सागर,जीशान खान। मध्य प्रदेश के सागर जिले में गेहूं खरीदी प्रक्रिया समय पर शुरू न होने से किसानों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। घोषित तारीख के बावजूद खरीदी केंद्र शुरू नहीं हो सके और हम्मालों की हड़ताल के चलते तुलाई कार्य पूरी तरह ठप रहा। इससे नाराज सैकड़ों किसानों ने सागर-बीना रोड पर चक्काजाम कर दिया, जिसके कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों का कहना है कि शासन द्वारा पहले ही गेहूं खरीदी शुरू करने की घोषणा कर दी गई थी, इसी भरोसे वे अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे थे। लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें न तो खरीदी केंद्र चालू मिला और न ही तुलाई की कोई व्यवस्था दिखाई दी। हम्मालों की हड़ताल ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे मंडी परिसर में गेहूं की ढेरियां लग गईं। खुले में पड़ी फसल के खराब होने का खतरा किसानों को लगातार चिंता में डाल रहा है। मंडी के बाहर हालात उस समय और तनावपूर्ण हो गए जब किसानों ने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। चक्काजाम के चलते यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान तत्काल खरीदी शुरू करने की मांग पर अड़े रहे। इसी दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, जो भोपाल से छतरपुर जा रहे थे, को किसानों ने खुरई रोड पर रोक लिया। किसानों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इसके बाद पटवारी किसानों के साथ मंडी पहुंचे और वहां की अव्यवस्थाओं का जायजा लिया। मंडी में पहुंचकर जीतू पटवारी ने सागर कलेक्टर संदीप जीआर को फोन लगाया और तुरंत गेहूं खरीदी केंद्र शुरू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल समय पर बेचने का पूरा अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पटवारी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्थाओं की कमी के कारण किसानों को मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही खरीदी व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू नहीं की गई, तो कांग्रेस किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन करेगी। किसानों ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते खरीदी शुरू नहीं हुई, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। खुले में पड़ी फसल खराब होने का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर खरीदी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, किसान तब तक संतुष्ट नहीं हैं जब तक जमीन पर व्यवस्थाएं शुरू होती हुई नजर नहीं आतीं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन कितनी तेजी से हालात सामान्य कर पाता है और किसानों की गेहूं खरीदी सुचारू रूप से कब तक शुरू हो पाती है।