ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के अंतर्गत आने वाली डबरा नगर पालिका में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर छिड़ा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद हीरा सिंह से जुड़े एक विवाद में एफआईआर की मांग को लेकर पार्षदों ने थाने में झाड़ू लगाकर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन को लेकर उलटा 6 पार्षदों के खिलाफ शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस थमा दिए। पुलिस द्वारा नोटिस जारी किए जाने की सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा और वे इसे पुलिस की खुली तानाशाही करार देते हुए सीधे डबरा सिटी थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
SDOP सौरभ कुमार से तीखी नोकझोंक, 30 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे का खोला मोर्चा
धरने के दौरान एसडीओपी (SDOP) सौरभ कुमार और पार्षदों के बीच जमकर तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिली। पुलिस के अड़ियल और सख्त रवैए से नाराज होकर भाजपा समर्थित नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी, उपाध्यक्ष सतेंद्र दुबे के नेतृत्व में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय खेमे के सभी 30 पार्षदों ने एकजुट होकर अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया। पार्षदों का साफ कहना था कि जब जनप्रतिनिधियों की जायज शिकायत पर सुनवाई करने के बजाय उन पर ही दंडात्मक नोटिस थोपे जा रहे हैं, तो ऐसे पदों पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
थाने के फर्श पर खाया खाना, ASP जयराज कुबेर से बात करने से किया इनकार
धरना प्रदर्शन के चलते सिटी थाने में घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। देर रात तक पार्षद थाने के बाहर फर्श पर डटे रहे और वहीं जमीन पर बैठकर भोजन किया। इस बीच गतिरोध सुलझाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जयराज कुबेर मौके पर पहुंचे, लेकिन उनके कथित रूखे व्यवहार से नाराज पार्षदों ने उनसे किसी भी प्रकार की बातचीत करने से दो टूक इनकार कर दिया। इसके बाद एएसपी को बैरंग लौटना पड़ा।
देर रात पूर्व मंत्री इमरती देवी पहुंचीं, SSP धर्मवीर सिंह से चर्चा के बाद शांत हुआ मामला
मामले को लगातार तूल पकड़ता देख देर रात पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री इमरती देवी सीधे सिटी थाने पहुंचीं। उनके आने की सूचना पर एएसपी जयराज कुबेर को भी दोबारा थाने लौटना पड़ा। इमरती देवी ने धरने पर बैठे सभी पार्षदों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और पुलिस कार्रवाई को अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा जनप्रतिनिधियों पर की गई यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है।
पूर्व मंत्री ने जानकारी दी कि उनकी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह यादव से फोन पर विस्तृत चर्चा हुई है। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि वे स्वयं डबरा आकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे और पार्षदों का पक्ष सुनेंगे। इस ठोस आश्वासन के बाद ही पार्षदों ने अपना देर रात से चल रहा धरना समाप्त किया।











