श्योपुर, उत्तम रावत। मध्य प्रदेश के श्योपुर वन मंडल अंतर्गत खाड़ी-श्यामपुर रेंज में पौधारोपण (प्लांटेशन) की सुरक्षा दीवार निर्माण में गंभीर वित्तीय गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। कक्ष क्रमांक 604 में हाल ही में कराए गए नए प्लांटेशन की सुरक्षा दीवार बनाने के लिए कक्ष क्रमांक 606 में पूर्व से बनी शासकीय सुरक्षा दीवार को तोड़कर उसके पत्थरों का उपयोग किए जाने का आरोप है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मजदूर पुरानी दीवार से पत्थर निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरते दिख रहे हैं। शासकीय सामग्री के इस पुनरुत्पयोग और नए निर्माण के नाम पर सरकारी बजट के आहरण को लेकर विभागीय मूल्यांकन तथा भुगतान प्रक्रिया पर गहरे सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद कक्ष क्रमांक 606 और 604 के बीच सामग्री के फेरबदल से जुड़ा है। सामने आए वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि मजदूर पहले से मौजूद शासकीय सुरक्षा दीवार को तोड़कर उससे पत्थर निकाल रहे हैं और उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और मजदूरों के बयानों के आधार पर आरोप है कि इन्हीं पत्थरों को कक्ष क्रमांक 604 में ले जाकर नई सुरक्षा दीवार में चुनवा दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सामग्री पुरानी और पहले से शासकीय स्वामित्व वाली इस्तेमाल की गई, तो नए पत्थरों की खरीद और रॉयल्टी की मद में क्या राशि आहरित की गई है।
CM हेल्पलाइन पर दर्ज हुई थी शिकायत, एसडीओ के जवाब पर उठे सवाल
मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत (क्रमांक 39789852) दर्ज कराई गई थी। इस पर 25 अगस्त को खाड़ी-श्यामपुर रेंज के तत्कालीन एसडीओ धीरेंद्र सिंह द्वारा दिए गए जवाब में दावा किया गया था कि मौके पर निरीक्षण के बाद पुरानी दीवार तोड़े जाने की पुष्टि नहीं हुई और पत्थरों को अन्य वैध स्थान से लाया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ता ने इस जवाब को खारिज करते हुए इसे लीपापोती करार दिया।
विभागीय जवाब से असंतुष्ट होकर शिकायतकर्ता ने 31 अगस्त को श्योपुर के वर्तमान वनमंडलाधिकारी (DFO) करण सिंह रंधा को लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के साथ मौके की जियो-टैग्ड (GPS) तस्वीरें और पुख्ता वीडियो साक्ष्य भी सौंपे गए। इसमें स्पष्ट रेखांकित किया गया कि कक्ष क्रमांक 606 की पुरानी सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचाकर शासकीय संपत्ति का दुरुपयोग किया गया और कक्ष क्रमांक 604 के नए निर्माण में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
माप पुस्तिका (MB) और भुगतान रिकॉर्ड की जांच से खुलेगा राज
इस पूरे मामले में तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं:
- सामग्री की वास्तविक स्थिति: यदि कक्ष क्रमांक 604 के नए निर्माण में पुराने पत्थरों का उपयोग हुआ है, तो क्या इसे विभागीय माप पुस्तिका (मेजरमेंट बुक - MB) में दर्ज किया गया?
- बजट का आहरण: क्या निर्माण कार्य के मूल्यांकन में नए पत्थरों की दर से मजदूरी और सामग्री का भुगतान निकाला गया है?
- शासकीय संपत्ति को नुकसान: कक्ष क्रमांक 606 की पूर्व निर्मित शासकीय दीवार को तोड़े जाने की अनुमति किस सक्षम अधिकारी द्वारा दी गई थी?













