रहे हैं।"
इससे पहले मंगलवार को भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बेहतर तालमेल की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के संबंध इस समय अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं।
आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के भारत दौरे से पहले कूटर ने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बढ़ते सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अनीता आनंद के बीच हुई बैठकों तथा कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू की आगामी भारत यात्रा पर भी चर्चा की।
कूटर ने कहा, "यह कहना सही होगा कि हमारे संबंध आज जितने मजबूत हैं, उतने पहले कभी नहीं रहे। सबसे ऊपर दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बेहतरीन तालमेल है। पिछले एक वर्ष से कुछ अधिक समय में दोनों चार बार मिल चुके हैं। दोनों देशों के अधिकारी भी नियमित रूप से मुलाकात कर रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि हाल ही में कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भारत आए थे और उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष के साथ चर्चा की थी। इसके अलावा कनाडा की विदेश मंत्री भी भारत आ रही हैं। पिछले एक वर्ष में विदेश मंत्री अनीता आनंद और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच यह 10वीं बैठक होगी।
कूटर ने कहा कि कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू अगले सप्ताह 300 कनाडाई व्यापार प्रतिनिधियों के साथ भारत आएंगे। उनके अनुसार यह संभवतः भारत के लिए कनाडा का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल होगा।
उन्होंने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह तक भारत में रहेगा और दक्षिण भारत के कई शहरों का दौरा करेगा। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, प्रवासन और रक्षा जैसे क्षेत्रों में संवाद जारी है और निकट भविष्य में रक्षा क्षेत्र से संबंधित एक और दौरा होने की उम्मीद है।
कूटर ने कहा कि पिछले एक वर्ष में कनाडा के कम से कम छह अन्य मंत्री भी भारत का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्च में भारत आए थे और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर की शुरुआत में कनाडा जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उस यात्रा के दौरान दोनों देश अपने पहले मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद कर रहे हैं। कूटर के मुताबिक यदि ऐसा होता है तो यह बेहद तेजी से पूरा होने वाली प्रक्रिया होगी, क्योंकि दोनों देशों ने इस समझौते पर बातचीत इसी वर्ष मार्च में शुरू की थी।













