ब्रिसबेन। 16 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली बार खेलने के लगभग दो दशक बाद भी बेहतरीन ऑलराउंडर एलिसा पेरी का कहना है कि वह आज भी हर दिन खुद को पिछले दिन की तुलना में एक बेहतर खिलाड़ी बनाने की कोशिश करती हैं।35 वर्षीय पेरी अब अपने प्रोफेशनल क्रिकेट करियर के 20वें सीजन में हैं। उन्होंने इस सीजन की शुरुआत 58 रनों की पारी के साथ की। महिला बिग बैश लीग (डब्ल्यूबीबीएल) के ओपनिंग मैच में एलन बॉर्डर फील्ड पर सिडनी सिक्सर्स ने ब्रिसबेन हीट के खिलाफ आखिरी गेंद पर जीत हासिल की, जिसमें एलिसा पेरी की इस पारी ने अहम भूमिका निभाई।
शनिवार को 'क्रिकेट डॉट कॉम एयू' के अनुसार, एलिसा पेरी ने कहा, “मैं बस आज जो हूं, उससे बेहतर बनना चाहती हूं और यह हर दिन एक चुनौती होती है। इसे स्वीकार करने में बहुत मजा आता है और साथ ही आप बहुत कुछ सीखते भी हैं। इसी कारण उम्मीद है कि जब भी मैं खेलना छोड़ूंगी, तो मैं उस खिलाड़ी से कहीं बेहतर बन चुकी होंगी, जो मैं शुरुआत में थी—यह बहुत शानदार होगा।”
एलिसा को 2011 से 2020 के दशक के लिए आईसीसी महिला क्रिकेटर चुना गया था और वह तीन बार ‘वर्ल्ड प्लेयर ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार जीत चुकी हैं। वह (पुरुष या महिला) पहली ऐसी क्रिकेटर हैं, जिन्होंने टी20 में 1,000 रन और 100 विकेट का दोहरा मुकाम हासिल किया है। इसके अलावा, उनके नाम वनडे में 3,000 से ज्यादा रन और 150 से अधिक विकेट दर्ज हैं।
जब उनसे पूछा गया कि इतने वर्षों के बाद भी उनमें आगे बढ़ने की भूख कैसे बनी हुई है, तो उन्होंने कहा कि उनके आस-पास मौजूद युवा खिलाड़ी उन्हें लगातार प्रेरित करते रहते हैं। बता दें कि एलिसा दो खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी हैं। वह फीफा महिला विश्व कप में ‘मटिल्डास’ (ऑस्ट्रेलियाई महिला फुटबॉल टीम) के लिए भी खेल चुकी हैं।
उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए आसान है, क्योंकि टीम में इतनी शानदार खिलाड़ी हैं कि कई बार उनके स्तर तक पहुंचना भी चुनौती बन जाता है। युवा खिलाड़ियों की रचनात्मकता और सोच वाकई शानदार है। उन्हें खेलते देख मुझे भी बेहतर करने और उनके साथ तालमेल बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जिस भी टीम का हिस्सा हूं, उसमें अपना योगदान देती रहूं। यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद है।”
पेरी ने आगे कहा, "मुझे फिट, एक्टिव और स्वस्थ रहना भी अच्छा लगता है, और एक प्रोफेशनल खिलाड़ी होने के नाते ऐसा करना स्वाभाविक भी है। इसलिए, मेरा कोई खास लक्ष्य या कोई गुप्त फॉर्मूला नहीं है। मुझे बस बहुत सारा सपोर्ट मिलता है, और मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं।"
उनके रूटीन में किशोरावस्था के बाद से शायद ही कोई बदलाव आया है। डब्ल्यूपीएल 2027 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की ओर से खेलने की तैयारी कर रहीं पेरी ने बताया कि वह आज भी नेट्स में उतना ही समय बिताती हैं, जितना तब बिताती थीं, जब वह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने का सपना देखा करती थीं। उनके लिए बैटिंग प्रैक्टिस शांति के कुछ अनमोल पल लेकर आती है।
उन्होंने बताया, "मेरे लिए बैटिंग करना, खासकर नेट्स में, एक तरह से मेडिटेशन (ध्यान) जैसा है। आपके पास फोन नहीं होता। आप वहां बिल्कुल अकेले होते हैं और बस गेंदों को हिट कर रहे होते हैं। मुझे इसमें बहुत मजा आता है। मुझे बाकी खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग करना भी बहुत पसंद है। नेट्स में बॉलिंग करना हो या मैदान पर खेलना—यह बहुत मजेदार होता है। चूंकि क्रिकेट गर्मियों का खेल है, इसलिए आपको ऑस्ट्रेलिया की धूप में खेलने का मौका मिलता है, जो कि बहुत अच्छा लगता है।"














