भोपाल। मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अब अपना मकान या व्यावसायिक भवन बनाने के लिए नक्शा पास कराना और बिल्डिंग परमिशन (भवन अनुज्ञा) लेना बेहद आसान और सुलभ हो जाएगा। राज्य सरकार ने भवन निर्माण की अनुमति प्रक्रिया में आ रही जटिलताओं को दूर करते हुए कई विभागों से अनिवार्य रूप से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लाने की बाध्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा इस संबंध में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब भवन अनुमति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होगी और केवल डिजिटल दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएंगे। इस ऐतिहासिक निर्णय से आम नागरिकों के साथ-साथ बिल्डर्स, निवेशकों और निर्माण एजेंसियों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।


इन प्रमुख विभागों से NOC की अनिवार्यता खत्म

नई पारदर्शी व्यवस्था के अंतर्गत अब निम्नलिखित विभागों और संस्थाओं से अलग से एनओसी लाने के लिए आवेदकों को बाध्य नहीं किया जाएगा:

  • सहकारिता विभाग एवं गृह निर्माण सहकारी समितियां
  • नजूल विभाग
  • बिजली विभाग
  • रक्षा प्रतिष्ठान
  • मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (एमपी हाउसिंग बोर्ड)
  • विभिन्न नगर विकास प्राधिकरण (Development Authorities)


समय-सीमा तय: 21 दिनों में जवाब नहीं मिला तो प्रक्रिया होगी आगे

यदि किसी विशेष निर्माण मामले में निकाय द्वारा संबंधित विभाग की राय लेना अति आवश्यक होगा, तो सक्षम प्राधिकारी आवेदन प्राप्त होने के 7 दिनों के भीतर प्रकरण को संबंधित विभाग के पास भेजेगा। संबंधित विभाग को पत्र मिलने के 21 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति या अनापत्ति दर्ज करानी होगी। यदि निर्धारित 21 दिनों की तय समय-सीमा में विभाग की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो उसे 'अनापत्ति' मानकर भवन अनुमति की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया जाएगा।


एयरपोर्ट, राष्ट्रीय स्मारक व हेरिटेज क्षेत्रों के लिए स्पष्ट नियम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) और हेरिटेज (धरोहर) क्षेत्रों से संबंधित एनओसी की आवश्यकता अब केवल उन्हीं मामलों में होगी, जहां ऑनलाइन जीआईएस (GIS) आधारित जांच में संबंधित भूखंड प्रतिबंधित या प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत पाया जाएगा। सामान्य क्षेत्रों में बने भूखंडों के लिए इन विभागों की एनओसी से पूरी तरह छूट दी गई है।


पर्यावरण, फायर सेफ्टी और वृक्ष कटाई के सरल नियम

  • पर्यावरणीय स्वीकृति: केवल निर्धारित क्षेत्रफल से बड़े भवनों और बड़ी व्यावसायिक/आवासीय परियोजनाओं के लिए ही पर्यावरणीय मंजूरी आवश्यक होगी।
  • वृक्ष कटाई अनुमति: पेड़ काटने की अनुमति भी केवल उन्हीं प्रकरणों में अनिवार्य होगी, जहां वास्तव में निर्माण स्थल पर पेड़ मौजूद हों और उन्हें काटा जाना अनिवार्य हो।
  • अग्निशमन (फायर) NOC: फायर एनओसी के नियम 'राष्ट्रीय भवन संहिता' (National Building Code) के तय मानकों के अनुसार पूर्ववत लागू रहेंगे।