जबलपुर। डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अपने जबलपुर प्रवास के दौरान भटौली स्थित साकेत वाटिका राघव कुटी पहुंचकर स्वामी श्री रामभद्राचार्य से सौजन्य भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए प्रदेश के विकास, जनकल्याण और सामाजिक समरसता के लिए संत समाज की भूमिका पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी रामभद्राचार्य महाराज से मुलाकात के दौरान कहा कि संतों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन शासन के लिए सदैव प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। संतों के सान्निध्य से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जो समाज के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है।
इस दौरान स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शासन द्वारा समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री को जनसेवा के कार्यों में निरंतर आगे बढ़ते रहने की शुभकामनाएं दीं।
भेंट के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और आध्यात्मिक स्थलों के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में आस्था और संस्कृति का समृद्ध इतिहास रहा है, जिसे संरक्षित और विकसित करने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया। लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और प्रदेश के विकास कार्यों को लेकर अपनी अपेक्षाएं भी व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी प्रेरणादायक माना जा रहा है। संत समाज से संवाद के माध्यम से सरकार और समाज के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


