भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक सुरक्षा एजेंसी संचालक ने मृत आईपीएस अधिकारी के जाली हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये के सरकारी ठेके हासिल कर लिए। हबीबगंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजकुमार पांडे वर्ष 2013 से ‘क्लासिक सिक्योरिटी’ नामक एजेंसी संचालित कर रहा था। एजेंसी का लाइसेंस वर्ष 2017 में समाप्त हो गया था, जिसे रिन्यू कराना जरूरी था। इसी दौरान आरोपी ने शातिराना तरीके से दिवंगत पूर्व आईपीएस अधिकारी एसके पांडे के जाली हस्ताक्षर कर लाइसेंस का नवीनीकरण करा लिया। फर्जी लाइसेंस के आधार पर आरोपी ने वर्ष 2017 से 2022 तक संस्कृति विभाग के अंतर्गत प्रदेशभर के विभिन्न कार्यालयों में सुरक्षाकर्मी, माली और अन्य कर्मचारियों के ठेके हासिल किए। इस दौरान एजेंसी को करीब 8 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।


मामले का खुलासा संस्कृति विभाग में मिली शिकायत के बाद हुई जांच में हुआ। जांच के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, फर्जी दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि भुगतान प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही। यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि आरोपी राजकुमार पांडे के खिलाफ पहले से ही शहर के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र के करीब 10 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामले की जांच जारी है।