भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश सरकार की नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के फर्जी जाति प्रमाणपत्र से जुड़े विवाद में अब एक नया और दिलचस्प मोड़ आ गया है। समाचार पत्रों और राजनैतिक गलियारों में लगातार लग रहे आरोपों पर अब स्वयं राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने सीधा मोर्चा संभाला है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो बयान जारी कर विरोधियों को करारा जवाब देते हुए अपना पक्ष बेहद मजबूती से रखा है। उन्होंने कहा कि किसी भी गंभीर मामले का सही और वास्तविक आकलन बिना पूरी जानकारी और तथ्यों के नहीं किया जा सकता है। अपनी बात को बड़े ही व्यावहारिक अंदाज में स्पष्ट करते हुए उन्होंने एक अनूठा उदाहरण दिया कि "गिलास में चाय है या दारू, यह कोई दूर से देखकर कैसे समझ सकता है।"
दूर बैठा व्यक्ति नहीं समझ सकता आरोपों की असलियत
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे अपने वीडियो संदेश में मंत्री प्रतिमा बागरी ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि दूर बैठकर राजनीति करने वाला या उनके ऊपर बेबुनियाद आरोप लगाने वाला कोई भी व्यक्ति इन आरोपों की जमीनी हकीकत और वास्तविकता को सही ढंग से कभी नहीं समझ सकता है। उन्होंने कहा कि बिना गहराई में जाए और बिना पूरे रिकॉर्ड को खंगाले किसी के चरित्र या उसकी जाति पर उंगली उठाना बेहद आसान होता है, लेकिन सच कुछ और ही होता है।
आरोपों से न सोच बदली और न काम करने का अंदाज
कांग्रेस और विरोधियों द्वारा लगातार की जा रही घेराबंदी पर दो टूक जवाब देते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि उन पर राजनैतिक द्वेष भावना के तहत जो भी आरोप लगाए गए हैं, उससे न तो उनकी जनहितैषी सोच बदली है और न ही अपनी क्षेत्र की जनता के प्रति काम करने का उनका समर्पित तरीका बदला है। उन्होंने पूरी दृढ़ता के साथ अपने सरकारी कार्यों, विभागीय दायित्वों और रैगांव की जनता के प्रति हमेशा प्रतिबद्ध रहने की बात को दोहराया है। उन्होंने साफ किया कि वे ऐसे राजनैतिक हमलों से घबराने वाली नहीं हैं।
बयान के बाद सियासी पारा फिर चढ़ा, नई जांच को लेकर स्पष्टता नहीं
मंत्री प्रतिमा बागरी के इस आक्रामक और अनोखे वीडियो बयान के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में यह संवेदनशील मामला एक बार फिर से भारी चर्चा का विषय बन गया है। उनके द्वारा दिए गए 'चाय और दारू' के उदाहरण पर राजनैतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास और तीखी प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। हालांकि, इन आरोपों को लेकर वर्तमान में चल रही किसी भी नई आधिकारिक जांच, न्यायिक प्रक्रिया या अन्य नई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर फिलहाल शासन या संगठन स्तर से कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है।




