छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सरकारी स्कूलों में गिरते शैक्षणिक स्तर और लचर प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर मृणाल मीना द्वारा शासकीय कन्या प्राथमिक शाला महेबा के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, उपस्थिति और व्यवस्थाओं में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। विद्यार्थियों के वास्तविक ज्ञान और कागजी आंकड़ों (FLN ट्रैकर) में भारी अंतर पाए जाने तथा मध्याह्न भोजन में अव्यवस्था मिलने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्रभारी प्रधानाध्यापक छिमाधर अहिरवार को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही संकुल समन्वयक (सीएसी) के निलंबन का प्रस्ताव सागर संभाग भेजा गया है और बीआरसीसी सहित तीन शिक्षिकाओं को नोटिस जारी किए गए हैं।

कलेक्टर द्वारा 23 अक्टूबर को किए गए औचक निरीक्षण में विद्यालय की जमीनी हकीकत खुलकर सामने आ गई। स्कूल में कुल 100 विद्यार्थियों के दर्ज नामांकन के विरुद्ध मौके पर केवल 40 छात्र-छात्राएं ही उपस्थित पाए गए। जब कलेक्टर ने कक्षा 2 की एक छात्रा से हिंदी वाचन और गणित के बुनियादी सवाल हल कराए, तो वह कक्षा के अनुरूप बुनियादी दक्षताओं का प्रदर्शन नहीं कर सकी। चौंकाने वाली बात यह रही कि सरकारी 'एफएलएन ट्रैकर' (FLN Tracker) के रिकॉर्ड में उसी छात्रा को पूर्ण रूप से दक्ष दर्शाया गया था। अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों के परीक्षण में भी शैक्षणिक स्तर अत्यंत निराशाजनक और चिंताजनक मिला।

शैक्षणिक बदहाली के अलावा विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन (MDM) योजना और स्वच्छता व्यवस्था भी बेहद असंतोषजनक पाई गई। निरीक्षण दल ने पाया कि स्कूल की रसोई और विद्यार्थियों को खाना परोसने वाले बर्तन बेहद गंदे थे। इसके साथ ही उपस्थित बच्चों की संख्या के अनुपात में बन रहे भोजन की मात्रा भी काफी कम पाई गई। विद्यालय परिसर व भवन का नियमित रखरखाव न होने और चारों तरफ अव्यवस्था दिखने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को जिम्मेदारों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।


प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित, सीएसी के निलंबन का प्रस्ताव संयुक्त संचालक को भेजा

कलेक्टर के निर्देशों के परिपालन में शिक्षा विभाग ने ताबड़तोड़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है:

  • प्रभारी प्रधानाध्यापक निलंबित: प्राथमिक शाला महेबा के प्रभारी प्रधानाध्यापक छिमाधर अहिरवार को शासकीय दायित्वों में घोर लापरवाही और फर्जी ट्रैकिंग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
  • सीएसी पर गाज: संकुल अकादमिक समन्वयक (CAC) मनमोहन अहिरवार द्वारा क्षेत्र के स्कूलों की सही मॉनिटरिंग न करने पर उनके निलंबन का प्रस्ताव संयुक्त संचालक (लोक शिक्षण), सागर संभाग को प्रेषित किया गया है।


तीन शिक्षिकाओं की वेतन वृद्धि रोकने की तैयारी, बीआरसीसी को भी नोटिस

शैक्षणिक गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर विद्यालय में पदस्थ तीन प्राथमिक शिक्षकों—चित्रा शुक्ला, आशा दीक्षित और आरती तिवारी के साथ-साथ एक अन्य सीएसी महिपाल प्रजापति की एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं पूरे ब्लॉक में निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण में विफलता को लेकर ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर (BRCC) सरस्वती प्रसाद तिवारी को भी कारण बताओ नोटिस थमाकर जवाब तलब किया गया है।