मुंबई। महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत बोधगया के लिए विशेष तीर्थयात्रा ट्रेन शुरू की गई है। इस यात्रा में करीब 800 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से यात्रियों के आने-जाने, रहने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का पूरा खर्च वहन किया जा रहा है। इस पहल की महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने जानकारी देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है।

मंत्री संजय शिरसाट ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के अंतर्गत बोधगया के लिए शुरू की गई यह विशेष ट्रेन छह दिन की यात्रा पूरी करेगी। इस यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है। सरकार की ओर से यात्रियों के लिए सभी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।"

उन्होंने कहा, "यात्रा के दौरान यात्रियों की देखभाल के लिए डॉक्टरों की टीम और विभागीय कर्मचारी भी ट्रेन में मौजूद रहेंगे। योजना के तहत पहले श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला के दर्शन कराए गए थे। अब जहां से भी तीर्थयात्रा की मांग आती है, वहां के लिए यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है।"

संजय शिरसाट ने कहा, "तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ट्रेन में पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सरकार के कर्मचारी और रेलवे के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इस यात्रा में बड़ी संख्या में बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल हैं, इसलिए उनकी विशेष देखभाल करना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में चिकित्सा सुविधा, सहायता कर्मी और अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।"

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का उद्देश्य उन लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक या अन्य कारणों से ऐसी यात्राएं नहीं कर पाते। सरकार की ओर से श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सरल और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।"

वहीं, शिवसेना की विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने भी इस योजना की सराहना की। उन्होंने कहा, "यह एक अनोखी पहल है, जिसके माध्यम से आम लोगों को जीवन में एक बार महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल की यात्रा करने का अवसर मिल रहा है। कई लोग आर्थिक सीमाओं या अन्य कारणों से बोधगया जैसे स्थानों की यात्रा नहीं कर पाते थे, लेकिन मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से उन्हें यह मौका मिल रहा है।"