भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के फिर से उग्र होने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भोपाल सहित प्रदेश के अनेक जिलों में बीते 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि कई शहरी इलाकों एवं निचली बस्तियों में जलभराव (Waterlogging) की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा कमान एवं नियंत्रण केंद्र से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान बाढ़ में फंसे 527 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों (Relief Camps) पर पहुँचाए जाने की पुष्टि हुई है।


क्यों बिगड़े हालात? मौसमी सिस्टम का असर

मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्र में एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) बना हुआ है। इसके साथ ही 'मानसून ट्रफ' और 'शीयर जोन' के एक साथ सक्रिय होने के कारण बारिश की गतिविधियों में एकाएक भारी तेजी आई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान मालवा और निमाड़ अंचल के कई हिस्सों में अति भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है।


राजगढ़ के ब्यावरा में 229 मिमी बारिश दर्ज

बीते 24 घंटों में राजगढ़ जिले में बारिश ने सर्वाधिक तबाही मचाई है:


ब्यावरा: 229 मिमी (लगभग 9 इंच), खिलचीपुर: 205 मिमी, जीरापुर: 191 मिमी, राजगढ़ शहर: 99.2 मिमी, गुना: 85 मिमी, खंडवा: 58 मिमी


इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, रतलाम, खरगोन, शिवपुरी, रायसेन और भोपाल में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।


मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी (Alert Map) के अनुसार विभिन्न जिलों की स्थिति इस प्रकार है:

अति भारी बारिश (Very Heavy Rainfall): मौसम विभाग ने खरगोन, बड़वानी, धार और मंदसौर जिलों में अति भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी दी है।


भारी बारिश (Heavy Rainfall): राजगढ़, बुरहानपुर, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, नीमच, गुना और श्योपुर जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।


गर्जन-चमक एवं वज्रपात (Lightning Alert): भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, इंदौर, देवास और शाजापुर जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है।


प्रशासन की राहत कार्रवाई और स्कूलों में छुट्टी

सुरक्षा के एहतियाती कदम उठाते हुए भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा सहित कई जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।राजगढ़, सीहोर, आगर-मालवा, विदिशा और खंडवा जिलों में जलभराव वाले क्षेत्रों से SDRF, पुलिस और होमगार्ड की टीमों ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 527 लोगों को सुरक्षित निकाला है।


भोपाल की सड़कों की खुली पोल, 15-16 अगस्त तक जारी रहेगा दौर

राजधानी भोपाल में पिछले दो दिनों में हुई लगभग 8 इंच बारिश ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के दावों की पोल खोल दी है। शहर के प्रमुख मार्गों—अटल पथ, लिंक रोड नंबर-2, एमपी नगर, न्यू मार्केट और डॉ. अंबेडकर फ्लाईओवर पर गड्ढे उभर आए हैं और डामर उखड़ चुका है। विपक्ष (कांग्रेस) ने सड़क निर्माण की घटिया गुणवत्ता को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 अगस्त से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी, जो 15 और 16 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) तक रुक-रुक कर जारी रहेंगी। प्रशासन ने नागरिकों को जलभराव वाले रास्तों और उफनते पुल-पुलियाओं से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।