बैतूल, सुरेन्द्र बावने। जिले के चिचोली सहित आसपास के अंचल में शारदीय नवरात्र महापर्व पूर्ण श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। नवमी के पावन अवसर पर पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन-पूजन का अनुष्ठान पूरा किया गया। इसके उपरांत आयोजित विशाल भंडारों में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। दर्शनार्थियों का उत्साह ऐसा था कि देर रात तक पंडालों में मां जगदम्बा के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
तीन-चार दशकों से जारी है प्रतिमा स्थापना की परंपरा, महिलाओं ने गरबा और भजन-कीर्तन से बांधा समां
नगर के विभिन्न पूजा पंडालों में मां कालिका, मां दुर्गा तथा भगवान शिव की नयनाभिराम झांकियां सजाई गईं। आकर्षक लाइटिंग और भव्य सजावट ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। आयोजन समितियों के अनुसार, कई स्थानों पर बीते 30 से 40 वर्षों से लगातार प्रतिमाएं स्थापित कर नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। उत्सव के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर भजन-कीर्तन, देवी जागरण और गरबा नृत्य में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कन्या भोज और भंडारों में उमड़ी भीड़, रामलीला मंचन ने भी मोहा मन
नवमी पर विशेष रूप से कन्या पूजन एवं कन्या भोज के आयोजन हुए, जिसके बाद प्रसादी का वितरण किया गया। चिचोली एवं समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर मन्नतें मांगीं। वहीं, देवी जागरण के भजनों और वर्षों पुरानी पारंपरिक रामलीला के जीवंत मंचन ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे क्षेत्र में धर्म तथा संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।














