धार। धार के ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला परिसर मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को जुमे की नमाज को लेकर सुबह से बना संशय अब स्पष्ट हो गया है। प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच हुई बातचीत के बाद भोजशाला परिसर के पीछे स्थित खसरा नंबर 612 की जमीन पर सांकेतिक नमाज अदा करने पर सहमति बन गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और बारिश व जलभराव को देखते हुए स्थल की सफाई का काम पूरा कराया गया है।


जमीन के विरोध से उभरा तनाव: खसरा नंबर 611 पर धरने पर बैठे थे ग्रामीण

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार भोजशाला की बाउंड्रीवॉल से सटी मालीवाड़ा स्थित खसरा नंबर 611 और 612 की जमीन चिन्हित की गई थी। हालांकि, जैसे ही खसरा नंबर 611 पर नमाज की तैयारी की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली, माली समाज की महिलाओं समेत वहां के निवासियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।


निजी जमीन का दावा: ग्रामीणों का कहना है कि वे इस जमीन पर पीढ़ियों से खेती करते आ रहे हैं और यह उनकी निजी जमीन है।

प्रशासनिक सतर्कता: टकराव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल तुरंत अलर्ट मोड पर आया और बातचीत के बाद नमाज के लिए केवल खसरा नंबर 612 की जमीन तय की गई।

मुस्लिम पक्ष का रुख: कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद और मुस्लिम समाज ने समय की कमी और बारिश के चलते खसरा नंबर 612 पर ही सांकेतिक नमाज अदा करने पर रजामंदी जताई।


सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश और 5 अगस्त को अगली सुनवाई

इससे पहले पिछले दो शुक्रवार को धार में मुस्लिम पक्ष द्वारा कहीं भी नमाज नहीं पढ़ी गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा भोजशाला परिसर को मंदिर माने जाने के बाद मुस्लिम समाज को नमाज के लिए अन्य स्थान पर जमीन देने के निर्देश दिए गए थे।


प्रशासन द्वारा 1 किलोमीटर दूर दी गई जमीन को मुस्लिम पक्ष ने अस्वीकार कर दिया था, जिसके बाद गुरुवार को कोर्ट की सुनवाई में भोजशाला के समीप ही स्थान तय करने को कहा गया।


मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कोर्ट के इस आदेश को सकारात्मक कदम माना है। अब इस मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 5 अगस्त को प्रस्तावित है, जिसमें न्यायालय द्वारा आगे की स्थाई व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। फिलहाल दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के तय वक्त को देखते हुए संपूर्ण क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त इंतजाम किए गए हैं।