नई दिल्ली। इजरायल में 26वीं नेसेट (संसद) के सदस्यों के चुनाव के बीच भारत ने बुधवार को इजरायल के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने कहा कि दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं और आने वाले दिनों में इन्हें और मजबूती दी जाएगी।

नई दिल्ली में आयोजित द्विसाप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हां, इजरायल में चुनाव हो रहे हैं। मैंने वहां रिपोर्टिंग कर रहे आपके कई सहयोगियों को देखा है। इजरायल के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं। आने वाले दिनों में हम इन संबंधों को और मजबूत करेंगे।”

मंगलवार को हुए ये चुनाव अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद इजरायल में पहला चुनावी मुकाबला हैं। वर्ष 2022 के चुनावों के बाद से देश के राजनीतिक परिदृश्य और मतदाताओं की प्राथमिकताओं में कई बदलाव आए हैं।

इस बीच, बुधवार दोपहर तक सामने आए आंशिक चुनावी नतीजों के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला लिकुड गठबंधन बढ़त बनाए हुए था। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार दोपहर तक 84.5 प्रतिशत मतपेटियों की गिनती हो चुकी थी।

केंद्रीय चुनाव समिति के आंशिक नतीजों के अनुसार, नेतन्याहू के गठबंधन को 54 सीटें मिलने का अनुमान था, जबकि गादी आइजेनकोट की याशर पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी। ‘टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य रूप से अरब समुदाय से जुड़े ज्वाइंट लिस्ट और राम गुटों की संयुक्त सीटों की संख्या घटकर 17 रह गई।

उभरते चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक इजरायली नागरिक ने देश में शांति और एकता की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच मुकाबला काफी करीबी है और उन्हें उम्मीद है कि देश के लोग एकजुट होंगे तथा शांति बनी रहेगी।

आईएएनएस से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि भारत के लोग बीबी (नेतन्याहू) को पसंद करते हैं और क्योंकि वह पीएम मोदी के मित्र हैं, इसलिए मैं उनका सम्मान करता हूं। मैं पीएम मोदी से बहुत प्यार करता हूं। बेंजामिन नेतन्याहू पुराने दौर की राजनीति करते हैं और हमें पुराना तरीका पसंद नहीं है। हम इजरायल में कुछ नया, नई सोच और नई ऊर्जा चाहते हैं। हम भारत के लोगों से प्यार करते हैं। नमस्कार, जय श्री राम।”

वहीं, एक अन्य इजरायली नागरिक ने नेतन्याहू की सत्ता में वापसी का समर्थन करते हुए कहा कि देश को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो सुरक्षा संबंधी खतरों को समझे और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि कई इजरायलियों को उम्मीद नहीं थी कि अरब समुदाय के लोग इतनी बड़ी संख्या में मतदान करेंगे। उनके अनुसार, इस चुनाव में सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है।

उन्होंने कहा, “हम यहां नोवा स्थल पर हैं, जहां 378 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। वे जीवन का जश्न मनाने के लिए आए थे। हमें ऐसे नेता और शासन व्यवस्था की जरूरत है, जो यह समझे कि हमारा दुश्मन कौन है और उसकी मानसिकता क्या है।” उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल के विरोधियों को बचपन से ही हिंसा के लिए तैयार किया जाता है और उनके बीच हिटलर की किताब ‘मीन काम्फ’ भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें उम्मीद है कि नेतन्याहू ही देश को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम नेतृत्व दे सकते हैं।