जम्मू। शपथ ग्रहण समारोह के एक दिन बाद ही जम्मू-कश्मीर में नई सरकार ने कामकाज तेज कर दिया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को सभी 8 मंत्रियों को विभागों का आवंटन कर दिया। मुख्यमंत्री के पास वे सभी विभाग रहेंगे जो किसी मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी को सबसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें लोक निर्माण (सड़क एवं भवन) विभाग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, श्रम एवं रोजगार विभाग और कौशल विकास विभाग सौंपा गया है। माना जा रहा है कि सड़क, उद्योग और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से सीधे जुड़े होने के कारण उप मुख्यमंत्री की भूमिका सरकार में काफी महत्वपूर्ण रहेगी।
वरिष्ठ मंत्री अली मोहम्मद सागर को राजस्व, ऊर्जा विकास, कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य, आपदा प्रबंधन, राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण और चुनाव विभाग जैसे अहम विभाग दिए गए हैं। सकीना मसूद (इटू) को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्वास्थ्य जैसा महत्वपूर्ण महकमा मिलने से उन पर बड़ी जिम्मेदारी होगी।
जावेद अहमद राणा को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, जनजातीय कार्य और परिवहन विभाग दिया गया है। वहीं जावेद अहमद डार को कृषि उत्पादन, वित्त, खनन और सहकारिता विभाग जैसे आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।
मीर सैफुल्लाह को योजना, विकास एवं निगरानी विभाग, संस्कृति विभाग, युवा सेवा एवं खेल विभाग और प्रशासनिक सुधार, निरीक्षण एवं प्रशिक्षण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
शमीमा फिरदौस को शिक्षा से जुड़े दो बड़े विभाग, स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा के साथ-साथ जल शक्ति विभाग आवंटित किया गया है।
अल्ताफ अहमद वानी को वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रामीण विकास और पर्यावरण जैसे विभाग जम्मू-कश्मीर के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं।
उपराज्यपाल के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जो विभाग किसी मंत्री को नहीं सौंपे गए हैं, वे मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे। विभागों के बंटवारे के साथ ही अब नई सरकार के मंत्रियों के सामने अपने-अपने विभागों में कामकाज शुरू करने और जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने की चुनौती है।
















