दतिया। मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर वोटिंग की प्रक्रिया संपन्न होते ही कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी खुलकर सड़कों पर आ गई है। दतिया से कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर संगीन आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में भारी सनसनी मचा दी है। एक निजी समाचार चैनल से बातचीत के दौरान घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि राजेंद्र भारती ने चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के साथ मिलकर पार्टी के खिलाफ काम किया और उन्हें हराने के लिए भितरघात की साजिश रची।


'भाजपा से मिली फंडिंग, समर्थकों के जरिए बांटा गया पैसा'

कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को इस चुनाव में भाजपा नेताओं से मोटी फंडिंग मिली थी। उन्होंने कहा कि भारती का क्षेत्र में पुराना प्रभाव है और उनके कोर समर्थकों ने पार्टी हित के खिलाफ जाकर भाजपा के लिए काम किया। घनश्याम सिंह का दावा है कि राजेंद्र भारती ने अपने समर्थकों के माध्यम से पैसे का लेन-देन कर कांग्रेस के पक्ष में बने माहौल को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया।


राजेंद्र भारती को कांग्रेस से बाहर निकालने की मांग

भितरघात के इन सनसनीखेज आरोपों के बाद दतिया से लेकर भोपाल तक कांग्रेस के गलियारों में हड़कंप मच गया है। प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पार्टी आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व से कड़ा रुख अपनाने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण राजेंद्र भारती को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस से निष्कासित (बाहर) कर दिया जाए।


परिणामों से पहले कलह, 3 अगस्त को होने वाली है मतगणना

उल्लेखनीय है कि दतिया सीट पर 30 जुलाई को मतदान संपन्न हुआ है और मतगणना 3 अगस्त को होनी है। चुनावी नतीजे आने से ठीक पहले कांग्रेस के भीतर इस तरह सार्वजनिक रूप से गुटबाजी और आरोपों का बम फूटने से पार्टी बैकफुट पर आ गई है। जहां एक ओर कांग्रेस जीत का दावा कर रही थी, वहीं प्रत्याशी के इस बड़े खुलासे ने पार्टी के संगठनात्मक अनुशासन और चुनावी रणनीति पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।