छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। सामाजिक संगठनों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व को नई मजबूती देने की दिशा में मेहरा डेहरिया समाज समिति छिंदवाड़ा ने एक अहम निर्णय लिया है। समाज की सक्रिय, सजग और समर्पित कार्यकर्ता श्रीमती सारिका संजय डेहरिया को महिला प्रकोष्ठ अतिरिक्त जिला अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह नियुक्ति केवल एक औपचारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज में उनके निरंतर योगदान, सक्रिय उपस्थिति और महिला वर्ग के बीच उनकी मजबूत स्वीकार्यता का सम्मान भी मानी जा रही है। संगठन का यह फैसला समाज के भीतर महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
समाजहित में सक्रिय भूमिका का मिला प्रतिफल
जानकारी के अनुसार, मेहरा डेहरिया समाज समिति छिंदवाड़ा के जिलाध्यक्ष श्री लोकेश डेहरिया एवं सचिव श्री दिनेश डेहरिया की अनुशंसा पर यह नियुक्ति की गई। संगठन ने माना कि सारिका डेहरिया लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहकर समाजहित के कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं।
उनकी कार्यशैली, सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और महिलाओं के बीच संवाद स्थापित करने की क्षमता को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।
महिलाओं को एकजुट करने की दिशा में अब नई जिम्मेदारी
संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि आज के दौर में समाज की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं संगठित, जागरूक और नेतृत्वकारी भूमिका में आगे आएं। ऐसे में सारिका डेहरिया की नियुक्ति को समाज के भीतर महिला सशक्तिकरण की मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अब उनसे यह अपेक्षा की जा रही है कि वे समाज की महिलाओं को संगठित करने, सामाजिक चेतना बढ़ाने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। समिति को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में महिला प्रकोष्ठ नई ऊर्जा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ेगा।
समाज ने जताया भरोसा, दीं शुभकामनाएं
नियुक्ति के बाद समाज के पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल देखा गया। सभी ने श्रीमती सारिका संजय डेहरिया को इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
समिति ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई है कि वे समाज की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी उतरेंगी और संगठन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी।
यह नियुक्ति क्यों मानी जा रही है खास?
यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सामाजिक संगठनों में अब महिलाओं को केवल सहभागिता तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें निर्णायक जिम्मेदारियां भी सौंपी जा रही हैं। सारिका डेहरिया की नियुक्ति इसी बदलते सामाजिक सोच और सशक्त नेतृत्व का प्रतीक बनकर सामने आई है।
समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि यह निर्णय आने वाले समय में समाज की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगा और संगठनात्मक ढांचे को नई मजबूती देगा।

