डेटा सिक्योरिटी के लिए वियतनाम सरकार का बड़ा फैसला, आईपी पते पहचान के लिए प्रस्तावहनोई, 31 अक्टूबर । वियतनाम सरकार ने डेटा और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्थानीय मीडिया वीएनएक्सप्रेस के अनुसार, इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते की पहचान का प्रबंधन करने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय को नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया है। वियतनाम सरकार की ओर से पेश किया गया यह प्रस्ताव शुक्रवार को वियतनाम की 15वीं राष्ट्रीय सभा (एनए) के चल रहे सत्र में प्रस्तुत साइबर सुरक्षा पर मसौदा कानून का हिस्सा है। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जन सुरक्षा मंत्री लुओंग टैम क्वांग ने कहा कि यह मसौदा कानून 2018 के साइबर सुरक्षा कानून पर आधारित है, जिसमें 21 अनुच्छेदों को बरकरार रखा गया है और नौ अन्य को संशोधित और पूरक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि संशोधन डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने, आईपी पते की पहचान की जिम्मेदारी सौंपने और विशेष साइबर सुरक्षा बलों के लिए तंत्र स्थापित करने पर केंद्रित हैं। एनए की राष्ट्रीय रक्षा, सुरक्षा और विदेश संबंधों संबंधी समिति ने सिफारिश की है कि बच्चों के अलावा, मसौदा कानून में अन्य कमजोर समूहों जैसे बुजुर्गों और सीमित या खोई हुई नागरिक कार्य क्षमता वाले व्यक्तियों को भी सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। वियतनाम न्यूज एजेंसी ने बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में, वियतनाम ने एआई प्रशासन और विकास में सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाते हुए अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उद्योग के विकास में तेजी लाने का संकल्प लिया। वियतनाम अंतर्राष्ट्रीय डिजिटल सप्ताह (वीआईडीडब्ल्यू- 2025) के अंतर्गत आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में बोलते हुए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री गुयेन मान हंग ने मानव-केंद्रित, खुला, सुरक्षित, संप्रभु, सहयोगात्मक, समावेशी और टिकाऊ एआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का संकल्प लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई का विकास चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होना चाहिए: एक मजबूत एआई ढांचा, आधुनिक एआई अवसंरचना, एआई प्रतिभा और एक एआई संस्कृति। मंत्री ने कहा कि वियतनाम ज्ञान और मूल्यों को साझा करने, दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देने और पारदर्शिता, सहयोग और नवाचार को बढ़ाने के लिए ओपन-सोर्स एआई के विकास को प्रोत्साहित करने हेतु अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उत्तरी वियतनाम के निन्ह बिन्ह प्रांत और राजधानी हनोई में सोमवार से बुधवार तक वीआईडीडब्ल्यू 2025 का आयोजन किया गया, जिसमें डिजिटल परिवर्तन और नवाचार पर प्रदर्शनियों और मंचों के साथ-साथ सुरक्षित, पारदर्शी और जिम्मेदार एआई शासन को बढ़ावा देने के लिए नीतियों और ढांचों पर प्रकाश डाला गया।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
जगन्नाथ मंदिर में दर्शन से सिर्फ मोक्ष नहीं, लौटते समय की गलती तो खुल जाएगा यमलोक का रास्तापुरी, 31 अक्टूबर । ओडिशा के पुरी का जगन्नाथ मंदिर न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और रहस्यमयी मंदिरों में से एक है। धार्मिक मान्यता है कि जगन्नाथ मंदिर के दर्शन से मनुष्य पापों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मंदिर से लौटते समय की एक छोटी-सी गलती आपके सारे पुण्य नष्ट कर सकती है? इस मंदिर से जुड़ी एक बेहद रोचक और रहस्यमयी कथा है, जो मंदिर के मुख्य द्वार की तीसरी सीढ़ी से जुड़ी हुई है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय ऐसा आया जब भगवान जगन्नाथ के दर्शन से सभी भक्त पाप मुक्त हो रहे थे। लोग सीधे मोक्ष पा रहे थे और यमलोक जाने वालों की संख्या बहुत कम हो गई थी। यह देखकर यमराज चिंतित हो गए। वे स्वयं भगवान जगन्नाथ के पास पहुंचे और बोले, 'प्रभु, आपने पाप मुक्ति का मार्ग इतना सरल बना दिया है कि अब कोई भी यमलोक नहीं आ रहा। यदि ऐसा चलता रहा तो मेरे लोक में सन्नाटा छा जाएगा।' यमराज की यह बात सुनकर भगवान जगन्नाथ मुस्कुराए और बोले, 'यमराज, अब से तुम मेरे मंदिर के मुख्य द्वार की तीसरी सीढ़ी पर निवास करो। जो भी व्यक्ति मेरे दर्शन के बाद लौटते समय इस सीढ़ी पर पैर रखेगा, उसके सारे पुण्य नष्ट हो जाएंगे और उसे यमलोक आना ही पड़ेगा।' तब से मंदिर की तीसरी सीढ़ी को यमशिला कहा जाने लगा। यह शिला काले रंग की है और बाकी सीढ़ियों से बिल्कुल अलग दिखती है। भक्त मानते हैं कि दर्शन करते वक्त तो इस शिला पर पैर रखना शुभ माना जाता है, लेकिन वापस लौटते समय यदि कोई गलती से भी उस पर पैर रख दे, तो उसके सारे पुण्य समाप्त हो जाते हैं। इसलिए जब भी आप पुरी के जगन्नाथ मंदिर जाएं, तो एक बात जरूर ध्यान रखें कि मंदिर से लौटते समय मुख्य द्वार की तीसरी सीढ़ी यानी यमशिला पर पैर न रखें।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
आपकी राशि के अनुसार इन मंदिरों में करें दर्शन, मिलेगा विशेष आशीर्वादनई दिल्ली, 31 अक्टूबर । सनातन धर्म में ज्योतिष को बहुत महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि अगर व्यक्ति अपनी राशि और ग्रह दशा के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा और धार्मिक स्थलों पर जाए, तो उसे विशेष फल प्राप्त होता है। ऐसे में आइए जानें किस राशि के जातक के लिए कौन सा मंदिर फायदेमंद है। मेष राशि के जातक मंगल ग्रह के अधीन होते हैं। इन्हें हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। अयोध्या और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन से शुभ फल मिलता है।वृष राशि के लोग शुक्र ग्रह से संचालित होते हैं। इन्हें माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इनके लिए श्री तिरुपति बालाजी और पुष्कर के कमल मंदिर में जाना लाभकारी है।मिथुन राशि के जातक बुध ग्रह के अधीन होते हैं। इन्हें भगवान विष्णु और गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। इनके लिए सिद्धिविनायक मुंबई और जगन्नाथ पुरी मंदिर में दर्शन शुभ होते हैं।कर्क राशि के जातकों के लिए शिवजी और माता दुर्गा की पूजा लाभकारी मानी जाती है। चंद्र ग्रह के प्रभाव वाले जातक वैष्णो देवी और सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की यात्रा करें।सिंह राशि के लोगों पर सूर्य ग्रह का प्रभाव होता है। इन्हें सूर्य देव और नारायण भगवान की पूजा करनी चाहिए। इनके लिए कोणार्क सूर्य मंदिर और अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दर्शन करना लाभकारी है।कन्या राशि के जातक बुध ग्रह के प्रभाव में होते हैं। इन्हें गणेश जी और दुर्गा माता की पूजा करनी चाहिए। इनके लिए मुंबई के लालबाग के राजा और गुजरात के अम्बा माता मंदिर में जाना शुभ है।तुला राशि के लोग शुक्र ग्रह के अधीन होते हैं। इन्हें राधा-कृष्ण और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। इनके लिए बांके बिहारी मंदिर और पद्मनाभस्वामी मंदिर की यात्रा शुभ होती है।वृश्चिक राशि के जातक मंगल ग्रह के अधीन होते हैं। इन्हें हनुमान जी और काल भैरव की पूजा लाभ देती है। इनके लिए उज्जैन और हनुमानगढ़ी की यात्रा शुभ है।धनु राशि के जातक गुरु ग्रह के अधीन होते हैं। इन्हें भगवान विष्णु और दत्तात्रेय की पूजा करनी चाहिए। इनके लिए श्री गुरु दत्तात्रेय मंदिर और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन लाभकारी हैं।मकर राशि के लोग शनि ग्रह से संचालित होते हैं। इन्हें शनिदेव और हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। इनके लिए शनि शिंगणापुर और नवग्रह मंदिर के दर्शन शुभ हैं।कुंभ राशि के जातक भी शनि ग्रह के प्रभाव में होते हैं। इन्हें शनि देव और शिवजी की पूजा करनी चाहिए। इनके लिए हरिद्वार, प्रयागराज और दिल्ली के शनि धाम दर्शन लाभकारी हैं।मीन राशि के लोग गुरु ग्रह के अधीन हैं। इन्हें विष्णु जी और माता दुर्गा की पूजा से सभी मनोकामना पूरी होती हैं। इन्हें कोल्हपुर के महालक्ष्मी और नरसिंह मंदिर में दर्शन करना चाहिए।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
आईसीईए और जीएसए ने रणनीतिक साझेदारी का किया ऐलान, भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावाबेंगलुरु, 31 अक्टूबर । इंडिया सेलुलर और इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) और ग्लोबल सेमीकंडक्टर एलायंस (जीएसए) ने शुक्रवार को रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया और इसका उद्देश्य देश को ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में एकीकृत करना है। यह घोषणा बेंगलुरु में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, जो आईसीईए और जीएसए द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इंडिया सेमीकंडक्टर लीडरशिप राउंडटेबल के साथ हुई। भारत की पॉलिसी और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के साथ आईसीईए की गहरी भागीदारी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के अग्रणी लोगों के जीएसए के बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को मिलाकर, इस साझेदारी का उद्देश्य सीमा पार सहयोग को सुविधाजनक बनाना, वैल्यू चेन में विविधीकरण को मजबूत करना और वैश्विक सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत करना है। इस साझेदारी के तहत, आईसीईए और जीएसए ने संयुक्त रूप से बेंगलुरु में 'इंडिया सेमीकंडक्टर लीडरशिप राउंडटेबल' का उद्घाटन किया, जिसमें वैश्विक और भारतीय सेमीकंडक्टर लीडर्स और सीनियर पॉलिसीमेकर्स ने हिस्सा लिया। इस साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए, आईसीईए और जीएसए 2026 में संयुक्त रूप से 'इंडिया सेमीकंडक्टर लीडरशिप समिट' का आयोजन करेंगे, जिसकी तारीख की पुष्टि होना अभी बाकी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ अमितेश कुमार सिन्हा के अनुसार, आईसीईए और जीएसए की साझेदारी समयोचित और रणनीतिक दोनों है। उन्होंने कहा, "यह ग्लोबल फैबलेस इकोसिस्टम को भारत के बढ़ते डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग आधार से जोड़ता है, जिससे भारतीय फैबलेस चैंपियनों, आगामी भारतीय फाउंड्रीज और पैकेजिंग यूनिट्स की फंडिंग के लिए मार्ग तैयार होता है।" भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत, सरकार ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के निर्माण के लिए 76,000 करोड़ रुपए के परिव्यय को मंजूरी दी है। लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपए की निवेश प्रतिबद्धताओं वाली लगभग 10 प्रोजेक्ट्स को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, एटीएमपी/ओएसएटी सुविधाएं और कंपाउंड-सेमीकंडक्टर पहल शामिल हैं, जो कार्यान्वयन की मजबूत गति का संकेत देती हैं।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
एक समावेशी और खुली एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्था का निर्माण : शी चिनफिंग दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में स्थित ह्वाबेक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में एपेक नेताओं की 32वीं अनौपचारिक बैठक का पहला चरण आयोजित किया गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बैठक में भाग लिया और एक महत्वपूर्ण भाषण दिया। अपने भाषण में शी चिनफिंग ने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से 30 से अधिक वर्षों में एपेक ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक खुले विकास के अग्रभाग में अग्रणी बनाया है, एशिया-प्रशांत के मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए खाका तैयार करने से लेकर एशिया-प्रशांत साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को बढ़ावा देने तक और एशिया-प्रशांत क्षेत्र को विश्व अर्थव्यवस्था में सबसे गतिशील क्षेत्र बनने में मदद की है। शी चिनफिंग ने पांच सुझाव पेश किए। सबसे पहले, हमें संयुक्त रूप से बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को कायम रखना चाहिए। दूसरा, हमें एक खुला क्षेत्रीय आर्थिक वातावरण बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। तीसरा, हमें औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता और सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना होगा। चौथा, हमें संयुक्त रूप से व्यापार के डिजिटलीकरण और हरितकरण को बढ़ावा देना चाहिए। पांचवां, हमें संयुक्त रूप से सार्वभौमिक रूप से लाभकारी और समावेशी विकास को बढ़ावा देना चाहिए। शी चिनफिंग के अनुसार चीन ने हमेशा बाहरी दुनिया के लिए खुलेपन की अपनी मूल राष्ट्रीय नीति पर कायम रहकर एक खुली विश्व अर्थव्यवस्था के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। बाहरी दुनिया के लिए चीन का द्वार बंद नहीं होगा, बल्कि और अधिक खुलेगा।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
महिला विश्व कप : गिल के कोच को भारत की जीत का भरोसा, भुवनेश्वर कुमार ने दीं शुभकामनाएं नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। भारत ने महिला विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में जीत के साथ खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया है। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के वनडे कप्तान शुभमन गिल के बचपन के कोच सुखविंदर पिंकू को भरोसा है कि इस बार भारतीय टीम ही विश्व कप खिताब अपने नाम करेगी। वहीं, तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने भी महिला खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं। सुखविंदर पिंकू ने आईएएनएस से कहा, "भारतीय महिलाएं क्रिकेट जगत में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। देश की बेटियां इस खेल को चुन रही हैं। माता-पिता खुद चाहते हैं कि इस खेल में उनकी बेटियां अपना करियर बनाएं। भारत में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं।" उन्होंने कहा, "भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी शानदार है। हमारी कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिगेज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन किया। हमें उम्मीद है कि भारत ही विश्व कप खिताब जीतेगा। पंजाब की बेटियां क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। हरमनप्रीत कौर, हरलीन, अमनजोत कौर भारतीय टीम में शानदार योगदान दे रही हैं।" वहीं, तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने महिला खिलाड़ियों की तारीफ में कहा, "विश्व कप के फाइनल में पहुंचना बेहद खुशी की बात है। हम दुआ करेंगे कि भारत जीते। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दबाव वाले मैच में जीतना तारीफ के काबिल है। फाइनल मैच के लिए टीम को शुभकामनाएं।" ओडिशा के मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा, "हम ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में पहुंचे हैं। मैं भारतीय टीम को शुभकामनाएं देता हूं। ईश्वर का आशीर्वाद आपके साथ है। मेरी कामना है कि भारत ही इस विश्व कप को जीते।" मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया की पुरुष टीमों के बीच पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज का दूसरा मैच शुक्रवार को खेला जा रहा है। इस मुकाबले को देखने मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे फैंस ने भारतीय महिलाओं के प्रदर्शन को जमकर सराहा है, जिन्होंने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में 5 विकेट से जीत दर्ज की। एक फैन ने आईएएनएस से कहा, "हमने मई में ही फाइनल के लिए टिकट बुक कर लिए थे। हम फाइनल मुकाबले को लेकर उत्साहित थे और अब, जब भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंच गई है, तो मानो सोने पर सुहागा हो गया! हम इस मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।" एक अन्य फैन ने कहा, "जब सुबह उठकर मुझे भारत की जीत की खबर मिली, तो बहुत खुशी हुई। हमें इसका लंबे समय से इंतजार था। यकीनन इस विश्व कप को हम अपने नाम करेंगे।" भारत ने नवी मुंबई में खेले गए सेमीफाइनल मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम को 49.5 ओवरों में 338 रन पर समेटा था। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 48.3 ओवरों में जीत दर्ज कर ली।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
भारत-अमेरिका के बीच 10 साल की डिफेंस डील पक्की, राजनाथ सिंह ने अमेरिकी युद्ध सचिव से की मुलाकातमलेशिया में 12वें आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) का आयोजन हो रहा है। इस मौके पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मलेशिया पहुंचे हुए हैं। मलेशिया में राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कुआलालंपुर में अमेरिकी युद्ध सचिव पीटर हेगसेथ के साथ बैठक की। आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक सुरक्षा को लेकर बहुपक्षीय चर्चा का प्लेटफॉर्म है। ऐसे में रक्षा मंत्री सिंह और हेगसेथ के बीच यह बैठक बहुपक्षीय सुरक्षा मंच में भाग लेने वाले रक्षा नेताओं के बीच चर्चाओं की शृंखला के एक भाग के रूप में हो रही है। भारतीय रक्षा मंत्री ने मुलाकात की तस्वीरें साझा कर एक्स पर लिखा, "कुआलालंपुर में पीटर हेगसेथ के साथ एक उपयोगी बैठक हुई। हमने 10 साल के 'अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी की रूपरेखा' पर हस्ताक्षर किए। यह हमारी पहले से ही मजबूत रक्षा साझेदारी में एक नए युग की शुरुआत करेगा। यह रक्षा रूपरेखा भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के संपूर्ण आयाम को नीतिगत दिशा प्रदान करेगी।" उन्होंने आगे लिखा कि रक्षा हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बना रहेगा। एक स्वतंत्र, खुले और नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए हमारी साझेदारी महत्वपूर्ण है। इससे पहले, हेगसेथ ने अपने मलेशियाई और चीनी समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून के साथ अपनी बातचीत की जानकारी साझा करते हुए हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "आज, मैंने आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से मुलाकात की। यह एक अच्छी और रचनात्मक बैठक थी। मैंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला और दक्षिण चीन सागर, ताइवान के आसपास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों और साझेदारों के प्रति चीन की गतिविधियों के बारे में अमेरिकी चिंताओं पर जोर दिया।" उन्होंने आगे लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका संघर्ष नहीं चाहता। वह अपने हितों की दृढ़ता से रक्षा करता रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि क्षेत्र में उसके पास ऐसा करने की क्षमता हो। आज की बैठक 9 सितंबर को एडमिरल डोंग के साथ हमारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद हुई। हम आपसी महत्व के मामलों पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ चर्चा जारी रखेंगे।" बता दें कि गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एडीएमएम-प्लस में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर मलेशिया पहुंचे। मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बीएन रेड्डी ने सुबांग एयरबेस पर उनका स्वागत किया। कुआलालंपुर में आयोजित हो रहे 12वें एडीएमएम-प्लस में आसियान सदस्य देशों और भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सहित आठ संवाद भागीदारों के बीच चर्चा होगी। राजनाथ सिंह द्वारा 'एडीएमएम-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और आगे का रास्ता तैयार करना' विषय पर मंच को संबोधित करने की उम्मीद है। अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के रक्षा मंत्रियों और वरिष्ठ नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। भारत 1992 से आसियान का एक संवाद साझेदार है। एडीएमएम-प्लस की स्थापना 2010 में की गई और तब से ही इसमें भारत की सक्रिय भूमिका रही है। वर्तमान (2024-2027) में, भारत और मलेशिया आतंकवाद-निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह के सह-अध्यक्ष हैं। अगला आसियान-भारत समुद्री अभ्यास 2026 में आयोजित किया जाएगा।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मानव रहित एयरक्राफ्ट सिस्टम बनाने में सहयोग पर बनी सहमतिभारत और ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को कैनबरा में सेना-से-सेना स्टाफ वार्ता का समापन किया। इस वार्ता के तहत जल-थल-स्थल संचालन और मानव रहित एयरक्राफ्ट सिस्टम (यूएएस) में सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारतीय सेना के अतिरिक्त, लोक सूचना महानिदेशालय (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "भारत-ऑस्ट्रेलिया सेना-से-सेना स्टाफ वार्ता 29-31 अक्टूबर 2025 तक कैनबरा में आयोजित की गई। विचार-विमर्श में बढ़ते सेना-से-सेना सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया, जल-थल अभियानों और मानव रहित विमान प्रणालियों में सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज की गई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और रॉयल मिलिट्री कॉलेज डंटरून का दौरा किया।" गुरुवार को, दोनों देशों ने कैनबरा में आतंकवाद निरोध पर संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की 15वीं बैठक भी संपन्न की। इसमें कट्टरपंथ और आतंकवाद का मुकाबला करने में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान, दोनों देशों के अधिकारियों ने उभरते घरेलू, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद परिदृश्य पर चर्चा की और आतंकवाद निरोध, कानून प्रवर्तन, न्यायिक सहयोग और समुद्री सुरक्षा में सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय (एमईए) के बयान के अनुसार, बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आतंकवाद-रोधी) विनोद बहाडे और ऑस्ट्रेलिया की आतंकवाद-रोधी राजदूत जेम्मा हगिंस ने की। विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों पक्षों ने पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए जघन्य आतंकवादी हमले की निंदा की और ऑस्ट्रेलियाई पक्ष ने भारत के प्रति अपना समर्थन और एकजुटता दोहराई।" विदेश मंत्रालय की ओर से आगे कहा गया, "दोनों पक्षों ने आतंकवाद का मुकाबला करने में चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता को स्वीकार किया। दोनों पक्षों ने आतंकवादी उद्देश्यों के लिए नई और उभरती हुई तकनीक के उपयोग का मुकाबला करने के लिए समय पर सूचना साझा करने और ठोस कार्रवाई में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। इसके साथ ही आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।"PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
सुपर कप: समिक मित्रा के गोल से चेन्नईयिन एफसी ने डेम्पो स्पोर्टिंग के खिलाफ मैच ड्रॉ करायागोवा, 31 अक्टूबर । बम्बोलिम के जीएमसी एथलेटिक स्टेडियम में शुक्रवार को एआईएफएफ सुपर कप 2025-26 में चेन्नईयिन एफसी और डेम्पो स्पोर्टिंग के बीच खेला गया मुकाबला 1-1 से ड्रा रहा। चेन्नईयिन एफसी ने अपने गोलकीपर समिक मित्रा के गोल की बदौलत मैच को ड्रॉ करवाया। समिक क्लब के इतिहास में किसी प्रतिस्पर्धी मुकाबले में ओपन प्ले से गोल करने वाले पहले गोलकीपर बने। मुख्य कोच क्लिफोर्ड मिरांडा ने पिछले मैच की शुरुआती एकादश में पांच बदलाव किए, जिसमें मित्रा पोस्ट के बीच लौटे और क्लूसनर परेरा डिफेंस में शामिल हुए। मिडफील्ड में किंग्सली फर्नांडीस ने लालरिनलियाना हनमते के साथ जोड़ी बनाई, जबकि विवेक एस और महेसन सिंह ने आक्रमण में इरफान यादवद का साथ दिया। चेन्नईयिन ने शानदार शुरुआत की और मौके बनाए। पहले हाफ में गेंद पर अधिकांश समय तक कब्जा भी चेन्नईयिन एफसी का रहा। लेकिन, 25वें मिनट में डेम्पो ने एक फ्री किक को गोल में बदला। डेम्पो ज्यादा देर तक अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सकी। कुछ ही मिनट बाद, समिक ने एक अविस्मरणीय पल बनाया जब अपने ही क्षेत्र से उनकी लंबी किक ने विपक्षी टीम को चौंका दिया, डेम्पो की बैकलाइन के ऊपर से गोलकीपर की पहुंच से बाहर जाकर चेन्नईयिन को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद दोनों ही टीमों ने गोल करने और अपनी बढ़त बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन इसका फायदा उन्हें नहीं मिला। चेन्नईयिन के कई खिलाड़ी भी प्रतिस्थापन के रूप में बदले, जिसका कोई फायदा नहीं हुआ। दूसरे हाफ के बीच में चेन्नईयिन के इरफान गोल करने के करीब पहुंच गए, लेकिन उनका हेडर पोस्ट से थोड़ा दूर चला गया। जैसे-जैसे मैच समाप्ति की ओर बढ़ रहा था, चेन्नईयिन ने जीत की तलाश में दबाव बढ़ा दिया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। सुपर कप में चेन्नईयिन एफसी का अभियान ड्रॉ पर समाप्त हुआ।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
एप्पल ने सितंबर तिमाही में भारत में रेवेन्यू ग्रोथ का ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बनायाटेक कंपनी एप्पल ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में 102.5 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू हासिल किया है, जो कि बीते वर्ष की समान अवधि में 8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अर्निंग कॉल के दौरान एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा, "सितंबर तिमाही में 102.5 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड रेवेन्यू में आईफोन के लिए सितंबर तिमाही का रिकॉर्ड रेवेन्यू और सर्विसेज के लिए अब तक का सबसे अधिकरि रेवेन्यू शामिल है।" उन्होंने आगे कहा, "सितंबर तिमाही में हमने अपना अब तक का सबसे बेहतरीन आईफोन लाइनअप लॉन्च किया, जिसमें आईफोन 17, आईफोन 17 प्रो, आईफोन 17 प्रो मैक्स और आईफोन एयर जैसे मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा, हमने एयरपोड्स प्रो 3 और एक नया एप्पल वॉच लाइनअप भी लॉन्च किया है। इसके अलावा, पावरफुल एम5 चिप वाले मैकबुक प्रो और आईपैड प्रो के साथ हम अपना सबसे शानदार प्रोडक्ट्स का लाइनअप शेयर करते हुए उत्साहित हैं।" एप्पल के सीएफओ केवन पारेख ने कहा, "आईफोन का रेवेन्यू 49 बिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 6 प्रतिशत ज्यादा है और इसका श्रेय आईफोन 16 फैमिली को जाता है।आईफोन ने हमारे ट्रैक किए गए अधिकतर मार्केट में ग्रोथ दर्ज करवाई, जिसमें लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट और साउथ एशिया जैसे कई इमर्जिंग मार्केट में सितंबर तिमाही के रिकॉर्ड बने हैं। इसके अलावा, भारत में तो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना है।" इससे पहले एप्पल ने आईफोन 17 सीरीज की सफलता और त्योहारी सीजन की मांग के बल पर भारत में अपनी अब तक की सबसे अधिक तिमाही शिपमेंट दर्ज की। कंपनी ने 2025 की जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान देश में कुल 49 लाख स्मार्टफोन भेजे। पिछले दिनों रिसर्च फर्म ओमडिया शिपमेंट का यह आंकड़ा सालाना आधार पर 47 प्रतिशत की वृद्धि के साथ भारतीय बाजार में एप्पल के अब तक के सबसे मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। इसके अलावा, इस तिमाही में एप्पल के कुल ग्लोबल आईफोन शिपमेंट में भारत का हिस्सा 9 प्रतिशत रहा,जो देश के लिए अब तक का सबसे बड़ा हिस्सा है। यह कंपनी की वैश्विक रणनीति में देश के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
सैम ऑल्टमैन ने 7 साल पहले की थी टेस्ला कार बुक, लंबे समय से कर रहे हैं रिफंड का इंतजारओपनएआई के फाउंडर और सीईओ सैम ऑल्टमैन ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने कई वर्षों पहले टेस्ला कार बुक की थी, लेकिन यह कार उन्हें कभी मिली ही नहीं। इस कार के लिए उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा और वे अब रिफंड के इंतजार में हैं। ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर लिखा, "मैं टेस्ला कार के लिए काफी उत्साहित था। मैं देरी भी समझता हूं। लेकिन 7.5 वर्षों का यह इंतजार मेरे लिए काफी लंबा रहा।" ऑल्टमैन ने 11 जुलाई 2018 का एक स्क्रीनशॉट शेयर कर जानकारी दी कि उन्होंने इस कार की बुकिंग 2018 में ही कर ली थी, जिसके लिए उन्होंने 45000 डॉलर का बुकिंग अमाउंट भी पे कर दिया था। इस पेमेंट को कंपनी की ओर से कंफर्म भी कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने टेस्ला कार के लिए अपने रिजर्वेशन को कैंसल करने और भुगतान की गई राशि को वापस मांगने के लिए कंपनी को एक दूसरा मेल किया। लेकिन ईमेल बाउंस बैक हो गया। उनके द्वारा शेयर किए गए तीसरे स्क्रीनशॉट में कंपनी का ईमेल एड्रेस नॉट फाउंड शो हो रहा है। सैम ऑल्टमैन द्वारा टेस्ला को लेकर की इस शिकायत पर फिलहाल टेस्ला के सीईओ एलन मस्क की ओर से किसी तरह का जवाब नहीं आया है। यह भी साफ नहीं है कि कंपनी की ओर से उन्हें निजी तौर पर किसी तरह की प्रतिक्रिया दी गई है या नहीं। ऑल्टमैन की ओर से अभी यह जानकारी भी नहीं दी गई है कि उन्होंने किस टेस्ला मॉडल को लेकर बुकिंग की थी। हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो यह टेस्ला रोडस्टर हो सकती है। इस बीच, टेस्ला भारत में अपनी पहली कार मॉडल वाई की डिलीवरी कर चुकी है। कंपनी ने बीते महीने सितंबर में इस कार की डिलीवरी मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में की। टेस्ला की यह कार महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने खरीदी। जिसको लेकर राज्य के परिवहन मंत्री ने कहा था कि कार खरीदने का उनका फैसला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए था।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
भगवान की मूर्ति रखने की सही दिशा कौनसी है? क्या W3 दिशा में रखने से कैसे रुक सकती है प्रगति?घर का हर कोना कुछ न कुछ कहता है. कई बार हम सोचते हैं कि अगर कोई दिशा खाली है, तो वहां भगवान की मूर्ति रख दी जाए. खासतौर पर वेस्ट-थ्री (W3) यानी पश्चिम की तीसरी दिशा में, लेकिन क्या ये सही है? बहुत लोग कहते हैं “भगवान को रख दो, फिर कुछ नहीं करना पड़ेगा, वो खुद सब देख लेंगे.” लेकिन वास्तु शास्त्र ऐसा नहीं मानता. हर दिशा का एक असर होता है, और अगर आपने किसी जगह पर गलत तरीके से भगवान को रखा, तो वहां रुकावटें आ सकती हैं. इस लेख में हम बात करेंगे कि W3 दिशा में भगवान को रखना सही है या नहीं, और इससे जुड़ी खास बातें जो आपको जाननी चाहिए. इस बारे में बता रहे हैं W3 दिशा क्या होती है?W3 यानी पश्चिम दिशा का तीसरा भाग, जो मुख्य वेस्ट लाइन के करीब होता है. यह दिशा सामान्य तौर पर मूवमेंट और ठहराव से जुड़ी होती है. यहीं पर अगर कोई चीज़ लंबे समय तक रख दी जाए जैसे भगवान की मूर्ति तो वहां रुकावटें बनने लगती हैं. वास्तु के मुताबिक, W3 एक ऐसी जगह है जो चीजों को अटका देती है. यहां कोई भी चीज रख दो, वह वहीं की होकर रह जाती है. अब अगर आप भगवान को यहां बिठा देते हैं, तो सिर्फ आपकी श्रद्धा नहीं अटकती, बल्कि आपके जीवन में कई फैसले भी अटकने लगते हैं. लोग कोशिश करते रहते हैं, लेकिन बात नहीं बनती.क्या होता है जब भगवान W3 में होते हैं?जब आप भगवान की मूर्ति W3 में रखते हैं, तो ऐसा महसूस होता है जैसे कुछ चीज़ें रुक गई हैं. आप काम कर रहे हैं, मेहनत भी कर रहे हैं, लेकिन उसका रिजल्ट नहीं मिल रहा. यहां बैठा हुआ भगवान “स्थान” ले लेता है. वो हिलता नहीं, आगे नहीं बढ़ता और न ही आपको आगे बढ़ने देता है. आपके घर में एक तरह की रुकी हुई ऊर्जा बनने लगती है. कुछ लोगों को ऐसा लगता है जैसे कोई भी बात पूरी होने ही नहीं देती. यही वजह है कि वास्तु में इस जगह को पूजा के लिए सही नहीं माना गया है. सही दिशा कौन-सी है?अगर आप भगवान की मूर्ति या पूजा की जगह तय करना चाहते हैं, तो सबसे अच्छे विकल्प हैं:1. ईशान कोण (North-East) – इसे सबसे शुभ दिशा माना जाता है पूजा-पाठ के लिए.2. पूर्व (East) – यहां पर सूर्य की ऊर्जा सबसे पहले आती है, जो घर में पॉज़िटिव एनर्जी लाती है.3. उत्तर (North) – इसे धन और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है.इन तीनों में से कोई भी दिशा चुन सकते हैं, बस ये ध्यान रखें कि भगवान का मुख आमतौर पर पश्चिम या दक्षिण की ओर न हो. अगर गलती से W3 में रख दिया हो तो?अगर आपने पहले से ही भगवान की मूर्ति W3 में रख दी है और अब पढ़कर समझ में आया है कि ये जगह ठीक नहीं है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है.आप बस पूजा के स्थान को धीरे-धीरे शुभ दिशा में शिफ्ट करें. मूर्ति को हटाने से पहले एक दिन पूजा करें, उन्हें धन्यवाद दें, फिर उन्हें नई जगह रखें.PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
142 दिन बाद निद्रा से जागेंगे श्रीहरिदो दिन होगी देव प्रबोधिनी एकादशी… रवि योग और रुचक महापुरुष राजयोग का संयोग देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi) इस बार 1 नवंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) की उपासना की जाती है। इस एकादशी को देवोत्थान एकादशी, देवुत्थान एकादशी और देव प्रबोधिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी से सभी मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, मुंडन की शुरुआत हो जाती है और चार महीने के चातुर्मास का समापन होता है। इस बार देवउठनी एकादशी बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन एक खास योग बनने जा रहे हैं। दरअसल, इस दिन रवि योग और रुचक महापुरुष राजयोग का संयोग बनने जा रहा है। देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु लगभग 142 दिन बाद योग निद्रा से जागेंगे। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। यह तिथि हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ मानी गई है। इसी दिन भगवान विष्णु चार महीनों की योग निद्रा से जागते हैं। भगवान विष्णु के जागने के साथ ही चातुर्मास का समापन होता है और सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन आदि पुन: प्रारंभ हो जाते हैं। देवउठनी एकादशी को देव प्रबोधिनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन साधक भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत का पालन करते हैं। इसके साथ ही इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। इस साल एकादशी तिथि दो दिन होने के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि किस दिन देवउठनी एकादशी का व्रत रखना लाभकारी हो सकता है। वैदिक पंचांग के अनुसारकार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवंबर को सुबह 9 बजकर 12 मिनट पर आरंभ हो रही है, जो 2 नवंबर को शाम 7 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में देवउठनी एकादशी का व्रत गृहस्थ लोग 1 नवंबर को और वैष्णव संप्रदाय के लोग 2 नवंबर को रखेंगे। दरअसल, वैष्णव परंपरा में व्रत का पारण हरियासर करते हैं यानी श्रीहरि विष्णु के जागने का सटीक मुहूर्त होता है, वहीं गृहस्थ लोग पंचांग के अनुसार रखते हैं। संतों को अक्षय फल, गृहस्थों को लाभसाल 2025 में हरि प्रबोधिनी एकादशी दो दिन तक मनाई जाएगी। गृहस्थ जीवनयापन वाले और वैष्णव यानी साधु-संतों को इस एकादशी का संपूर्ण फल प्राप्त होगा। कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 1 नवंबर से शुरू होगी, जो 2 नवंबर तक रहेगी। 1 नवंबर को स्मार्त यानी गृहस्थी में रहने वाले साधकों की ओर से एकादशी का व्रत करने पर इसका संपूर्ण फल प्राप्त होगा और जीवनभर कार्यों में बाधा, समस्याएं नहीं आएंगी। 2 नवंबर को वैष्णव संप्रदाय यानी साधु-संतों की ओर से यह व्रत करने पर उन्हें अक्षय फल की प्राप्ति होगी। एकादशी व्रत पारण का समय2 नवंबर को पारण का समय – दोपहर 01 बजकर 11 मिनट से 03 बजकर 23 मिनटहरि वासर समाप्त होने का समय -12.553 नवंबर को गौण एकादशी के लिए पारण का समय-सुबह 06 बजकर 34 मिनट से 08 बजकर 46 मिनट तक विधि-विधान से करें पूजनदेवउठनी ग्यारस के दिन ब्रह्मï मुहूर्त में जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इस दिन घर के दरवाजे को पानी से स्वच्छ करना चाहिए, फिर चूने व गेरू से देवा बनाने चाहिए। उसके ऊपर गन्ने का मंडप सजाने के बाद देवताओं की स्थापना करना चाहिए। भगवान विष्णु का पूजन करते समय गुड़, रूई, रोली, अक्षत, चावल, पुष्प रखना चाहिए। पूजन में दीप जलाकर देव उठने का उत्सव मनाते हुए ‘उठो देव बैठो देव’ का गीत गाना चाहिए। देव प्रबोधिनी एकादशी का महत्व शास्त्रों में उल्लेखित है। गोधूलि बेला में तुलसी विवाह करने का पुण्य लिया जाता है। एकादशी व्रत और कथा श्रवण से स्वर्ग की प्राप्ति होती है। नारायण से पहले जागती हैं महालक्ष्मीदेवउठनी ग्यारस को भगवान चार माह की निद्रा से उठते हैं। आषाढ़ माह शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान नारायण शयन करते हैं और कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की एकादशी को जागते हैं। यह भी मान्यता है कि पति से पूर्व पत्नी जागती हैं और घर की सफाई सहित अन्य कार्य पूर्ण कर पति के जागने की प्रतीक्षा करती हैं। ठीक उसी प्रकार माता महालक्ष्मी दीपावली के दिन जागती हैं। इसी कारण सभी घरों में साफ-सफाई की जाकर घरों की साज-सज्जा की जाती है। ऐसे जगाएं भगवान कोव्रती स्त्रियां इस दिन प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त होकर आंगन में चौक बनाएं। इसके पश्चात भगवान विष्णु के चरणों को कलात्मक रूप से अंकित करें। फिर दिन की तेज धूप में विष्णु के चरणों को ढंक दें। देवउठनी एकादशी को रात्रि के समय सुभाषित स्तोत्र पाठ, भगवत कथा और पुराणादि का श्रवण और भजन आदि का गायन करें। घंटा, शंख, मृदंग, नगाड़े और वीणा बजाएं। मंत्रों का जाप करें। घर में विराजेंगे श्री, संपदा और वैभवश्रीकृष्ण अथवा विष्णुजी तुलसी पत्र से प्रोक्षण किए बिना नैवेद्य स्वीकार नहीं करते। कार्तिक मास में विष्णु भगवान का तुलसीदल से पूजन करने का महत्व अवर्णनीय है। तुलसी विवाह से कन्यादान के बराबर पुण्य मिलता है, साथ ही घर में श्री, संपदा, वैभव विराजते हैं।तुलसी नामाष्टक का जप करेंअश्वमेध यज्ञ से प्राप्त पुण्य कई जन्मों तक फल देने वाला होता है। यही पुण्य तुलसी नामाष्टक के नियमित पाठ से मिलता है। तुलसी नामाष्टक का पाठ किया जाना चाहिए।तुलसी नामाष्टकवृन्दा वृन्दावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।पुष्पसारा नन्दनीच तुलसी कृष्ण जीवनी।।एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।य: पठेत तां च सम्पूज् सौऽश्रमेघ फलंलमेता।।सनातन धर्म के अनुसारशास्त्रानुसार ग्यारस के दिन किए गए दान-पुण्य का हजार गुना फल मिलता है। अत: इन दोनों ही दिन जितना अधिक से अधिक हो सके दान-पुण्य करना चाहिए। इस दिन गायों को चारा खिलाने तथा गरीब भिखारियों को भोजन, दान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मृत्यु के बाद स्वर्ग की प्राप्ति होती है।एकादशी को भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी का भी दिन माना जाता है। अत: यथाशक्ति देवशयनी एकादशी को उपवास रखकर भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की विधि अनुसार पूजा-आराधना करना चाहिए। ऐसा करने से इस जीवन में तो सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है, मृत्यु उपरांत मोक्ष भी प्राप्त होता है। अबूझ मुहूर्त में शुभ कार्यú नम: नारायणाभ्याम, ú उमा माहेश्वराय नम:, ú रां ईं हीं हूं हूं, ú घृणी सूर्याय आदित्य ú व दिवाकराय विरमहे महातेनाम धीमहिं तन्नाभानू प्रचोदयात मंत्र के जप से नौकरी में तरक्की, उत्तम स्वास्थ्य सहित मनोकामनाएं पूरी होती हैं। व्रत के दौरान इन मंत्रों का जप करना चाहिए। खखोल्काय स्वाहा से सूर्यदेव को अघ्र्य दें। देवउठनी ग्यारस के अबूझ मुहूर्त में सोने और चांदी की खरीदी लाभदायक रहेगी। इस दिन खरीदी गई वस्तु को भगवान विष्णु को अर्पित करने के बाद उसका उपयोग करने से शुभ फल प्रदान करने के साथ ही लंबे समय तक आपके पास रहेगी। इस दिन गन्ना और अन्य ऋतु फलों को दान करने से समृद्धि बढ़ती है।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
आसियान शिखर सम्मेलन: मलेशिया के पीएम ने अनिश्चितता से निपटने के लिए मांगा सहयोगमलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आसियान शिखर सम्मेलन का आगाज हो चुका है। समिट का उद्घाटन करते हुए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को कहा कि विश्व में व्याप्त संरक्षणवाद और अनिश्चितता का सामना करने के लिए अनुकूलनशीलता और सहयोग की आवश्यकता है। मलेशिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि बढ़ता संरक्षणवाद और बदलती आपूर्ति शृंखलाएं हमें याद दिलाती हैं कि लचीलापन अनुकूलनशीलता पर निर्भर करता है। विभिन्न क्षेत्रों में हम बढ़ती प्रतिस्पर्धा और बढ़ती अनिश्चितता देख रहे हैं। ये विपरीत परिस्थितियां न केवल हमारी अर्थव्यवस्था, बल्कि सहयोग में विश्वास बनाए रखने के हमारे सामूहिक संकल्प की भी परीक्षा लेती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि विपरीत हालात में भी समझ और संवाद कायम रह सकता है। 47वां शिखर सम्मेलन ऐसे समय में शुरू हुआ है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में इसके सदस्यों पर टैरिफ का संकट गहरा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ वॉर की शुरुआत की थी। राष्ट्रपति ट्रंप इस शिखर सम्मेलन में गेस्ट के रूप में उपस्थित होंगे। हालांकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होंगे, बल्कि वर्चुअल माध्यम से ही इसे संबोधित करेंगे। गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम से बातचीत की और मलेशिया द्वारा आसियान सम्मेलन की अध्यक्षता ग्रहण करने पर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने आगामी शिखर सम्मेलनों की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले दक्षिण पूर्व एशियाई देश तिमोर-लेस्ते इस संगठन का 11वां सदस्य बन गया। आसियान के अन्य सदस्य मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, कंबोडिया, लाओस, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई और म्यांमार हैं। मलेशिया आसियान का वर्तमान अध्यक्ष है। आसियान सम्मेलन में सदस्य देशों के अलावा 30 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला द सिल्वा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग, जापान की साने ताकाइची, ऑस्ट्रेलिया के एंथनी अल्बानीज और कनाडा के माइक कार्नी भी शामिल हैं। पीएम अनवर ने कहा कि चुनौतियों का सामना करते हुए आसियान को नई साझेदारियां बनानी होंगी और मौजूदा संबंधों को और गहरा करना होगा। लूला दा सिल्वा और रामफोसा का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह ब्रिक्स और जी20 के साथ संबंधों को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसकी अध्यक्षता इस वर्ष दक्षिण अफ्रीका कर रहा है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम 26-28 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में आसियान सदस्य देशों के नेताओं के साथ-साथ अमेरिका, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य प्रमुख साझेदार देशों के शीर्ष अधिकारियों की मेजबानी करेंगे। आसियान के 10 सदस्य देशों, जिन्हें आमतौर पर आसियान कहा जाता है, समूह के बाहर से आमंत्रित लोगों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हैं। रविवार से शुरू होकर मंगलवार तक चलने वाली बैठकों की सुरक्षा के लिए मलेशियाई राजधानी में 10,000 से अधिक पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
जयशंकर ने यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल से एफटीए पर चर्चा की, 2025 अंत तक समझौता लक्ष्यविदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में यूरोपीय संसद की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समिति के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और अभिसरण को अधिकतम करने और सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने लिखा, "गुरुवार को दिल्ली में यूरोपीय संसद की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समिति (आईएनटीए) के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। चर्चा हुई कि भारत और यूरोपीय संघ अभिसरण को कैसे अधिकतम कर सकते हैं और सहयोग को कैसे गहरा कर सकते हैं। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ सकती है और लोकतांत्रिक ताकतें मजबूत हो सकती हैं। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का शीघ्र समापन इन उद्देश्यों में बड़ा बदलाव ला सकता है।" इससे पहले 26-28 अक्टूबर को ब्रुसेल्स यात्रा पर रहे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफ्कोविक से एफटीए के लंबित मुद्दों पर सार्थक बातचीत की थी। आधिकारिक बयान में कहा गया, "फरवरी 2025 में आयुक्तों के कॉलेज की नई दिल्ली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के स्पष्ट निर्देशों का पालन करते हुए, दोनों पक्षों ने 2025 के अंत तक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को संपन्न करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।" यह बातचीत एक ऐसे व्यापार समझौते पर हुई जो दोनों पक्षों को फायदा दे, संतुलित हो और निष्पक्ष हो। यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के बीच गहरा भरोसा और मजबूत रणनीतिक रिश्ते दिखाएगा। साथ ही, दोनों एक-दूसरे की संवेदनशील बातों और प्राथमिकताओं का पूरा सम्मान करेंगे। पिछले महीने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता को शीघ्र पूरा करने और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक (आईएमईईसी) गलियारे के कार्यान्वयन के लिए साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
वैश्विक विकास में स्थिरता और निश्चितता लाएं, 'वैश्विक विकास रिपोर्ट 2025' पेइचिंग में जारीचीन अंतर्राष्ट्रीय विकास ज्ञान केंद्र द्वारा संकलित 'वैश्विक विकास रिपोर्ट 2025' का विमोचन पेइचिंग में संपन्न हुआ। 'वैश्विक विकास में स्थिरता और निश्चितता लाने के लिए मिलकर काम करें' विषय पर आधारित यह रिपोर्ट वैश्विक स्थिरता और सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रभावी मार्गों और उपायों की खोज प्रस्तुत करती है। चीनी राज्य परिषद के विकास अनुसंधान केंद्र के उप निदेशक और चीन अंतर्राष्ट्रीय विकास ज्ञान केंद्र के प्रथम उप निदेशक चांग छी ने कहा कि विकास आज विश्वभर के देशों के सामने एक साझा चुनौती और प्राथमिक आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जब दुनिया अभूतपूर्व अनिश्चितताओं और अस्थिरताओं का सामना कर रही है, तब सभी देशों को मिलकर विकास की स्थिरकारी शक्तियों और सकारात्मक कारकों का दोहन करना चाहिए। रिपोर्ट इसी विचारधारा को आगे बढ़ाती है और सतत वैश्विक विकास के लिए ठोस तथा व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत करती है। चीन अंतर्राष्ट्रीय विकास ज्ञान केंद्र के कार्यकारी उप निदेशक वांग चिनचाओ ने कहा कि रिपोर्ट इस बात पर बल देती है कि वैश्विक स्थिरता और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में सुधार को प्रोत्साहित करते हुए एक समतामूलक, व्यवस्थित और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देना आवश्यक है। साथ ही, एक खुली और समावेशी विश्व अर्थव्यवस्था का निर्माण, वैश्विक चुनौतियों का संयुक्त समाधान, प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करना, तथा वैश्विक दक्षिण के हित में आपसी लाभ पर आधारित जीत-जीत सहयोग को कायम रखना भी अनिवार्य है। वांग चिनचाओ ने यह भी कहा कि 'वैश्विक विकास रिपोर्ट' वैश्विक विकास पहल के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण ज्ञान संसाधन है, जिसका उद्देश्य देशों के बीच अनुभवों के साझा आदान-प्रदान को सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र, एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, चीन में विभिन्न देशों के दूतावासों, संबंधित चीनी सरकारी विभागों और कई प्रमुख थिंक टैंकों के 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
एक समावेशी और खुली एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्था का निर्माण : शी चिनफिंगदक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में स्थित ह्वाबेक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में एपेक नेताओं की 32वीं अनौपचारिक बैठक का पहला चरण आयोजित किया गया। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बैठक में भाग लिया और एक महत्वपूर्ण भाषण दिया। अपने भाषण में शी चिनफिंग ने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से 30 से अधिक वर्षों में एपेक ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक खुले विकास के अग्रभाग में अग्रणी बनाया है, एशिया-प्रशांत के मुक्त व्यापार क्षेत्र के लिए खाका तैयार करने से लेकर एशिया-प्रशांत साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को बढ़ावा देने तक और एशिया-प्रशांत क्षेत्र को विश्व अर्थव्यवस्था में सबसे गतिशील क्षेत्र बनने में मदद की है। शी चिनफिंग ने पांच सुझाव पेश किए। सबसे पहले, हमें संयुक्त रूप से बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को कायम रखना चाहिए। दूसरा, हमें एक खुला क्षेत्रीय आर्थिक वातावरण बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। तीसरा, हमें औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता और सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना होगा। चौथा, हमें संयुक्त रूप से व्यापार के डिजिटलीकरण और हरितकरण को बढ़ावा देना चाहिए। पांचवां, हमें संयुक्त रूप से सार्वभौमिक रूप से लाभकारी और समावेशी विकास को बढ़ावा देना चाहिए। शी चिनफिंग के अनुसार चीन ने हमेशा बाहरी दुनिया के लिए खुलेपन की अपनी मूल राष्ट्रीय नीति पर कायम रहकर एक खुली विश्व अर्थव्यवस्था के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। बाहरी दुनिया के लिए चीन का द्वार बंद नहीं होगा, बल्कि और अधिक खुलेगा।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ 2025: एंजेलिना जोली इफेक्ट के साथ ‘हर यात्रा मायने रखती है’2013 में हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलिना जोली ने दुनिया को एक बड़े फैसले से सबको चौंका दिया। उनकी मां (मार्शलीन बर्ट्रेंड) की मृत्यु ओवरी कैंसर से हुई थी। जोली ने टेस्ट कराया और पाया कि उनमें बीआरसीए1 जीन म्यूटेशन है, जो उनके ब्रेस्ट कैंसर के चांस को 87 फीसदी तक बढ़ा रहा था। एंजेलिना ने प्रिवेंटिव डबल मास्टेक्टॉमी (दोनों स्तनों को सर्जरी से हटवाना) करवा लिया। उस समय कइयों ने उनके फैसले पर सवाल उठाए, लेकिन बाद में हजारों महिलाएं अस्पताल पहुंचीं और टेस्ट कराए। डॉक्टरों का कहना है कि एंजेलिना की इस पहल से 'जोलि इफेक्ट' नाम की एक अवेयरनेस लहर उठी, जिसने अनगिनत जिंदगियां बचाईं। रिसर्च बताती है कि उनके बयान के बाद लाखों महिलाओं ने बीआरसीए टेस्ट करवाने शुरू कर दिए। जोली ने अपने शरीर से जुड़ी बेहद निजी बात का खुलासा न्यूयॉर्क टाइम्स के ओप-एड लेख में किया था। 2013 के इस लेख में उन्होंने एक मां के डर को जाहिर करते हुए लिखा, “मैं यह नहीं चाहती थी कि मेरे बच्चों को बार-बार वही डर महसूस हो जो मैंने अपनी मां के लिए महसूस किया था। मैंने तय किया कि मैं इस डर को कम करने की पूरी कोशिश करूंगी।” जोली की इस ईमानदार कोशिश की दुनिया कायल हो गई। उन्होंने अपने इसी लेख में आगे लिखा, "मेरे लिए यह लिखना आसान नहीं था। लेकिन अगर यह किसी एक महिला को भी टेस्ट करवाने और अपना जीवन बचाने के लिए प्रेरित कर सके, तो मैं अपने इस कदम को सही मानूंगी।” स्तन कैंसर का हर निदान व्यक्तिगत होता है। हर निदान के पीछे एक कहानी होती है—साहस, दृढ़ता और आशा की। और जब इससे किसी मशहूर हस्ती का नाम जुड़ जाता है तो आम जन को भी इसकी गंभीरता और भयावहता का एहसास सहज ही हो जाता है। एंजेलिना जोली की ब्रेस्ट कैंसर स्टोरी केवल हॉलीवुड की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की महिलाओं के लिए एक बड़ा संदेश बन गई।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
डायबिटीज मरीजों के लिए नाशपाती वरदान, दिल का भी रखता है ख्यालअकसर डायबिटीज पीड़ितों के सामने क्या खाएं क्या नहीं, इसे लेकर पशोपेश की स्थिति होती है। ऐसे लोगों के लिए ही नाशपाती किसी वरदान से कम नहीं। एक स्टडी भी इस पर मुहर लगाती है। शनिवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, अपने अच्छे स्वाद और औषधीय गुणों के लिए जानी जाने वाली नाशपाती में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी, विटामिन के और पोटेशियम जैसे कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यह फल हेल्दी कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी सपोर्ट करता है और दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करता है। इसके साथ ही ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी मददगार है। नाशपाती में भरपूर मात्रा में पोटेशियम होता है, जो नॉर्मल ब्लड प्रेशर बनाए रखने और दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करता है। नाशपाती में मौजूद एंथोसायनिन कंपाउंड कोरोनरी आर्टरी डिजीज से भी बचाता है। फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन में पब्लिश रिसर्च से पता चलता है कि रेगुलर नाशपाती खाने से स्ट्रोक का खतरा कम होता है। नाशपाती लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स कैटेगरी में आता है और टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए एक फ्रेश स्नैक का काम कर सकता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन की रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना नाशपाती खाने से डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है। फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट एंथोसायनिन ब्लड शुगर में अचानक होने वाली बढ़ोतरी को रोकने में मदद करता है। इस फल में कॉपर और पोटेशियम जैसे जरूरी मिनरल्स भी होते हैं, जो ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। ओपन हार्ट जर्नल ने एक ट्रायल के आधार पर बताया कि हाई कोलेस्ट्रॉल वाले जिन मरीजों को 45 दिनों तक रोज 5 एमजी कॉपर सप्लीमेंट दिया गया, उनमें टोटल कोलेस्ट्रॉल, लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन और ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल कम हो गया, जबकि हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन का लेवल बढ़ गया। इस तरह, रेगुलर नाशपाती खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है। नाशपाती के गुण यहीं खत्म नहीं होते। ये अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों का खतरा भी कम कर सकती है। इनमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी कंपाउंड और क्वेरसेटिन और केम्फेरोल जैसे फ्लेवोनोइड्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दिमाग की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन से बचाते हैं। एक स्टडी में पाया गया कि नाशपाती खाने से डिमेंशिया का खतरा कम होता है। रोज एक नाशपाती खाने से कैंसर का खतरा कम हो सकता है। इस फल में मजबूत एंटी-कैंसर कंपाउंड होते हैं। बीएमसी कॉम्प्लिमेंट्री मेडिसिन एंड थेरेपीज (2021) में पब्लिश एक रिव्यू में पाया गया कि नाशपाती में मौजूद फ्लेवोनोइड्स और टेरपेनोइड्स में एंटी-कैंसर और एंटी-ट्यूमर गुण होते हैं।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
योग से सेहतमंद जीवन, जानें वक्रासन के फायदे और करने का तरीकायोग से सेहतमंद जीवन, जानें वक्रासन के फायदे और करने का तरीका नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और बीमारियां होना आम बात है। इसी के साथ ही मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखना एक चुनौती के समान हो गया है। ऐसे में योगासन एक प्रभावी उपाय है। योग न सिर्फ शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि मन को शांत और रोगों से लड़ने की ताकत भी प्रदान करता है। योग के कई सारे आसन होते हैं, जिनमें 'वक्रासन' बहुत सरल और प्रभावी है, जिसे हर उम्र के लोगों के लिए करना उपयोगी होता है। आयुष मंत्रालय ने भी 'वक्रासन' पर विशेष जानकारी दी, जिसमें बताया गया है कि 'वक्र' शब्द का अर्थ घुमाव है। इस आसन में रीढ़ की हड्डी को घुमाया जाता है, जिससे शरीर में नई ऊर्जा आती है। यह मेरुदंड में लचीलापन बढ़ाता है और साथ ही मधुमेह को भी नियंत्रित करता है। मंत्रालय का कहना है कि हर दिन योग अपनाएं और स्वस्थ जीवन का संकल्प लें। वक्रासन, जिसे 'ट्विस्टेड पोज' या 'हाफ स्पाइनल ट्विस्ट' भी कहते हैं, एक योगासन है जिसमें रीढ़ की हड्डी को फ्लैक्स किया जाता है। यह पाचन, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन और पेट की चर्बी कम करने में सहायक है। 'वक्रासन' को करने से पैंक्रियास सक्रिय रहता है और इंसुलिन हार्मोन बनाता है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है। साथ ही, यह मन को शांत रखता है और दिन भर की थकान मिटाता है और मानसिक तनाव को कम करता है। 'वक्रासन' को करने के लिए दंडासन में सीधे बैठ जाएं। फिर, बाएं पैर को मोड़कर दाएं घुटने के पास रखें और दाएं हाथ को घुमाकर बाएं पैर के पास ले जाएं और बाएं हाथ को पीछे जमीन पर टिकाएं। फिर कमर, कंधे और गर्दन को धीरे-धीरे बाईं ओर मोड़ें और रीढ़ सीधे रखें और सामान्यता के साथ सांस लें और 30 सेकंड तक रखें। वहीं, दूसरी तरफ भी यही दोहराएं और रोजाना 5-10 मिनट तक अभ्यास करें। आयुष मंत्रालय की सलाह है कि पीठ दर्द, हाल की सर्जरी, रीढ़ की गंभीर समस्या या मासिक धर्म के दौरान यह आसन न करें। डॉक्टर से सलाह लें। योग अपनाकर हम स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
एशियाई युवा खेलों में भारतीय मुक्केबाजों ने चमक बिखेरी, जीते रिकॉर्ड पदकमनामा, 30 अक्टूबर । भारत के युवा मुक्केबाजी दल ने बहरीन में आयोजित तीसरे एशियाई युवा खेलों में रिकॉर्ड पदक जीत ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। भारतीय मुक्केबाजों ने तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीत महाद्वीपीय स्तर पर युवा मुक्केबाजी में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। खुशी चंद (46 किग्रा) ने चीन की लुओ जिनक्सिउ पर 4:1 से जीत हासिल कर भारत के लिए पदक का खाता खोला। रिंग में नियंत्रण और सटीकता खुशी चंद की जीत की मुख्य वजह रही। इसके बाद अहाना शर्मा (50 किग्रा) ने कोरिया गणराज्य की मा जोंग हयांग के खिलाफ पहले राउंड में रेफरी द्वारा मुकाबले को रोके जाने (आरएससी) के कारण जीत हासिल की। चंद्रिका भोरेशी पुजारी (54 किग्रा) ने उज्बेकिस्तान की मुहम्मदोवा कुमरिनिसो को 5:0 के निर्णायक मुकाबले में हराकर भारत के लिए तीसरा स्वर्ण जीता। हरनूर कौर (66 किग्रा) और अंशिका (+80 किग्रा) का फाइनल मुकाबला बाकी है। ऐसे में स्वर्ण पदकों की संख्या और बढ़ सकती है। लड़कों के फाइनल में, लैंचेनबा सिंह मोइबुंगखोंगबाम (50 किग्रा) कजाकिस्तान के नूरमाखान झुमगली के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार गए। इससे पहले, अनंत देशमुख (66 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया था। तीन स्वर्ण सहित पांच पदकों के साथ, भारत के युवा मुक्केबाजों ने एशियाई मंच पर अपनी बादशाहत मजबूती से स्थापित कर ली है। यह सफलता राष्ट्रीय युवा मुक्केबाजी कार्यक्रम और मुख्य प्रशिक्षक विनोद कुमार (लड़के) और जितेंद्र राज सिंह (लड़कियों) के मार्गदर्शन में एनएस एनआईएस पटियाला में आयोजित कठोर प्रशिक्षण शिविर का परिणाम है। एशियाई युवा मुक्केबाजी में भारतीय दल का प्रदर्शन वैश्विक मंच पर भारत के इस खेल में बढ़ते दबदबे को प्रदर्शित करता है। इस टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले मुक्केबाज ही आगे चलकर कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
जबलपुर हाईकोर्ट में प्रमोशन आरक्षण पर सुनवाई, सरकारी आंकड़ों पर सवालजबलपुर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में प्रमोशन में आरक्षण (Promotion in Reservation) के विवाद पर सोमवार को हाईकोर्ट (High Court) में अहम सुनवाई हुई. राज्य सरकार (State Goverment) ने इस दौरान कर्मचारियों (Employees) से जुड़े आंकड़े सीलबंद लिफाफे में पेश किए. कोर्ट ने पाया कि कुछ विभागों में आरक्षित वर्ग के कर्मचारी पहले से अधिक हैं. इस पर कोर्ट ने सरकार के जवाब और नीति दोनों पर असंतोष जताया. हाईकोर्ट ने सरकार से स्पष्ट स्पष्टीकरण मांगा कि प्रमोशन पॉलिसी में संतुलन कैसे सुनिश्चित होगा. कोर्ट ने कहा कि आंकड़े पारदर्शी तरीके से पेश किए जाएं. अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या ये आंकड़े “क्वांटिफाएबल डेटा” (Quantifiable Data) के तौर पर प्रमाणिक और विभागवार पूर्ण हैं. अदालत ने यह भी देखा कि कुछ विभागों में पहले से ही आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों की संख्या सामान्य वर्ग से अधिक है. इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार के जवाब पर असंतोष जताया. मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कहा कि सरकार की जवाबी रिपोर्ट अधूरी है. कई विभागों के आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं. कोर्ट ने सवाल किया कि यदि कुछ विभागों में आरक्षित वर्ग पहले से ही पदों पर पर्याप्त है, तो वहां और प्रमोशन की आवश्यकता क्यों है. अदालत ने कहा कि सरकार को प्रमोशन नीति को लेकर ठोस और संतुलित डेटा देना होगा.PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
2026 तक डीजीपी बने रहेंगे कैलाश मकवाना, गृह विभाग ने जारी किया आदेशभोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना अब अगले साल तक अपने पद पर बने रहेंगे। डीजीपी मकवाना इसी साल दिसंबर के महीने में रिटायर होने वाले थे. अब उनका कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। गृह विभाग ने उनके कार्यकाल को बढ़ाने के लिए आदेश भी जारी कर दिया है। मकवाना साल 2026 तक डीजीपी के पद पर बने रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद आदेश कैलाश मकवाना 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। पिछले साल यानी दिसंबर 2024 में उन्हें मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्त किया गया था। वे इस साल दिसंबर के महीने में रिटायर होने वाले थे, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद उनके कार्यकाल को बढ़ा दिया गया है। उच्चतम न्यायालय ने डीजीपी का कार्यकाल 2 साल तय कर दिया है। इसी गाइडलाइन के बाद गृह विभाग ने आदेश जारी किया है। 2014 में मिला विशिष्ट सेवा पदक डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस सेवा में करियर शानदार रहा है। उल्लेखनीय पुलिस कार्यों के लिए उन्हें वर्ष 2005 में राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक और वर्ष 2014 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। संयुक्त मध्य प्रदेश में उन्होंने सेवाएं दी हैं, मकवाना दंतेवाड़ा, बस्तर, मंदसौर और बैतूल जिले के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रबंध, सीआईडी, इंटेलीजेंस, प्रशासन व नारकोटिक्स के दायित्व का निर्वहन भी किया है। इसके अलावा स्पेशल डीजी सीआईडी एवं डीजी (विशेष पुलिस स्थापना) लोकायुक्त के रूप में भी पदस्थ रहे हैं,कैलाश मकवाना मूल रूप से मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के रहने वाले हैं उन्होंने BE और IIT से एमटेक किया है। PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
हिंदू राष्ट्र पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान, बोले—470 सीटें मिलने के बाद ही होगा बदलावजगद्गुरु रामभद्राचार्य इन दिनों छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले में श्रीमद् भागवत कथा के लिए पहुंचे हुए थे. कथा के समापन वाले दिन उन्होंने खास बातचीत करते हुए कई सवालों के जवाब दिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आकर बहुत अच्छा लगा. इसके अलावा भारत के हिंदू राष्ट्र बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संसद में कम से कम 470 सीट जब मिलेगी , तब हम संविधान में परिवर्तन कर पाएंगे. ‘संसद में कम से कम 470 सीट जब मिलेगी…’पद्मविभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने 7 दिनों तक छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में भागवत कथा की. कथा के समापन के बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने विस्तार न्यूज से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा- ‘छत्तीसगढ़ आकर बहुत अच्छा लगा. महारानी कौशल्या के मायके आए हैं. राम मंदिर के बाद काशी विश्वनाथ भी मिलेगा, कृष्ण जन्मभूमि भी मिलेगी. वहीं, भारत के हिंदू राष्ट्र बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संसद में कम से कम 470 सीट जब मिलेगी, तब हम संविधान में परिवर्तन कर पाएंगे. मिसेज CM कौशल्या देवी साय पहुंचींकथा समापन के एक दिन पहले यानी 30 अक्टूबर को जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीमद् भागवत कथा में शामिल होने के लिए CM विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या साय भी पहुंचीं. उन्होंने कथा स्थल पहुंचकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का आशीर्वाद लिया. इस मौके पर रामभद्राचार्य जी ने कौशल्या देवी साय को रामचरितमानस की धार्मिक पुस्तक भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया. इस दौरान कौशल्या देवी साय ने कहा- ‘जगतगुरु रामभद्राचार्य जी का सान्निध्य प्राप्त करना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है.’ बता दें कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य की कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जो रामभद्राचार्य जी के प्रवचन से अभिभूत नजर आए. उनकी कथा को सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे.PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
इंदौर में किन्नरों के बीच चल रहे विवाद में नया मोड़, एक समूह के किन्नरों ने गांधी प्रतिमा पर बनाई मानव श्रृंखलाइंदौर। इंदौर (Indore) में किन्नरों (transgender) के दो समूह के बीच चल रहे विवाद में आज नया मोड़ आ गया। आज शाम को एक समूह के किन्नरों के द्वारा रीगल चौराहा पर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष मानव श्रृंखला बनाई गई। इन किन्नरों के द्वारा एक किन्नर की संपत्ति को तोड़ने की मांग की गई। इसके साथ ही किन्नरों के द्वारा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भी आवाज उठाई गई। किन्नरों के इस आंदोलन के कारण निकल चौराहे पर यातायात जाम हो गया था। गांधी प्रतिमा के चारों तरफ मानव श्रृंखला बनाकर अपने हाथों में अपनी मांग की तख्ती लेकर किन्नर खड़े थे। ध्यान रहे कि पिछले दिनों इंदौर में किन्नरों के दो समूह के बीच में हुए विवाद के कारण एक समूह के किन्नरों के द्वारा सामूहिक रूप से आत्महत्या की कोशिश की गई थी। जिसके कारण पूरे प्रदेश में बवाल मच गया था। इसके बाद से इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। किन्नरों के समूह के बीच का विवाद अपनी जगह बना हुआ है।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
दिया मिर्जा ने परिवार संग साथ बिताया क्वालिटी टाइम, बोलीं- अपने प्यारे लोगों के करीब रहना ही सबसे बड़ी खुशीमुंबई, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री दिया मिर्जा ने शुक्रवार को पति, फैमिली और दोस्तों संग तस्वीर पोस्ट की। दिया ने इंस्टाग्राम पर पति संग तस्वीर पोस्ट की, जिसके साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, "अपने प्यारे लोगों को करीब रखना और उन सबको भी, जो हमें अपने दिल के करीब रखते हैं। इस साल, हमारे आस-पास ऐसे लोग थे, जिन्होंने हमारे साथ समय बिताना चुना, और हमारे लिए यही सबसे बड़ी खुशी की बात है। कितना सौभाग्य है हमारा कि हम एक-दूसरे की जिंदगी में रोशनी भर पा रहे हैं। जो लोग हमारे साथ नहीं आ पाए, उनकी बहुत याद आई मुझे। वे इन तस्वीरों में नहीं हैं और मुझे इस बात की खुशी है कि हम अपनी मस्ती में खोए हुए थे।" अभिनेत्री का यह पोस्ट फैंस को काफी पसंद आ रहा है। वे कमेंट सेक्शन में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। दीया मिर्जा ने 'रहना है तेरे दिल में' से डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 'परिणीता', 'दस', 'संजू', 'लगे रहो मुन्ना भाई', और 'सलाम मुंबई' जैसी सफल फिल्मों में भी काम किया। दीया कई वेब सीरीज में भी काम कर चुकी हैं और हाल ही में 'नादानियां' में नजर आई थीं, जिसमें वे इब्राहिम अली खान की मां के किरदार में नजर आई थीं। सुहाना गौतम द्वारा निर्देशित फिल्म को धर्मा एंटरटेनमेंट के तहत करण जौहर, अपूर्व मेहता और सोमेन मिश्रा ने नेटफ्लिक्स में रिलीज किया गया था। यह फिल्म प्यार के कॉन्सेप्ट को एक नए मोड़ के साथ पेश करती है। इसमें इब्राहिम अली खान, खुशी कपूर के साथ अभिनेत्री महिमा चौधरी, सुनील शेट्टी, दीया मिर्जा और जुगल हंसराज भी अहम भूमिकाओं में थे। हालांकि, फिल्म दर्शकों के बीच खास प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। इससे पहले अभिनेत्री साल 2019 में रिलीज हुई फिल्म काफिर में नजर आई थीं, जिसे दर्शकों से अच्छी सराहना मिली थी।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
सेबी ने बैंक निफ्टी में बढ़ाई शेयरों की संख्या, बड़े स्टॉक्स वेटेज को सीमित किया नई दिल्ली, 31 अक्टूबर । मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी बैंक जैसे नॉन-बेंचमार्क इंडेक्स में शेयरों की संख्या को बढ़ा दिया है। साथ ही, बड़े स्टॉक्स के वेटेज को सीमित कर दिया है। बाजार नियामक ने कहा कि नए नियमों से एक इंडेक्स में कुछ शेयरों के अधिक वेटेज की समस्या समाप्त हो जाएगी और व्यापक और संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। नए नियमों के तहत अब एक इंडेक्स में 14 शेयर होंगे, जबकि पहले इनकी संख्या 12 थी। एक शेयर का योगदान 20 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है, जो कि पहले 33 प्रतिशत था। इसके अलावा, अब किसी इंडेक्स में तीन बड़े शेयरों का वेटेज या योगदान 45 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है, जो कि पहले 62 प्रतिशत था। सेबी के नए नियमों का असर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के बैंकएक्स और एनएसई के फिननिफ्टी इंडेक्स पर भी हो सकता है और आने वाले समय में इन इंडेक्स में एडजस्टमेंट देखने को मिल सकता है। नए नियमों के बाद, बैंक निफ्टी में पहला एडजस्टमेंट दिसंबर 2025 को देखने को मिल सकता है। इसके बाद, तीन अतिरिक्त रीबैंलेंसिंग देखने को मिल सकती है। सेबी के मुताबिक, नॉन-बेंचमार्क इंडेक्स पर डेरिवेटिव्स के नए नियमों से निवेशकों और फंड का जोखिम कम होगा। बयान में कहा गया है कि नियमों का अनुपालन दोनों इंडेक्स बैंकेक्स और फिननिफ्टी के लिए एक ही चरण में शेयरों की संख्या में बदलाव या वेटेज के एडजस्टमेंट के माध्यम से लागू किया जा सकता है। वर्तमान में बैंक निफ्टी में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, फेडरल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
कपूर फैमिली की नई डॉक्यूमेंट्री में खुलेंगे कई राज, रिलीज डेट आई सामनेहिंदी सिनेमा पर 1930 के दशक से राज करने वाले कपूर खानदान की आज भी बॉलीवुड में काफी इज्जत है। करीना कपूर, करिश्मा कपूर और रणबीर कपूर पर्दे पर राज कर रहे हैं। फिल्मों के अलावा कपूर खानदान के खाने को लेकर किस्से भी चर्चा का विषय रहे हैं। अब अपने इन्हीं शौक और जिंदगी के खास पलों को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए कपूर फैमिली की नई डॉक्यूमेंट्री आ रही है। कपूर फैमिली की नई डॉक्यूमेंट्री 'डाइनिंग विद द कपूर्स' का नया पोस्टर और रिलीज डेट सामने आ चुकी है। नेटफ्लिक्स ने नया पोस्टर जारी किया है, जिसमें करिश्मा कपूर, करीना कपूर, जहान कपूर, अगस्त्य नंदा, आदर जैन, नीतू कपूर, रिद्धिमा कपूर, बबीता कपूर, रणबीर कपूर, अरमान जैन, नव्या नवेली नंदा समेत कई स्टार दिख रहे हैं। पोस्टर को शेयर कर नेटफ्लिक्स ने लिखा, "कपूर खानदान का लंच इनवाइट आ गया है और आप आमंत्रित हैं। 21 नवंबर को रिलीज होने वाला 'डाइनिंग विद द कपूर्स' जरूर देखें।" इस डॉक्यूमेंट्री को अरमान जैन ने क्रिएट किया है और निर्देशित और लेखन का काम स्मृति मुंद्रा ने किया है। डॉक्यूमेंट्री में सिर्फ खाने की बातें नहीं होंगी, बल्कि खाने के साथ कपूर फैमिली के पर्सनल राज और अटूट प्रेम को भी दिखाया जाएगा। महान कलाकार पृथ्वीराज कपूर और उसके बाद राज कपूर की विरासत को आज की पीढ़ी अपने तरीके से दर्शकों तक पहुंचाएगी। नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री कपूर खानदान के सदस्यों के बचपन, प्रेम, सिनेमा और परिवार के रिश्ते को दिखाएगी। ऐसा पहली बार है जब कपूर खानदान के इतिहास को पर्दे पर समेटकर दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। इससे पहले साल 2024 में पूरे देश के 40 शहरों में राज कपूर की 10 सुपरहिट फिल्मों की प्रदर्शनी रखी गई थी। बॉलीवुड के 'शोमैन' राज कपूर के खाने के शौक से जुड़े किस्से आज भी सुनने को मिलते हैं। राज कपूर खाने के इतने शौकीन थे कि वो स्कूल के समय में घर का बना खाना दोस्तों में बांट देते थे और खुद पैसों से खरीद कर बाहर का तीखा और चटपटा खाना खाते थे। ऐसे ही दिवंगत ऋषि कपूर भी पराठे के शौकीन थे। ज्यादा पराठे खाने की वजह से 'हाउसफुल 2' की शूटिंग में काफी परेशानी हुई थी। उन्होंने ये किस्सा खुद शेयर किया था।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025
कमजोर वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंदकमजोर वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 465.75 अंक या 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 83,938.71 और निफ्टी 155.75 अंक या 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,722.10 पर था। बाजार के ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। सबसे अधिक गिरावट निफ्टी मीडिया (1.32 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (1.09 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (0.91 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (0.89 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (0.84 प्रतिशत) में दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक (1.56 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.03 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसई (0.11 प्रतिशत) की तेजी के साथ बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स का भी प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 270.35 अंक या 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,825.90 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 88.90 अंक या 0.48 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,380.80 पर था। सेंसेक्स पैक में बीईएल, एलएंडटी, टीसीएस, आईटीसी और एसबीआई गेनर्स थे। इटरनल (जोमैटो), एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस , सन फार्मा और टाटा स्टील टॉप लूजर्स थे। बाजार के जानकारों ने कहा कि दिन के दौरान उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी वजह डॉलर का मजबूत प्रदर्शन, फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की ओर से ब्याज दरों पर नकारात्मक टिप्पणी के बाद, एफआईआई की फिर से बिकवाली शुरू करना था। उन्होंने आगे कहा कि बाजार में निवेशक अभी मुनाफावसूली कर रहे हैं और ऐसे में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति सही रहेगी। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई थी। सुबह करीब 9 बजकर 25 मिनट पर सेंसेक्स 153.83 अंक या 0.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 84,558.29 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 33.95 अंक या 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,911.80 स्तर पर बना हुआ थाPeptechTime|31 अक्टूबर 2025
'गाथा शिव परिवार की' में दिति के किरदार ने कमजोरियों से लड़ना सिखाया : अचिंत कौर मुंबई, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। टीवी और फिल्मों में अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए मशहूर अचिंत कौर ने इन दिनों लोकप्रिय पौराणिक शो 'गाथा शिव परिवार की: गणेश कार्तिकेय' में दिति के किरदार को लेकर चर्चा में हैं। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने बताया कि दिति का रोल उनके लिए खास है, क्योंकि इसमें उन्हें अपनी निजी भावनाओं को भी पर्दे पर लाने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि इस किरदार ने उन्हें अपनी अंदर की नाजुकता को समझने और उसे व्यक्त करने का अवसर दिया। इसके साथ ही कमजोरियों से लड़ना सिखाया। अचिंत ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ''दिति का किरदार निभाना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ गहरा व्यक्तिगत अनुभव भी रहा। मैं इसके माध्यम से उन भावनाओं को महसूस कर सकी, जो मैंने लंबे समय तक अपने अंदर दबाकर रखी थी। जब कोई कलाकार अपने अनुभव और भावनाओं को किरदार में डालता है, तो वह किरदार अपने आप जीवंत हो जाता है। दिति मेरे लिए सिर्फ एक पौराणिक पात्र नहीं, बल्कि एक ऐसा किरदार भी है, जिसने मुझे अपनी अंदर की कमजोरियों से लड़ना सिखाया।'' अचिंत ने अपने किरदार के बारे में बात करते हुए आगे कहा, ''दिति की भावनात्मक नाजुकता और उसकी ताकत के बीच का संतुलन मुझे बहुत पसंद आया। यह अनुभव मेरे लिए इस रोल को खास बनाता है। छोटी-छोटी बातें, जो दिति के और मेरे अपने जीवन के बीच मेल खाती हैं, वह निभाने में मजा आया। दिति के किरदार में दो बिल्कुल विपरीत पहलू हैं। कभी वह देखभाल करने वाली देवी हैं और कभी विनाशकारी। यह किरदार अब तक निभाए गए किरदारों से काफी अलग है। मैंने पहले कभी देवी का रोल नहीं निभाया था और दिति तो पहले से ही मिथक में मौजूद एक शक्तिशाली और जटिल पात्र है। मैंने कभी भी अपने पिछले किरदारों के साथ तुलना करने की कोशिश नहीं की।'' शो में दिति के अलावा मुख्य किरदारों में मोहित मलिक और श्रेनु पारिख हैं, जो भगवान शिव और देवी पार्वती के रूप में नजर आ रहे हैं। वहीं, भगवान गणेश और कार्तिकेय के रूप में एकांश करोतिया और सुभान खान हैं। यह शो सोनी सब चैनल पर प्रसारित होता है।PeptechTime|31 अक्टूबर 2025