नई दिल्ली। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के उस बयान पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तोड़ी गई मस्जिदों में दोबारा अजान शुरू होगी। मदनी के इस बयान के बाद कई राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के मटिया महल से आम आदमी पार्टी के विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने मौलाना मदनी के बयान का बचाव किया है।

आईएएनएस से बातचीत में विधायक इकबाल ने कहा, "मदनी ने कुछ गलत नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि ये कोई नई बनी मस्जिदें नहीं हैं, जो आज बनाई गई हों। आज की हुकूमत 50 साल, 100 साल और आजादी से भी पहले की पुरानी मस्जिदों को निशाना बना रही है।"

इकबाल ने उदाहरण देते हुए कहा कि रेस कोर्स वाली मस्जिद लगभग 300 साल पुरानी है। उन्होंने सवाल उठाया, "मस्जिदों और मंदिरों को लेकर राजनीति कब तक चलती रहेगी। देश आगे बढ़ना चाहता है और लोगों को शिक्षा, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर ध्यान चाहिए। हजारों युवा आज नौकरियों की बात कर रहे हैं, लेकिन सरकार देश को मस्जिदों की राजनीति में उलझा रही है।"

विधायक ने कहा, "जो मस्जिद है, वह हमेशा मस्जिद रहेगी, लेकिन जो नेता हैं, वह कल नहीं रहेंगे। किसी की आस्था से खेलकर धर्म और मजहब की राजनीति करना गलत है और देश का हर इंसान इससे ऊपर उठ चुका है।"

उन्होंने सरकार से अपील की कि उसे मस्जिद की राजनीति बंद करनी चाहिए और देश के विकास पर ध्यान देना चाहिए।

आले मोहम्मद इकबाल ने कहा, "आज देश को अमेरिका के बराबर खड़ा होना है, चीन से आगे निकलना है, लेकिन हमें धर्म की राजनीति में घेर दिया गया है। जब तक दुनिया है, तब तक इस्लाम है। उसके बाद भी इस्लाम है। सभी को धर्म की राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। मस्जिद को सिर्फ सियासी शिकार बनाया जा रहा है। देश रोजगार, महंगाई की बात कर रहा है। देश के दुश्मनों से लड़ना है, न कि आपस के लोगों से लड़ना है।"