सतना। मध्य प्रदेश की सतना केंद्रीय जेल (Central Jail Satna) से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। यहां हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 52 वर्षीय कैदी अच्छेलाल प्रजापति मंगलवार को जेल परिसर स्थित गौशाला से चकमा देकर फरार हो गया। कैदी के भागने की खबर मिलते ही जेल मुख्यालय से लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जेल प्रबंधन ने सायरन बजाकर आसपास के पूरे इलाके में नाकाबंदी कराई, लेकिन तब तक कैदी का कोई सुराग नहीं लग सका।


शौचालय जाने का बहाना बनाया, 20 मिनट बाद भी नहीं लौटा

जेल प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रोजाना की तरह कैदियों को परिसर स्थित गौशाला में काम पर लगाया गया था। इसी दौरान अच्छेलाल प्रजापति ने सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरियों से शौचालय जाने की बात कही। जब वह करीब 20 मिनट बीत जाने के बाद भी वापस नहीं लौटा, तो प्रहरियों को संदेह हुआ। जेल कर्मियों ने तत्काल गौशाला, बाउंड्रीवॉल और आसपास के सभी हिस्सों में सघन तलाशी ली, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद औपचारिक रूप से उसके जेल से फरार होने की पुष्टि की गई।


हत्या के मामले में 2014 से काट रहा था सजा, 15 बार जा चुका था पैरोल पर

फरार कैदी अच्छेलाल प्रजापति मूल रूप से मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह वर्ष 2014 से हत्या के एक संगीन मामले में न्यायालय द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा भुगत रहा था। जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, वह पिछले करीब 13 वर्षों से जेल में बंद था और इस दौरान उसने बेहतर आचरण के आधार पर 15 बार अस्थायी मुक्ति अवकाश (पैरोल) का लाभ भी प्राप्त किया था। हर बार पैरोल अवधि समाप्त होने पर वह समय पर जेल लौट आता था, लेकिन इस बार उसने सीधे जेल परिसर से ही भागने की योजना बना ली।


तलाश में जुटीं पुलिस और जेल की टीमें, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। फरार कैदी की धरपकड़ के लिए जिले की सीमाओं, अमरपाटन स्थित उसके पैतृक गांव और संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए कई अलग-अलग पुलिस टीमें रवाना की गई हैं। वहीं दूसरी ओर, इस गंभीर लापरवाही को लेकर जेल प्रबंधन ने विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। घटना के वक्त सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात प्रहरियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है कि आखिर कड़े सुरक्षा घेरे और निगरानी के बावजूद कैदी बाहर निकलने में कैसे कामयाब हुआ।