भागलपुर। बिहार के भागलपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च के दौरान एनडीए नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार चुनावों में हार के बाद देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयानों, युवाओं को भड़काने और संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा गया। वहीं, भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा होने का दावा किया।
बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष आज ऐसे स्थानों और घटनाओं से प्रेरणा लेने की कोशिश कर रहा है, जहां हिंसक संघर्ष के जरिए सत्ता परिवर्तन का प्रयास किया गया। भारत का संविधान और लोकतांत्रिक परंपराएं बेहद मजबूत हैं। ऐसे में विपक्ष की इस तरह की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
उन्होंने कहा, "विपक्ष आज के समय में ऐसी जगहों से प्रेरणा ले रहा है, जहां खूनी संघर्ष के माध्यम से तख्तापलट करने की कोशिश की गई है। विपक्ष भी ऐसी घटनाओं से प्रेरणा लेने का प्रयास कर रहा है। लेकिन हमारे देश का संविधान और लोकतांत्रिक परंपराएं काफी मजबूत हैं। विपक्ष अपने प्रयासों में सफल नहीं होगा।"
मंत्री दीपक प्रकाश ने आगे कहा कि विपक्ष चुनावों में लगातार हार के बाद अलग-अलग मुद्दों के जरिए देश में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। पहले विपक्ष ने ईवीएम को लेकर सवाल उठाए, इसके बाद एसआईआर को मुद्दा बनाने का प्रयास किया और अब युवाओं को भड़काकर उनका राजनीतिक इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश में अराजकता का माहौल बनाने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। एनडीए इन कोशिशों के खिलाफ जनता के बीच उतरकर जागरूकता अभियान चला रहा है।
इस दौरान भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने गांधी परिवार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी को पार्टी में आगे बढ़ने का पर्याप्त अवसर मिले। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रियंका गांधी को पिछले दिनों बोलने का अवसर नहीं दिया जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि कांग्रेस के भीतर भाई-बहन के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चल रही है।
बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के उद्देश्य पर बात करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर देश में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार संवैधानिक संस्थाओं और निकायों की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि विपक्ष ऐसा माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है, जिससे लोगों को लगे कि देश में चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं होते। इस पदयात्रा के माध्यम से एनडीए जनता को यह संदेश देना चाहता है कि देश में लोकतंत्र पूरी तरह कायम है और संवैधानिक व्यवस्था मजबूत है।
वहीं, मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि पिछले एक-दो महीनों से कांग्रेस संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार बयान दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में भ्रम और अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
संतोष सुमन ने कहा, "संदेश बिल्कुल साफ है। कांग्रेस पिछले एक-दो महीनों से संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयान दे रही है। देश में भ्रम फैलाकर अराजकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। इसके विरोध में एनडीए के सभी सहयोगी दलों ने मिलकर आज जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया है।"













