सोल। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने मंगलवार को दावा किया कि विसैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) से बारूदी सुरंगों को हटा कर उन्होंने प्योंगयांग को "निर्णायक जवाब" दे दिया है। उन्होंने कहा कि डीएमजेड के भीतर इस तरह का अभियान अभूतपूर्व है।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि कांग की यह टिप्पणी दक्षिण कोरियाई सेना द्वारा सोमवार को उस स्थान पर बारूदी सुरंग हटाने का अभियान चलाए जाने के एक दिन बाद आई, जहां 21 सितंबर को हुए विस्फोट में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। इनमें से दो सैनिकों को गंभीर चोट आई थी।
दक्षिण कोरियाई सेना और संयुक्त राष्ट्र कमान (यूएनसी) की संयुक्त जांच में निष्कर्ष निकला है कि सैन्य सीमांकन रेखा (एमडीएल) के दक्षिण में जानबूझकर बिछाई गई एंटी-पर्सनल माइंस विस्फोट की वजह थीं। दक्षिण कोरिया ने इन सुरंगों को उत्तर कोरियाई सैनिकों द्वारा बिछाया गया बताया है।
कांग ने रक्षा मंत्रालय परिसर में पत्रकारों से कहा कि बारूदी सुरंग हटाने का अभियान “हमारे लिए एक निर्णायक जवाब” था। उन्होंने उन आलोचनाओं को भी खारिज किया कि दक्षिण कोरियाई सेना की प्रतिक्रिया बहुत निष्क्रिय या केवल रक्षात्मक रही है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरियाई सैनिक उत्तर कोरिया की ओर से सीमा को मजबूत करने के नाम पर बिछाई गई बारूदी सुरंगों से गंभीर रूप से घायल हुए थे और इसके बाद सेना ने जरूरी कदम उठाए।
सोमवार को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) और यूएनसी ने विस्फोट स्थल और उसके आसपास अतिरिक्त बारूदी सुरंगों की पहचान की थी। इसके बाद दक्षिण कोरियाई सेना ने एमडीएल के दक्षिण में स्थित बारूदी सुरंग क्षेत्र को हटाने का अभियान चलाया। सेना के अनुसार अभियान दोपहर करीब 12 बजकर 51 मिनट पर किया गया।
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि अगर उत्तर कोरिया अपनी ओर से इन बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए तैयार नहीं होता है, तो वह इलाके में इस तरह के अभियान जारी रखेगी।
रक्षा मंत्री ने कहा कि दक्षिण कोरिया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि का “निर्णायक” तरीके से जवाब देगा। हालांकि, उन्होंने संभावित अगले कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
इस बीच, उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया और यूएनसी के निष्कर्षों को खारिज किया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो-जोंग ने सियोल के आरोपों को मनगढ़ंत बताया है और चेतावनी दी है कि यदि दक्षिण कोरिया की ओर से इसके अनुरूप कोई कार्रवाई की गई तो प्योंगयांग जवाबी कदम उठा सकता है।
दक्षिण कोरिया की सेना ने सोमवार को कहा था कि उसकी और यूएनसी की संयुक्त जांच में मिले सबूतों से यह निष्कर्ष निकला कि उत्तर कोरिया की ओर से बिछाई गई रेजिन आधारित एंटी-पर्सनल माइंस विस्फोट का कारण थीं। जांच में बारूदी सुरंगों की संरचना और उनमें इस्तेमाल सामग्री की तुलना पहले बरामद उत्तर कोरियाई माइंस से भी की गई थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब दोनों कोरियाई देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है। उत्तर कोरिया ने सीमा क्षेत्र में कंटीले तारों की बाड़ मजबूत करने, बारूदी सुरंगें बिछाने और टैंक रोधी अवरोध खड़े करने का काम तेज किया है।
हालांकि, दक्षिण कोरिया की सरकार ने रक्षा संबंधी इस कड़े रुख के साथ संवाद का रास्ता भी खुला रखने की बात कही है। एक दिन पहले ही दक्षिण कोरियाई एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि वह अंतर-कोरियाई मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान तलाशता रहेगा और टकराव के बजाय संवाद के जरिए स्थायी शांति की दिशा में काम करेगा।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग भी हाल में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव कम करने और संवाद बहाल करने की प्रतिबद्धता दोहरा चुके हैं। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों को विश्वास बहाली और संवाद की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।












