नई दिल्ली। दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग (एफडीए) ने बिना लाइसेंस के रसगुल्ले बनाने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 402 किलोग्राम खाद्य पदार्थ नष्ट कर दिए। यह छापेमारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के निर्देश पर दिल्ली के निहाल विहार इलाके में की गई। इसके अलावा, राजधानी की मोरी गेट खोया मंडी में 520 किलोग्राम खराब खोया और छेना भी नष्ट किया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए गए हैं, जिन्हें आगे की जांच के लिए भेजा गया है। देश के विभिन्न राज्यों में मिठाई बनाने और बेचने वाली इकाइयों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में तेलंगाना और बिहार में भी खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की गई है।
तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स (टीजी सेफ) ने राज्य के सभी जिलों में मिठाई निर्माण और बिक्री से जुड़ी इकाइयों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 53 इकाइयों का निरीक्षण किया गया। टीजी सेफ ने रविवार को जारी बयान में बताया कि 23 अक्टूबर को किए गए निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामले सामने आए।
अधिकारियों ने कुछ इकाइयों में फर्श क्षतिग्रस्त होने, खाद्य अपशिष्ट बिखरा होने, सफाई वाले स्थानों के गंदे होने और नालियों में खाद्य कचरा जमा होने जैसी खामियां पाईं। इसके अलावा, दीवारों पर गंदगी और खाद्य पदार्थों के अवशेष मिले। कुछ प्रतिष्ठानों में कीट नियंत्रण और खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे। कर्मचारियों को बिना हेयरनेट और दस्तानों के काम करते हुए पाया गया। वहीं, एग्जॉस्ट और चिमनियों पर चिकनाई जमा थी तथा खाद्य पदार्थों को फर्श पर रखने और खाद्य एवं गैर-खाद्य वस्तुओं को एक साथ रखने जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं।
बिहार में भी सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल पर राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक इस अभियान के तहत 531 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि 15 अन्य के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू की गई है। निरीक्षण के दौरान खराब पनीर, दुर्गंधयुक्त मिठाइयां और एक्सपायरी दूध समेत अन्य खाद्य पदार्थों से जुड़े मामले सामने आए हैं।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ महाराष्ट्र में भी व्यापक कार्रवाई की गई है। राज्य में विशेष जांच अभियान के दौरान खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने लगभग 35.547 टन खाद्य स्टॉक जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 79.97 लाख रुपये बताई गई है। इस अभियान का उद्देश्य संभावित रूप से असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री और वितरण पर रोक लगाना तथा खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।













