नई दिल्ली। भारत का ऑफिस रियल एस्टेट मार्केट 2026 की जुलाई-सितंबर तिमाही में मजबूत रहा है और इस दौरान बीएफएसआई और फ्लैक्स स्पेस कंपनियों की ओर से मांग को सपोर्ट मिला है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।वर्कप्लेस सॉल्यूशंस फर्म वेस्टियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑफिस स्पेस की खपत 2026 की तीसरी तिमाही में 23.7 मिलियन स्क्वायर फीट रही है। इसमें सालाना आधार पर 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। हालांकि, भू-राजनीतिक अस्थिरता के चलते मांग तिमाही आधार पर समान रही है।

रिपोर्ट में बताया कि 2026 तीसरी तिमाही में ऑफिस स्पेस की खपत का आंकड़ा अब तक रिकॉर्ड किया गया सबसे बड़ा डेटा है। इसमें बड़े शहरों में ग्रेड-ए के ऑफिस स्पेस की मांग मजबूत रही है।

हालांकि, आईटी-आईटीईएस सेक्टर ऑफिस लीजिंग में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना रहा, लेकिन कुल खपत में इसकी हिस्सेदारी 2026 की दूसरी तिमाही के 41 प्रतिशत और 2025 की तीसरी तिमाही के 31 प्रतिशत से घटकर इस तिमाही में 23 प्रतिशत रह गई।

रिपोर्ट के अनुसार, इसके विपरीत बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (बीएफएसआई) सेक्टर की हिस्सेदारी में भारी उछाल आया और यह 20 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछली तिमाही में 8 प्रतिशत और एक साल पहले 15 प्रतिशत थी।

फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर ने 2026 की तीसरी तिमाही में ऑफिस स्पेस की खपत को बढ़ावा दिया। इस दौरान कुल लीजिंग में फ्लेक्स स्पेस और मैनेज्ड ऑफिस की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत रही। यह पिछले तिमाही के 22 प्रतिशत से थोड़ा कम है, लेकिन एक साल पहले दर्ज किए गए 14 प्रतिशत से काफी अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में कुल लीजिंग गतिविधि में बीएफएसआई और फ्लेक्स स्पेस का संयुक्त योगदान 40 प्रतिशत रहा।

रिपोर्ट के मुताबिक, मांग के बदलते पैटर्न का असर अलग-अलग शहरों में भी देखने को मिला। चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में बीएफएसआई कंपनियां ऑफिस स्पेस खपत को बढ़ावा देने में आगे रहीं, जबकि पुणे और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों की लीजिंग गतिविधि सबसे ज्यादा रही।

वहीं, बेंगलुरु और मुंबई में ऑफिस स्पेस की ज्यादातर मांग आईटी-आईटीईएस कंपनियों की ओर से आई।