पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के द्वारा दिए गए विवादित बयान पर बिहार जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की भाषा खड़गे ने इस्तेमाल की, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
पटना में आईएएनएस से बातचीत में बिहार जदयू प्रमुख उमेश कुशवाहा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र हो चुकी है और अब वे 84 वर्ष के हो गए हैं। उम्र के इस पड़ाव में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है लेकिन राजनीति में सड़क छाप भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए। वह लंबे समय से राजनीति कर रहे हैं। इस तरह की भाषा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ की गई अशोभनीय टिप्पणी निंदनीय है। इस तरह की भाषा के लिए उनके खिलाफ मुकदमा होना चाहिए। मैं उनके बयान की निंदा करता हूं।
विपक्ष के ‘वोट चोरी से सरकार’ बनने वाले बयान पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि अब बहुत बातें हो चुकी हैं। बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को सबसे पहले अपने बारे में बताना चाहिए। अगर वे चुनाव जीते हैं, तो क्या वे भी वोट चोरी से चुनाव जीते हैं? उनके 25 विधायक हैं, इसलिए बयान देने से पहले उन्हें अपने विधायकों से त्यागपत्र लेकर देना चाहिए। उसके बाद कोई सवाल उठाएं या इस तरह की न टिप्पणी करें, तो अच्छा रहेगा। कांग्रेस की जिन राज्यों में सरकारें चल रही हैं, वहां जब वे चुनाव जीतते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया ठीक रहती है लेकिन जहां हार मिलती है, वहां आरोप लगाने लगते हैं। इन सब बातों पर हमें हंसी आती है। इस तरह के सवालों पर क्या टिप्पणी की जाए।
विधायक अनंत सिंह के निष्कासन पर उमेश कुशवाहा ने कहा कि वह पार्टी के विरोध में काम कर रहे थे। पार्टी के विधायक होने के बावजूद वे पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों और कार्यक्रमों में विश्वास नहीं जता रहे थे। वे एमएलसी चुनाव में पार्टी के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार कर रहे थे और विरोधी दल के उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार, नामांकन और अन्य कार्यक्रमों में भाग ले रहे थे। इसके अलावा वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बारे में भी उल्टी-सीधी बातें कर रहे थे। इससे साफ दिख रहा था कि वे पार्टी की गतिविधियों के खिलाफ काम कर रहे हैं। पार्टी अनुशासन से चलती है और हमारे नेता नीतीश कुमार के संस्कार ही हैं कि पार्टी में अनुशासन और सिद्धांतों को महत्व दिया जाता है।
इसी बीच, इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों के बयानों पर कुशवाहा ने कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में भी हमारे विरोधी इसी तरह की बातें करते थे कि हमारी पार्टी कुछ सीटों पर सिमट जाएगी, जदयू समाप्त हो जाएगी। हालांकि, जनता ने दिखा दिया कि नीतीश कुमार का विकल्प बिहार में नहीं है। विपक्ष को याद रखना चाहिए कि वे झूठे आरोप लगाते हुए बयान देते रहे और विधानसभा चुनावों में जनता ने सबक सिखाया।















