छतरपुर, संजय अवस्थी। साइबर अपराधों के प्रभावी निराकरण और विवेचना को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम छतरपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। पुलिस उपमहानिरीक्षक छतरपुर रेंज विजय कुमार खत्री ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों को साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक तरीके से विवेचना करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई, संबंधित बैंक खातों को समय पर फ्रीज कराने, ठगी गई राशि को वापस दिलाने की मनी रिस्टोर प्रक्रिया, अकाउंट रिस्टोर, ई-जीरो एफआईआर और नियमित एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
डीआईजी ने साइबर वित्तीय अपराधों से संबंधित लंबित और निराकृत प्रकरणों की समीक्षा भी की। इस दौरान साइबर ठगी के नए तरीकों, उनके प्रभावी निराकरण और पीड़ितों को जल्द राहत पहुंचाने के उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को NCRP, CEIR सहित अन्य साइबर पोर्टल और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
पुलिस अधीक्षक छतरपुर रजत सकलेचा ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और साइबर अपराध की शिकायतों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रशिक्षण एवं समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले सहित जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।




