भोपाल। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी केंद्र और राज्य सरकार के बीच प्रशासनिक व विकास कार्यों के समन्वय को अधिक गति देने के लिए एक बड़ा नया प्रयोग करने जा रही है। इस नए मॉडल के तहत प्रदेश के प्रत्येक भाजपा सांसद को केंद्र सरकार के एक-एक मंत्रालय के साथ समन्वय और पैरवी की सीधी जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव रखा गया है। यह अभिनव प्रस्ताव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित पार्टी की उच्चस्तरीय कोर ग्रुप बैठक के दौरान रखा।


कैसे काम करेगी यह नई व्यवस्था?

प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत सांसदों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक तय समन्वय तंत्र (Coordination Mechanism) बनाया जाएगा: संबंधित सांसद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और मध्य प्रदेश सरकार के संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) या प्रमुख सचिव (PS) के साथ लगातार संवाद में रहेंगे। राज्य की प्राथमिकताओं और लंबित प्रस्तावों की जानकारी लेकर सांसद दिल्ली स्थित संबंधित केंद्रीय मंत्रालय के मंत्रियों व उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगे। राज्य से जुड़े केंद्रीय बजटीय स्वीकृतियों, लंबित परियोजनाओं और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर उन्हें जल्द स्वीकृत कराने का काम सांसद करेंगे।


वर्तमान में मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर भाजपा के ही सांसद हैं, जबकि राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में पार्टी सांसदों के अनुभव, केंद्र में उनकी पहुंच और विशेषज्ञता का सीधा फायदा राज्य के विकास में उठाना चाहती है।


सांसदों को जिम्मेदारी देने से राज्य को क्या होंगे 5 बड़े फायदे?

दिल्ली में अटकी हुई राज्य की फाइलों, बजटीय आवंटन और स्वीकृतियों की स्थिति जानकर सांसद तुरंत संबंधित मंत्रालय से फॉलो-अप (Follow-up) ले सकेंगे। राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को हर छोटे-बड़े मामले के लिए बार-बार दिल्ली जाने के बजाय संबंधित सांसद के माध्यम से पैरवी का एक सशक्त और स्थाई चैनल मिल जाएगा। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के स्तर पर प्राथमिक वाले प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा संभव हो सकेगी, जिससे काम समय पर पूरा होगा। केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, विशेष अनुदानों और बजटीय आवंटन का अधिक से अधिक लाभ राज्य के विभागों को मिल सकेगा। विभागवार और मंत्रालयवार जिम्मेदारी तय होने से यह स्पष्ट रहेगा कि किस केंद्रीय मंत्रालय में राज्य के कौन से प्रस्ताव लंबित हैं और किस सांसद ने उस पर क्या प्रगति कराई है।