जयपुर। मध्य प्रदेश पुलिस के तत्कालीन एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (AIG) अनिल मिश्रा को जयपुर की पॉक्सो विशेष अदालत क्रम-2 ने आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। अभियुक्त पर एक महिला के पति की कानूनी मदद करने का झांसा देकर उसके साथ कई स्थानों पर दुष्कर्म करने और पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ अश्लीलता करने का गंभीर अपराध साबित हुआ है। इस फैसले के बाद छतरपुर जिले के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में भी हलचल है, क्योंकि अनिल मिश्रा छतरपुर जिले में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) के महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ रह चुके हैं।


छतरपुर में कार्यकाल से लेकर एआईजी बनने तक विवादों में रहे अनिल मिश्रा

छतरपुर में सीएसपी और एएसपी के रूप में अपनी सेवा देने वाले अनिल मिश्रा मध्य प्रदेश के काफी चर्चित और विवादित पुलिस अधिकारियों में शुमार रहे हैं। छतरपुर में पदस्थापना के बाद वे राजधानी भोपाल में डीएसपी (DSP) पद से प्रमोट होकर सीआईडी (CID) में एआईजी के पद तक पहुँचे और करीब तीन साल तक इस पद पर रहे। एआईजी पद पर रहते हुए उन पर भोपाल के बहुचर्चित 'मण्णापुरम डकैती कांड' के बरामद सोने को खुर्द-बुर्द करने के गंभीर आरोप लगे थे। इससे पूर्व वे स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में भी बतौर डीएसपी तैनात रह चुके थे।


मदद के नाम पर दुष्कर्म और बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराने का मामला

प्रकरण के अनुसार, जयपुर की पीड़िता ने 11 जुलाई 2014 को महिला थाना (दक्षिण) में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, उसके पति के खिलाफ फरवरी 2012 में मध्य प्रदेश के सिरोंज में एक मामला दर्ज हुआ था। पति ने बताया था कि तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा उनके व्यापारिक संपर्कों में हैं, इसलिए वह उनसे मदद की गुहार लगाने मार्च 2012 में भोपाल स्थित ऑफिसर्स मेस पहुँची। अभियुक्त अनिल मिश्रा ने मदद का झांसा देकर महिला के साथ ऑफिसर्स मेस में दुराचार किया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को जोधपुर और मुंबई समेत विभिन्न स्थानों पर ले गया और लगातार दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, एआईजी रहते हुए उन्होंने पीड़िता से अपने व्यक्तिगत बैंक खातों में पैसे भी ट्रांसफर करवाए।


नाबालिग बेटी से अश्लीलता के बाद खुली पोल, कोर्ट ने दो अलग-अलग धाराओं में दी सजा

मामले में स्थिति तब और भयावह हो गई जब अप्रैल 2014 में अभियुक्त अनिल मिश्रा ने पीड़ित महिला की नाबालिग बेटी के साथ भी अश्लीलता की। इससे आहत होकर पीड़िता ने जयपुर पुलिस में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद अनिल मिश्रा को गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट पेश की।

लंबी कानूनी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट ने:

  • महिला से दुष्कर्म के मामले में: आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
  • नाबालिग से अश्लीलता के मामले में: 3 साल के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।

छतरपुर में लंबे समय तक कानून व्यवस्था संभालने वाले पूर्व एआईजी अनिल मिश्रा के इस तरह दोहरे गंभीर अपराध में दोषी पाए जाने और उम्रकैद की सजा मिलने के फैसले की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है।