छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया तहसील अंतर्गत आने वाले बाघबर्धिया गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ छह महीने की मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने उसकी मां को हिरासत में लिया है। महिला पर अपनी ही गोद की बच्ची को कुएं में फेंककर हत्या करने का गंभीर आरोप है। पुलिस ने आरोपी महिला का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद उसे न्यायालय में पेश कर दिया है।
रात के सन्नाटे में गायब हुई थी मां और बेटी
घटना का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण और पारिवारिक स्तर पर खोजबीन शुरू की गई: रविवार और सोमवार की दरमियानी रात महिला अपनी छह माह की दुधमुंही बच्ची के साथ अचानक घर से गायब हो गई थी। सोमवार तड़के करीब चार बजे जब परिजनों ने दोनों को बिस्तर पर नहीं पाया, तो उनकी तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान महिला गांव के ही एक कुएं के पास मक्के के खेत में गुमसुम बैठी हुई मिली। आरोप है कि महिला ने अपनी ही मासूम बेटी को कुएं में फेंक दिया था, जिससे उसकी पानी में डूबने से मौत हो गई। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे गांव में मातम और हड़कंप मच गया है।
पुलिस पूछताछ में महिला की चुप्पी, झाड़-फूंक का सहारा लेने का खुलासा
हिरासत में ली गई महिला से जब पुलिस ने पूछताछ की, तो उसकी मनोदशा को लेकर कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं: पूछताछ के दौरान महिला बेहद गुमसुम नजर आई और उसने पुलिस के सवालों के बहुत कम जवाब दिए। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा प्रसव और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी मांगने पर वह सिर्फ तारीख ही बता पाई। प्राथमिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि महिला और उसके परिवार के अन्य सदस्यों की मानसिक स्थिति को लेकर पहले भी समस्याएं रही हैं। उसके पति ने पूर्व में उसका इलाज कराने का प्रयास किया था, लेकिन डॉक्टरों के पास ले जाने के बजाय कथित तौर पर झाड़-फूंक (अंधविश्वास) का सहारा लिया गया था।
पुलिस इस मामले में महिला की मानसिक स्थिति, पारिवारिक पृष्ठभूमि और घटना से जुड़े हर एक बिंदु की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस खौफनाक कदम के पीछे असल वजह क्या थी।
















