पटना। बिहार की राजधानी पटना में रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित तौर पर अपशब्द कहने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने खड़गे की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक विरोध में मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया है। शाह ने कहा कि कभी प्रधानमंत्री की मां के बारे में अपशब्द कहे गए, कभी उन्हें 'मौत का सौदागर' कहा गया, तो कभी 'चायवाला' कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया गया।

गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएं पार करती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में लगातार चुनावी हार से कांग्रेस में हताशा और निराशा बढ़ गई है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के पास अब न कोई नीति बची है और न कोई मुद्दा, बल्कि केवल गाली-गलौज की राजनीति रह गई है। उन्होंने आगे कहा कि जब-जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार के खिलाफ घृणित टिप्पणियां की हैं, तब-तब जनता ने पार्टी को करारा जवाब दिया है।

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पटना में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जिस प्रकार की अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया, वह कांग्रेस के वैचारिक दिवालियेपन को दर्शाता है।

नितिन नबीन ने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक गरिमा होती है, लेकिन सार्वजनिक मंच से स्वर्गीय परिजनों को भाषणों में घसीटना अब राहुल गांधी और समूचे विपक्ष का असली 'संस्कार' बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह खड़गे का व्यक्तिगत बयान नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस की शिष्टाचार-विहीन सोच का प्रकटीकरण है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब विपक्ष के पास देश के विकास, नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर बहस करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचता, तो वह हताशा में व्यक्तिगत आक्षेपों का सहारा लेता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस तरह की राजनीति को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

दरअसल, पटना में रविवार को बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उस समय हंगामा हो गया, जब खुद को कांग्रेसी बताने वाले एक युवक ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की।

बताया जा रहा है कि छपरा का रहने वाला युवक खड़गे को यह समझाने की कोशिश कर रहा था कि इस तरह की राजनीतिक लड़ाई से प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से नहीं हटाया जा सकेगा। युवक ने कथित तौर पर कहा कि इस तरह की लड़ाई से पीएम मोदी नहीं जाने वाले। इसी दौरान हुई बातचीत के बीच खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर अपशब्द कह दिए, जिसके बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान कुछ लोगों ने युवक के साथ हाथापाई भी की।

कार्यक्रम में खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा को लेकर भी अपनी बात रखी। खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है।