नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के फैसलों और मंत्री प्रियांक खड़गे की ओर से केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी को 'हल्ली गुग्गु' (गांव का मूर्ख) कहे जाने को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि उसकी मानसिकता गांवों और ग्रामीण लोगों के प्रति अपमानजनक है। इसके साथ ही पार्टी नेताओं ने कर्नाटक सरकार पर बढ़ती महंगाई और लगातार कर्ज लेने को लेकर भी सवाल उठाए हैं।जनता दल (सेक्युलर) के नेता बंडेप्पा मणिकप्पा काशेमपुर ने प्रियांक खड़गे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे कांग्रेस की मानसिकता और उसकी संस्कृति का पता चलता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने हमेशा गांवों के महत्व और उनके सशक्तीकरण की बात की थी। ऐसे में किसी गांव से आने वाले व्यक्ति को 'हल्ली गुग्गु' कहना ग्रामीण समाज का अपमान है।
काशेमपुर ने कहा कि कुमारस्वामी ने खुद स्वीकार किया है कि वह गांव से आते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गांव से आने वाले इसी नेता ने दो बार किसानों का कर्ज माफ किया है। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति की ग्रामीण पृष्ठभूमि को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
जनता दल (सेक्युलर) नेता वेंकटराव नाडागौडा ने भी इस बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 'गांव का मूर्ख' जैसे शब्दों का इस्तेमाल केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे गांवों में रहने वाले किसानों, मजदूरों और गरीब लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर गांव से आने वाला व्यक्ति मूर्ख है, तो गांव में रहने वाले सभी लोग मूर्ख हुए। उन्होंने ग्रामीण जीवन और आम लोगों के सम्मान का मुद्दा भी उठाया।
वहीं, कर्नाटक सरकार की ओर से सार्वजनिक परिवहन के किराये और नंदिनी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले पर बंडेप्पा मणिकप्पा काशेमपुर ने कांग्रेस सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार कोमा में है और उसका कार्यकाल खत्म होने की कगार पर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर साल कर्ज ले रही है, लेकिन इसके बावजूद आम जनता को महंगाई से राहत नहीं मिल रही है। दूध, बस किराये, आबकारी शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी सहित कई चीजों की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
वेंकटराव नाडागौडा ने कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को स्टिंग ऑपरेशन की जानकारी देते हुए सावधान रहने को कहा था। इसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कर्नाटक पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और जांच की मांग की है, ताकि पता लगाया जा सके कि स्टिंग ऑपरेशन किसने कराया और इसके पीछे क्या वजह थी।

















