नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के पूर्व खिलाड़ी और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास का रिकॉर्ड घरेलू क्रिकेट में शानदार रहा। हालांकि, दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी के चलते उन्हें टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका नहीं मिल सका।मिथुन मन्हास का जन्म 12 अक्टूबर, 1979 को जम्मू-कश्मीर में हुआ। मिथुन का बचपन से ही क्रिकेट से खास लगाव था। उन्होंने जल्द ही इस खेल में करियर बनाने का फैसला कर लिया और दिन-रात जमकर मेहनत की। फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में मिथुन ने अपना डेब्यू साल 1997 में किया। घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन कमाल का रहा।
157 फर्स्ट-क्लास मैचों में उन्होंने 45 की औसत से खेलते हुए 9,714 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 27 शतक और 49 अर्धशतक लगाए। गेंदबाजी में भी वह 40 विकेट चटकाने में सफल रहे। लिस्ट-ए क्रिकेट में मिथुन ने खेले 130 मुकाबलों में 4,126 रन बनाने के साथ-साथ 25 विकेट झटके।
हालांकि, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के रहते हुए वह कभी भी भारतीय टीम के लिए नहीं खेल सके। हालांकि, क्रिकेट ऑपरेशन्स डायरेक्टर के पद पर रहते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट का कायाकल्प करने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने अपने पद पर रहते हुए जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के लिए जमीनी स्तर पर काफी काम किया। मिथुन मन्हास ने बुनियादी ढांचे में सुधार किया और बीसीसीआई की मदद से यहां के खिलाड़ियों को पहचान दिलाई। उनी देखरेख में उमरान मलिक समेत कई खिलाड़ी उभरकर आए। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लाल मिट्टी की पिचों के निर्माण को लेकर भी पहल की।
मिथुन मन्हास द्वारा किए गए कामों और सुविधाओं की बदौलत जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब जीतने में सफल रहा। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट का कायाकल्प करने के बाद 28 सितंबर, 2025 को मिथुन मन्हास को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने रोजर बिन्नी के बाद यह जिम्मेदारी संभाली। वह बीसीसीआई के इतिहास में एक भी इंटरनेशनल मैच न खेलने के बावजूद अध्यक्ष चुने जाने वाले पहले व्यक्ति बने।











