गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को भारत के इतिहास में गरीबी के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान बताए जाने वाले कदम का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले एक दशक में 49.6 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है और 14.6 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं।एक्स पर एक पोस्ट में सरमा ने इन उपलब्धियों का श्रेय 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आए बदलाव को दिया।

मुख्यमंत्री सरमा ने गरीबी कम होने और रोजगार सृजन के आंकड़े पेश करते हुए लिखा कि पिछले एक दशक में भारत में गरीबी के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन छेड़ा गया है। 'नए भारत' का उदय हुआ है, जो उन लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है, जिन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को वोट दिया था।

मौजूदा सरकार की लगातार चुनावी सफलता पर भरोसा जताते हुए सरमा ने कहा कि 2029 के आम चुनावों में लोग एक बार फिर उसी राजनीतिक दृष्टिकोण के पक्ष में वोट देंगे।

मुख्यमंत्री की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब मोदी सरकार के कार्यकाल में गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और देश की आर्थिक प्रगति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं।

भारत में गरीबी कम करना और रोजगार पैदा करना हमेशा से प्रमुख मुद्दों में से एक रहे हैं। केंद्र सरकार देश के विकास में कल्याणकारी योजनाओं, वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों, बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार से जुड़े कदमों को महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कारकों के रूप में पेश करती रही है।

सीएम सरमा द्वारा दिए गए आंकड़े बताते हैं कि भाजपा पिछले एक दशक की अपनी प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन को विशेष रूप से रेखांकित कर रही है।

उनका यह बयान यह भी दर्शाता है कि सत्ताधारी पार्टी को पूरा भरोसा है कि वह अपने विकास के एजेंडे को अगले आम चुनावों तक ले जा सकती है।

भाजपा लगातार यह बताती रही है कि मोदी सरकार का विकास एजेंडा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना ही वह मुख्य कारण है, जिसकी वजह से उसे लगातार लोकसभा चुनावों में जनता का समर्थन मिला है।